पिज्जा 10 मिनट में पहुंच जाता है, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी आधा घंटा लेती है

लुधियाना.पूरे पंजाब का फायर सिस्टम देखने की जिम्मेदारी सिर्फ एक क्लर्क के जिम्मे हैं। अब लोकल बॉडीज मिनिस्टर फायर ब्रिगेड को डायरेक्टोरेट बनाने जा रहे हैं। मतलब फायर ब्रिगेड निगम और कौंसिल अफसरों से आजाद होकर कॉरपोरेशन बनेगा। इसके लिए पूरा सिस्टम अलग से तैयार होगा। यह ऐलान लोकल बॉडीज मिनिस्टर नवजोत सिंह सिद्धू ने किया। वे रविवार को सीएमसी में एडमिट चार जख्मी फायरमैनों का हालचाल पूछने आए थे।
सिद्धू ने कहा कि पंजाब में फायर प्रिवेंशन एक्ट भी लागू किया जाए…
बिल्डिंग को फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट जारी करने पर करोड़ों की कमाई होगी। यह पैसा भी फायर ब्रिगेड का खर्चा पूरा करेगा। फायर ब्रिगेड सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार से 40 करोड़ देने के लिए कहा था, लेकिन केंद्र सरकार ने 40 करोड़ जारी कर दिए और 50 करोड़ देने का आश्वासन दिया है। आने वाले दिनों में लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट 80 करोड़ का टेंडर लगाने जा रहा है। सिद्धू के अनुसार पंजाब की आबादी इस समय 2.77 करोड़ हैं। ऐसे में नियमों के अनुसार 500 फायर टेंडर चाहिए। लेकिन बादल सरकार की मेहरबानी का नतीजा हैं कि 40 फायर टेंडर की अपग्रेड हो सके हैं। अब उनकी सरकार ऐसा नहीं होने देगी, पंजाबियों को अति आधुनिक फायर ब्रिगेड सिस्टम मिलेगा। इस मौके पर सांसद रवनीत बिट्टू, एमएलए भारत भूषण आशू, संजय तलवार, जिला प्रधान गुरप्रीत गोगी भी मौजूद थे।
पिछली बादल सरकार ने सूबे में फायर फाइटिंग सिस्टम की तरफ ध्यान नहीं दिया। पिज्जा तो घर में 10 मिनट में पहुंच जाता है, लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ी आठ घंटे लेती है। इसका सबसे बड़ा कारण पिछली सरकार की लापरवाही है। सिद्धू ने कहा कि केंद्र सरकार ने पंजाब में फायर सिस्टम को मॉडर्न बनाने के लिए साल 2009 से 2013 तक 4.60 करोड़ जारी किए। पंजाब सरकार ने सिर्फ 60 लाख इस्तेमाल किए। इसी तरह डिजास्टर मैनेजमेंट के तहत 629 करोड़ की ग्रांट जारी हुई। इसमें 91 करोड़ सिर्फ फायर ब्रिगेड के लिए थे। बादल सरकार ने 17 करोड़ खर्च किए। 17.60 करोड़ कहां खर्च किए, इसके यूटीलाइजेशन सर्टिफिकेट सरकार को भेजे नहीं गए। नतीजतन सेंट्रल गवर्नमेंट ने पंजाब को रेड जोन कैटेगरी में डाल दिया। बाकी बचे 78 करोड़ की ग्रांट वापस हो गई।
लोकल बॉडीज के जो अफसर या मुलाजिम बीते चार साल से एक सीट पर बैठे हैं, उनका ट्रांसफर तय है। चाहे वह किसी नेता का कितना भी चहेता क्यों हो। सरकार ने लोकल बॉडीज के तहत काम करने वाले सभी मुलाजिम और अफसरों का डाटा कलेक्ट कर लिया है। आने वाले दिनों एक के बाद एक ट्रांसफर होंगे। रविवार को लोकल बॉडीज मिनिस्टर नवजोत सिद्धू ने दैनिक भास्कर के साथ बातचीत के दौरान यह खुलासा किया। सिद्धू ने साफ किया कि डिपार्टमेंट में वही अफसर टिकेगा, जो काम करेगा और वह भी ईमानदारी से। वहीं, सीवरेज-पानी करोड़ों रुपए बकाया होने पर नवजोत सिद्धू का कहना है कि इसका जवाब पहले अफसरों को देना होगा, क्योंकि तीन महीने बाद बिल भेजने की जिम्मेदारी अफसरों की है। 10 साल से कोई बिल नहीं भेजा गया। अब बिल भेजे जा रहे हैं। वहीं, पब्लिक को बकाया बिल राशि अदा करने के लिए कुछ रियायत देने की पॉलिसी पर काम चल रहा है। उन्हें किश्तों में बिल अदा करने के लिए कहा जाएगा।