पुलिस आरक्षक ग्रेड पे वृध्दि-कांग्रेस ग्वालियर-चंबल में लाभ लेने की जुगत में !

  • कमलनाथ सरकार ने वचन पुरा नहीं किया,अब कांग्रेस विधायक लिख रहे शिवराज को पत्र

शैलेन्द्र सिंह पंवार, इन्दौर। कांग्रेस के वचन पत्र में शामिल पुलिस आरक्षकों के ग्रेड पे का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, पिछले दिनों इस संदर्भ में 24 विधायक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख चुके है। माना जा रहा है कि 27 विधानसभा उपचुनाव को ध्यान में रख कांग्रेस इस मामले को हवा दे रही है, क्योंकि 16 सीटें ग्वालियर-चंबल अंचल की है और यहां पुलिस सेवा का बढ़ा क्रेज है।

पुलिस आरक्षक के पद पर भर्ती होते ही 1900 का ग्रेड पे मिलता है,ये वर्षों ले लागू है, जिसमे 10-10 साल के अंतराल में वृध्दि होती है। मप्र में पुलिस आरक्षकों को अन्य राज्यों की तुलना में सबसे कम ग्रेड पे दिया जा रहा है, इसकी वृध्दि को लेकर पहले भी मांग उठाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक वृध्दि नहीं हो सकी है। 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने इसे वचन पत्र में शामिल किया था, लेकिन 15 माह में भी कमलनाथ सरकार इसे लागू नहीं कर सकी। अब एक बार फिर इस मांग ने जोर पकड़ा है, पिछले दिनों में कांग्रेस विधायक कांतिलाल भूरिया, पीसी शर्मा व जीतू पटवारी सहित 24 विधायक ग्रेड पे को 1900 से 2400 करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिख चुके है। इसमे 4 भाजपा व 1 निर्दलिय विधायक भी शामिल है। आने वाले दिनों में इनकी संख्या और बढ़ सकती है।

27 में से 16 विधानसभा सीटें ग्वालियर-चंबल अंचल से है और यहां की जीत-हार ही शिवराज सरकार का भविष्य तय करेगी। इस अंचल के बड़ी संख्या में हर आयु वर्ग के लोग पुलिस सेवा में है। साथ ही यहां के हजारों युवक-युवतियां प्रदेश के अन्य जिलों में भी पुलिस सेवा में कार्यरत है। एक तरह से इस अंचल में पुलिस सेवा का बढ़ा क्रेज है। सूत्रों की माने तो ग्वालियर-चंबल अंचल में लाभ लेने के लिए ही कांग्रेस ने ग्रेड पे में वृध्दि करने की मांग को हवा दी है। हालांकि अभी आर्थिक स्थितियां ग्रेड पे बढ़ाने की नहीं है, लेकिन शिवराज सरकार ग्रेड पे में वृध्दि करती है या नहीं, दोनों ही स्थिति में कांग्रेस लाभ लेने की जुगत में रहेगी। पिछले दिनों आरक्षक भर्ती को लेकर यहां के हजारों युवा भोपाल में प्रदर्शन भी कर चुके है।

★ साप्ताहिक अवकाश कागजों पर
वचन पत्र में कांग्रेस ने ग्रेड पे में वृध्दि के साथ ही पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने की बात भी कही थी, इसके आदेश भी जारी हो गए थे, लेकिन अमल ही नहीं हो सका। क्योंकि अधिकांश थाना क्षेत्रों में बल की कमी है। सीनियर पुलिस अधिकारी रोटेशन में साप्ताहिक छुट्टी का प्लान बनाने की कोशिश में थे, लेकिन ये प्लान कागजों से आगे ही नहीं बढ़ सका।

★ 5 माह से अवकाश नहीं
कोविड 19 के चलते अप्रैल-मई माह में पुलिसकर्मियों ने फिल्ड में 12 से 14 घंटे तक की ड्यूटी दी है, उस अवधि में इनके अवकाश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था, जो आज भी जारी है। इसको लेकर भी पुलिसकर्मियों में रोष है, कई तो डिप्रेशन में भी है। जबकि शासन दूसरी अन्य सेवाओं में कार्यरत कर्मचारियों को बिते दो माह से लगातार राहत दे रहा है।

★ भाजपा वचन निभाएगी
इस मामले में भाजपा के एक प्रदेश पदाधिकारी ने कहा कि हम वचन करने में नहीं, निभाने में विश्वास करते है, पुलिसकर्मियों की अगर कांग्रेस को इतनी ही चिंता होती तो सप्ताहिक छुट्टी के साथ ही ग्रेड पे में भी वृध्दि करती, शिवराज सरकार स्थितियां अनुकूल होते ही ग्रेड पे में वृध्दि की योजना बनाएगी।

★ इन विधायकों ने लिखे पत्र
मनोज चावला, हर्ष विजय गेहलोत, शिवदयाल बागरी, मुकेश पटेल, बापू सिंह तंवर, दिलीप सिंह गुर्जर , कांतिलाल भूरिया, जीतू पटवारी, कलावती भूरिया, पीसी शर्मा, नीरज विनोद दीक्षित, अशोक मर्सकोले, बैजनाथ कुशवाह, महेश परमार, कुणाल चौधरी, नारायण सिंह पट्टा, तरबर सिंह, मुरली मोरवाल, वालसिंह मेड़ा, गोपाल सिंह (सभी कांग्रेस)। पहाड़ सिंह कन्नौजे, देवीलाल धाकड़, धर्मेन्द्र लोधी व विक्रम सिंह (सभी भाजपा)। हीरालाल अलावा (निर्दलिय)।।

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