पिछले डेढ़ साल में शुरू की गई हैं कई नई योजनाएं: लोगों ने जताया विश्वास

शहरी लोगों की नई अपेक्षाओं और उनकी जरूरत को केन्द्र में रखकर छत्तीसगढ़ में नगरीय क्षेत्रों का विकास किया जा रहा है। नई सरकार का लोगों के सामाजिक और आर्थिक जरूरतों पर ज्यादा फोकस है। राज्य सरकार जल्द ही दिल्ली की मोहल्ला क्लिनिक तर्ज पर राज्य के शहरी क्षेत्रों के मोहल्लों एवं वार्डों में सहज रूप से स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से इंदिरा डायग्नोस्टिक सेंटर और नागरिक सेवाओं की घर पहुंच सेवा जैसे कार्यों के लिए नई योजनाएं प्रारंभ करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व और नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया के मार्गदर्शन में जल्द ही इन योजनाओं पर अमल शुरू किया जाएगा।

शहरी जरूरतों के अनुरूप ही राज्य में नगरीय सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री मितान योजना की तैयारी की गई है। इन महात्वाकांक्षी योजनाओं से शहरी क्षेत्रों के रहवासियों को अपने छोटे-छोटे शासकीय कार्यों जैसे मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र जैसे कार्यों के लिए शासकीय कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, बल्कि ये सेवाएं न्यूनतम शुल्क लेकर सीधे उनके घर तक पहुंचाकर दी जाएगी।

राज्य के बड़े शहरों में लोगों की भागम-भाग जीवन शैली को देखते हुए उनके आम समस्याओं के निराकरण के लिए मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय प्रारंभ किए गए हैं। इन कार्यालयों के माध्यम से  साफ-सफाई, निर्माण कार्य, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छ पेयजल आदि समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। अब तक 14 नगर निगमों में 101 मुख्यमंत्री वार्ड कार्यालय संचालित किए जा रहे हैं।

शहरी क्षेत्रों में परंपरागत रूप से विभिन्न सेवाएं देने वाले लोग वर्षों से उपेक्षित रहे हैं। उन्हें भी राहत दी गई है। उनके जीवन यापन को सरल बनाने के लिए पौनी पसारी योजना में उनके व्यवसाय के लिए चबूतरा बनाए गए हैं। योजना में 79 नगरीय निकायों में 31 करोड़ 37 लाख रूपए की लागत से 122 बाजारों का निर्माण किया जा रहा है।

शहरों में मवेशी के कारण होने वाली दुर्घटना को रोकने के लिए नगरों में भी गौठान बनाए जा रहे हैं और गोधन न्याय योजना में मवेशियों के गोबर  क्रय करने की व्यवस्था की गई है। इसे मिशन क्लीन सिट कार्यक्रम से भी जोड़ दिया गया है। इस योजना के तहत एसएलआरएम सेंटर का उन्नयन करते हुए 377 गोधन न्याय सह गोबर खरीदी केंद्र घोषित किया गया है। घर-घर कचरा संग्रहण और इन कचरो का उपयोग खाद बनाने में किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ ओडीएफ प्लस प्लस के रूप में देश में पहले स्थान बना पाने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की हैं।

शहरी गरीब परिवारों को भी नई सरकार द्वारा उनके काबिज भूमि का पट्टा तथा वर्षों से मिले पट्टों को फ्रीहोल्ड कर मालिकाना हक दिया जा रहा है। नए मालिकाना हक में एक नवंबर  2018 के पहले काबिज शहरी गरीबों को 30 साल का पट्टा दिया जा रहा है इससे गरीब परिवारों की खुशहाली का माहौल है। इन परिवारों को 600 सौ से एक हजार वर्गफीट का मालिकान हक मिल रहा है। पट्टाधारी के पट्टे के मूल क्षेत्रफल से 50 प्रतिशत अधिक क्षेत्रफल तक काबिज भूमि का नियमितीकरण भी किया जा रहा है।

शहरी गरीब और मजदूरों के लिए उनके चौखट पर ही स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए नए कलेवर में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना संचालित की जा रही है। प्रथम चरण में सभी 14 नगर निगमों में 70 मोबाइल मेडिकल यूनिट एंबुलेंस के जरिए डॉक्टर का दल अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है। इस योजना में आम नागरिकों को मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा मेडिकल कैंप के माध्यम से मुफ्त में परामर्श, उपचार, दवाइयां एवं दैनंदिन होने वाले टेस्ट की सुविधा प्रदान की जा रही है।

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