पीएम मोदी ने लॉन्च कीं 4 लाख करोड़ रुपए के बजट वाली तीन अर्बन स्कीम्स

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को शहरी विकास से जुड़ी तीन मुख्य योजनाएं लॉन्च कीं। तीनों ही योजनाएं अर्बन इंडिया (शहरी भारत) से जुड़ी हुई हैं। इनमें 100 स्मार्ट सिटी बनाने, 500 शहरों के लिए अटल शहरी पुनर्जीवन-परिवर्तन मिशन और 2022 तक शहरी इलाकों में सभी के लिए घर बनाने की योजना शामिल हैं। इन तीन स्कीम्स को लॉन्च किए जाने के मौके पर मोदी ने कुछ अहम बातें कहीं।
पीएम मोदी के भाषण की अहम बातें
* प्राइवेट प्रॉपर्टी डेवलपर्स इस बात का फैसला नहीं कर सकते कि शहर का विकास कैसे होना चाहिए।
* भारत की 40 फीसदी आबादी या तो शहरी केंद्रों में रहती है या आजीविका के लिए इन पर निर्भर रहती है।
* हम अपने देश के गरीब लोगों को नसीब पर नहीं छोड़ सकते हैं।
* हर शहरी गरीब को इस लायक बनाया जाएगा कि उनके पास अपना घर होगा।
* शहरीकरण पर 25-30 साल पहले भी काम हो सकता था। शहरीकरण को एक अवसर के रूप में अगर काम किया गया होता तो आज स्थिति कुछ और होती।
* पुराने अनुभवों के आधार पर निराश होकर बैठने की जरूरत नहीं है।
* हम सही रास्ते पर हैं और किसी तरह की कानूनी या आर्थिक समस्या पेश आई तो उसे हल कर लिया जाएगा।
* पहली बार ऐसा हो रहा है कि अपनी सिटी को स्मार्ट बनाने के लिए फैसला राज्य या केंद्र सरकार नहीं, बल्कि नगर निगम और आम लोग मिलकर लेंगे।
किस स्कीम के लिए कितना बजट
* स्मार्ट सिटी : 48 हजार करोड़ रुपए
* अमृत सिटी : 50 हजार करोड़ रुपए
* आवास योजना : 03 लाख करोड़ रुपए
किस राज्य में कितनी स्मार्ट सिटी बनेंगी
राज्य का नाम कुल कितने शहर संभावित स्मार्ट सिटी
मध्यप्रदेश 07 भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, बुरहानपुर, गुना और जबलपुर। (एक नाम तय होना बाकी है)
उत्तरप्रदेश 13 कानपुर, इलाहाबाद, लखनऊ, झांसी, फैजाबाद, आगरा, वाराणसी। (बाकी नाम तय होने हैं)
महाराष्ट्र 10 पुणे, मुंबई, नागपुर, नाशिक, औरंगाबाद, शिर्डी, जलगांव, भिवंडी एवं दो और।
गुजरात 06 अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, जूनागढ़, गांधीनगर।
राजस्थान 04 जयपुर, अजमेर, भरतपुर, बीकानेर, जोधपुर, कोटा, उदयपुर। (इनमें से चार)
झारखंड 01 जमशेदपुर, धनबाद, रांची (में से कोई एक)
पंजाब 03 लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला। (में से तीन)
बिहार 03 मुजफ्फरपुर, पटना, गया, भागलपुर, बिहारशरीफ (में से तीन)
हरियाणा 03 फरीदाबाद, गुड़गांव, पानीपत और अंबाला ( में से तीन)
कर्नाटक 06 बेंगलुरु, गुलबर्गा, बीदर, बीजापुर, बदामी, पट्टादकल, महाकुटा (में से छह)
आंध्र प्रदेश 03 गुंटूर, विजयवाड़ा, कुर्नूल, चित्तूर (में से तीन)
तमिलनाडु 12 चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरई, तिरुचिरापल्ली, सलेम, तिरुनेवल्ली (बाकी तय होने हैं)
हिमाचल 01 शिमला
उत्तराखंड 03 देहरादून, हरिद्वार, रूड़की
पश्चिम बंगाल 04 कोलकाता, दुर्गापुर, हल्दिया, हावड़ा, जंगीपुर
स्मार्ट सिटीज़ बनाने पर फोकस क्यों?
शहरी विकास मंत्रालय के कॉन्सेप्ट नोट के मुताबिक, देश में अभी शहरी आबादी 31% है लेकिन इसकी भारत के जीडीपी में हिस्सेदारी 60% से ज्यादा है। अनुमान है कि अगले 15 साल में शहरी आबादी की जीडीपी में हिस्सेदारी 75% होगी। इस वजह से 100 स्मार्ट सिटीज़ बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
क्या हैं स्मार्ट सिटी के बुनियादी सिद्धांत?
सरकार ने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को तीन सिद्धांताें पर तैयार किया है।
1. क्वालिटी ऑफ लाइफ
स्मार्ट सिटी में रहने वाले हर व्यक्ति को क्वालिटी लाइफ मिले। यानी किफायती घर हो, हर तरह का इन्फ्रास्ट्रक्चर हो। पानी और बिजली चौबीसों घंटे मिले। एजुकेशन के ऑप्शंस हों। सुरक्षा हो। एंटरटेनमेंट और स्पोर्ट्स के साधन हों। आसपास के इलाकों से अच्छी और तेज कनेक्टिविटी हो। अच्छे स्कूल और अस्पताल भी मौजूद हों।
2. इन्वेस्टमेंट
स्मार्ट सिटी में वहां मौजूद ह्यूमन रिसोर्स और नैचुरल रिसोर्स के मुताबिक पूरा इन्वेस्टमेंट भी आए। बड़ी कंपनियों को वहां अपनी इंडस्ट्री लगाने के लिए सुविधाएं और सहूलियत मिले। उन पर टैक्स का ज्यादा बोझ न हो।
3. रोजगार
स्मार्ट सिटी में इन्वेस्टमेंट ऐसा आए जिससे वहां या आसपास रहने वाले लोगों को रोजगार के पूरे मौके मिलें। स्मार्ट सिटी के अंदर रहने वालों को अपनी आमदनी के लिए उस इलाके से ज्यादा दूर नहीं जाना पड़े।
जो सुविधाएं आजादी के बाद से अब तक आपको नहीं मिलीं, वे स्मार्ट सिटी में दिलाने के दावे
स्मार्ट सिटी में ट्रांसपोर्ट, रेसिडेंशियल, बिजली-पानी, हेल्थ, एजुकेशन की सुविधाएं देने के लिए कुछ मानक तय किए गए हैं।
1. ट्रांसपोर्ट
– स्मार्ट सिटी के अंदर एक स्थान से दूसरे स्थान जाने का ट्रेवल टाइम 45 मिनट से ज्यादा न हो।
– कम से कम 2 मीटर चौड़े फुटपाथ हों।
– रिहाइशी इलाकों से 800 मीटर की दूरी या 10 मिनट वॉक पर बस या मेट्रो की सुविधा हो।
2. रिहाइश
– 95% रिहाइशी इलाके ऐसे हों जहां 400 मीटर से भी कम दूरी पर स्कूल, पार्क और रीक्रिएशन पार्क मौजूद हों।
– 20% मकान आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए हों।
– कम से कम 30% रिहाइशी और कमर्शियल इलाके बस या मेट्रो स्टेशन से 800 मीटर की दूरी के दायरे में ही हों।
3. बिजली और पानी
– स्मार्ट सिटी में 24*7 पानी और बिजली सप्लाई हो।
– 100% घरों में कनेक्शन हों। सारे कनेक्शनों में मीटर लगा हो।
– लागत में नुकसान न हो। यानी कोई बिजली-पानी चोरी न कर पाए।
– प्रति व्यक्ति कम से कम 135 लीटर पानी दिया जाए।
4. वाई फाई कनेक्टिविटी
– 100% घरों तक वाईफाई कनेक्टिविटी हो।
– 100 एमबीपीसी की स्पीड पर वाईफाई पर मिले।
5. हेल्थ
– स्मार्ट सिटी में इमरजेंसी रिस्पॉन्स टाइम 30 मिनट से ज्यादा न हो।
– हर 15 हजार लोगों पर एक डिस्पेंसरी हो।
– एक लाख की आबादी पर 30 बिस्तरों वाला छोटा अस्पताल, 80 बिस्तरों वाला मिडियम अस्पताल और 200 बिस्तरों वाला बड़ा अस्पताल हो।
– हर 50 हजार लोगों पर एक डायग्नोस्टिक सेंटर हो।
5. एजुकेशन
– 15% इलाका एजुकेशनल इंस्टिट्यूट्स के लिए हो।
– हर 2500 लाेगों पर एक प्री-प्रायमरी, हर 5000 लोगों पर एक प्रायमरी, हर 7500 लोगों पर एक सीनियर सेकंडरी और हर एक लाख की आबादी पर पहली से 12वीं क्लास तक का एक इंटिग्रेटेड स्कूल हो।
– सवा लाख की आबादी पर एक कॉलेज हो।
– 10 लाख की आबादी पर एक यूनिवर्सिटी, एक इंजीनियरिंग कॉलेज, एक मेडिकल कॉलेज, एक प्रोफेशनल कॉलेज और एक पैरामेडिकल कॉलेज हाे।
किन राज्यों को मिलेगा अमृत योजना का फायदा?
यूपीए के जवाहरलाल शहरी नवीनीकरण मिशन की तरह एनडीए सरकार ने भी अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेँशन योजना (अमृत) शुरू की है। इस पर पांच साल में 50 हजार करोड़ रुपए खर्च होने हैं। शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू के मुताबिक एक लाख या उससे अधिक आबादी वाले 500 शहरों को एएमआरयूटी परियोजना के लिए चुना जाएगा।
राज्य
शहर
आंध्र प्रदेश
31
राजस्थान
30
पश्चिम बंगाल
28
बिहार
27
ओडिशा और हरियाणा
19-19
केरल
18
पंजाब
17
तेलंगाना
15
छत्तीसगढ़
10