पाकिस्‍तान के खिलाफ निंदा प्रस्‍ताव पास

नई दिल्‍ली: आतंकी अफजल गुरु की फांसी के खिलाफ पाकिस्तान की संसद में निंदा प्रस्ताव पारित होने पर देश बेहद गुस्से में हैं.

अफजल गुरु की फांसी पर पाकिस्तान की संसद में पारित निंदा प्रस्ताव के खिलाफ आज लोकसभा में सर्वसम्मित से निंदा प्रस्ताव पास किया गया है. ये प्रस्ताव लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार की तरफ से लाया गया.

लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार की ओर लाए गए प्रस्ताव में पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने के लिए आगाह किया गया.

अध्यक्ष मीरा कुमार ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा, ‘यह सदन भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप को अस्वीकार करता है और पाकिस्तान की नेशनल असेम्बली से कहता है कि वह उग्रवादी और आतंकी तत्वों को समर्थन करने वाले ऐसे कृत्यों से बाज आए.’

भारत ने साफ शब्दों में कहा है कि पाक अधिकृत कश्मीर समेत पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा.

प्रस्ताव में कहा गया, ‘यह सदन दोहराता है कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले क्षेत्र सहित पूरा जम्मू-कश्मीर राज्य भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा भारत का अभिन्न अंग रहेगा.’

इसमें चेतावनी दी गई कि किसी भी ओर से भारत के अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप करने के प्रयास का हमारा देश पूरी दृढ़ता और पूरी एकता के साथ जवाब देगा.

प्रस्ताव में कहा गया, ‘यह सदन पाकिस्तान के राष्ट्रीय असेम्बली द्वारा 14 मार्च 2013 को पारित प्रस्ताव को पूर्णत: अस्वीकार करता है. सदन इसका संज्ञान लेता है कि पाकिस्तान ने यह प्रतिबद्धता जताई थी कि वह अपनी भूमि का भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने देगा और इस प्रतिबद्धता को पूरा करना ही पाकिस्तान के साथ शांतिपूर्ण संबंधों का आधार हो सकता है.’ पूरे सदन ने सर्वसम्मति से इस प्रस्ताव का समर्थन किया.

वहीं, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कहा है कि पाकिस्तान ने अब तो सारी हदें पार कर दी हैं और उसके साथ बातचीत बंद होनी चाहिए.

अरुण जेटली ने कहा, ‘पाकिस्‍तान की संसद में पारित प्रस्‍ताव में भारत में हुए आतंकी हमले से सहानुभूति जताई गई है. मुझे लगता है कि हमें पाकिस्‍तान से कोई बातचीत नहीं करना चाहिए.’

गौरतलब है कि पाकिस्तान की नेशनल असेम्बली ने गुरुवार को अफजल को फांसी दिए जाने की निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया था. यही नहीं पाकिस्‍तान ने अफजल के शव को उसके परिवार के हवाले करने की मांग भी की.

इसके साथ ही भारत के अंदरूनी मामले में दखल देते हुए जम्मू-कश्मीर के हालात पर भी टिप्पणी की गई.

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