पुलवामा हमले से पाकिस्तान ने झाड़ा पल्ला, उल्टे भारत पर लगाए आतंकवाद फैलाने के आरोप

पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुआ आतंकी हमले के बाद भारत की कूटनीतिक दबाव का जवाब देने के लिए पाकिस्तान की सेना प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही है. पाकिस्तान की सेना ने  पुलवामा में हुए हमले का लेकर कहा हम भर बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं और इसमें हमारा कोई हाथ नहीं है. उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर पाकिस्तान ने भारत पर ही आतंकवाद फैलाने का आरोप लगा दिया. पाकिस्तानी सेना ने भारत पर आरोप मढ़ते हुए कहा कि पाकिस्तान में हर बड़े इवेंट से पहले भारत इस तरह के आरोप लगाता है. पाकिस्तान की सेना ने भारत में होने वाले आम चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि चुनाव के वक्त ही ऐसी घटनाएं भारत में क्यों होती है. अप्रत्यक्ष तौर पर हमले के लिए भारत को ही जिम्मेदार बताते हुए पाकिस्तानी सेना ने कहा कई स्तर की सुरक्षा के बावजूद आखिर हमला कैसे हुआ. आपको बता  दें कि 14 फरवरी को दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर जो हमला हुआ था उसमें 40 जवान शहीद हो गए थे और पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इसकी जिम्मेदारी ली थी जिसका सरगना मौलाना मसूद अजहर है.

जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आतंकी हमले में 40 जवानों के शहीद होने के बाद पाकिस्तान पर भारत का चौतरफा दबाव बढ़ता जा रहा है. इस हमले के लिए आर्थिक और कूटनीतिक स्तर पर नुकसान उठा चुके पाकिस्तान को अब इसके जवाब में भारत की तरफ से किसी बड़ी सैन्य कार्रवाई का भय सता रहा जिसको लेकर इस्लामाबाद में इमरान सरकार ने सुरक्षा को लेकर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई

इमरान खान ने पाकिस्तान सेना को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा है. इसके साथ ही भारत की किसी भी सैन्य कार्रवाई पर जवाब देने के लिए खुली छूट दी है. पीटीआई के मुताबिक अगर भारत कोई भी कार्रवाई करता है तो पाकिस्तान सेना उसका मुंहतोड़ जवाब देगी.

पाकिस्तानी न्यूज चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक इस मीटिंग में कथित तौर पर भारतीय जासूस कुलभूषण जाधव पर इंटरनेशल कोर्ट ऑफ जस्टिस के आने वाले फैसले को लेकर भी गंभीरता से मंथन हुआ. पाकिस्तान कुलभूषण जाधव को भारत का जासूस और और वहां आतंकी वारदातों में शामिल होने का दोषी मानता है.

वहीं दूसरी तरफ भारत पाकिस्तान के खिलाफ किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले उसे कूटनीतिक स्तर पर कमजोर करने में लगा हुआ जो बेहद सफल भी हो रहा है. आज भारत ने अपने हिस्से में तीन नदियों के पानी जो पाकिस्तान की तरफ बहता है उसे पंजाब की तरफ मोड़ने का फैसला किया है. इतना ही नहीं भारत पहले ही पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन चुका है और पाकिस्तान से आने वाले सामान पर भी इंपोर्ट ड्यूटी को बढ़ाकर 200 फीसदी कर दिया है. इससे पाकिस्तान की आर्थिक तौर पर कमर टूटती हुई दिख रही है क्योंकि वाघा अटारी बॉर्डर पर पाकिस्तान से आने वाले अरबों के सीमेंट और छुहारे से लटे करीब 300 से ज्यादा ट्रक खड़े हैं जिन्हें भारत में प्रवेश नहीं करने दिया गया है. इससे पाकिस्तान के कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है.