पाकिस्तान से आने वाली बहू-बेटियों का हमेशा स्वागत है: सुषमा स्वराज

नई दिल्ली. सुषमा स्वराज विदेशों में फंसे भारतीयों की मदद करने के लिए जानी जाती हैं। इसके लिए नरेंद्र मोदी भी उनकी तारीफ कर चुके हैं। एक शख्स के ट्वीट के जवाब में सुषमा ने कहा, “भारत की बेटियों और पाकिस्तान या किसी भी देश बहुओं का भारत में हमेशा स्वागत है।”
ट्विटर पर कई लोगों की मदद कर चुकी हैं सुषमा…

– ट्विटर पर सुषमा कई लोगों की मदद कर चुकी हैं। जुलाई में सुषमा ने पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के ओसामा अली को भारत आने का मेडिकल वीजा दिया था। ओसामा को ट्यूमर था और वह दिल्ली आकर इलाज कराना चाहता था।
– जून में सुषमा ने पाक के 4 महीने के बच्चे रोहान को मेडिकल वीजा दिया था। इस बच्चे की नोएडा के जेपी हॉस्पिटल में हार्ट सर्जरी हुई थी। रोहान के माता-पिता ने सुषमा का शुक्रिया अदा किया था।
क्या था मामला?
– एक शख्स ने सुषमा को ट्वीट किया था कि वह मुंबई में रहता है और उसने पिछले साल पाकिस्तानी लड़की से शादी की थी। वीजा दिलाने में उसकी मदद की जाए।
सुषमा की कोशिशों से भारत लौटी थी उज्मा
– जबरदस्ती निकाह के बाद पाकिस्तान में फंसी दिल्ली की लड़की उज्मा 26 मई को भारत लौटी थी।
– सुषमा स्वराज ने दिल्ली में उज्मा से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा, “भारत की बेटी का घर में स्वागत है।”
– सुषमा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी, जिसमें उज्मा और उसकी मदद करने वाले भारतीय हाईकमीशन के अफसर जेपी सिंह भी मौजूद थे। उज्मा ने कहा कि पाकिस्तान मौत का कुआं है।
2-4 दिन और रुकती तो मार दी जाती
– उज्मा ने कहा था, “मैं अनाथ हूं। एडॉप्टेड डॉटर हूं। आज पता चला कि मेरे बारे में सोचने वाले कई लोग हैं। सुषमा मैडम मुझे लगातार फोन कर भरोसा दिलाती थीं। उन्होंने बार-बार कहा था- बेटी घबराओ मत, हम तुम्हारे लिए लड़ रहे हैं। मैं वहां दो-चार दिन और रुकती तो मार दी जाती या बेच दी जाती।”
– “मैं वहां से निकल कर आ गई। लेकिन वहां, बुनेर में कई विदेशी लड़कियां कैद हैं। वहां के ज्यादातर लोग मलेशिया में रहते हैं। वहीं से लड़कियां लाकर पाकिस्तान में कैद कर लेते हैं। मैं अब किसी लड़की को पाकिस्तान जाने की सलाह नहीं दूंगी। फिर चाहे वो मुस्लिम ही क्यों ना हो।”
– “मैं कई दिन तक इंडियन हाईकमीशन में रही। सुषमा मैम ने अफसरों से कहा था- कुछ भी हो जाए, बेटी को ताहिर को मत सौंपना। वो विदेश मंत्री हैं, लेकिन मेरी हर एक तारीख और बात उन्हें याद रहती थी। उन्होंने कोर्ट में सुनवाई से पहले कहा- बेटी डरना मत तुम देश की बेटी हो, मेरी बेटी हो।”
– “पाकिस्तान जाना आसान है, लेकिन जिंदा लौटना मुश्किल। पाकिस्तान मौत का कुआं है। लड़कियां सोचती हैं कि वहां मुस्लिम कल्चर है तो पाकिस्तान अच्छा होगा। मैं कहती हूं कि वहां औरत तो क्या आदमी भी सेफ नहीं हैं। वो नर्क है।”