पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान दत्तक पुत्री को देखने विदिशा के गांव पहुंचे; परिजनों को ढांढस बंधाया

विदिशा. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने अपनी पत्नी साधना सिंह चौहान के साथ मुखर्जीनगर स्थित अपने श्री सुंदरदेवी सेवा आश्रम की जिस बेटी भारती उम्र 26 साल को उसकी दो अन्य बहनों प्रीति और सुमन के साथ 20 साल तक पाल-पोसकर बड़ा किया। करीब 14 महीने पहले धूमधाम से विवाह के बाद उसका कन्यादान किया, उसकी गुरुवार को समय पर इलाज नहीं मिलने से मौत हो गई। उसे घबराहट और उल्टी की शिकायत थी। शार्ट पीएम में उसकी मौत का कारण छाती से इंफेक्शन बताया जा रहा है। 

गुरुवार को ही घटना की सूचना नपाध्यक्ष मुकेश टंडन ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को दी लेकिन वे रायपुर में होने के कारण तुरंत विदिशा नहीं पहुंच सके। बाद में रात करीब 8 बजे वे विदिशा के रंगई गांव पहुंचे और भारती के परिजनों से मिलकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। पूर्व सीएम चौहान की पत्नी साधना सिंह चौहान और उनके बेटे कार्तिकेय चौहान दोपहर 3 बजे विदिशा पहुंच गए थे। यहां वे भारती की ससुराल पक्ष के लोगों के साथ रंगई गांव में अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए। 1 मई 2018 को उसकी शादी कराई गई थी। 

समय पर इलाज नहीं मिलने पर हुई मौत 
भारती को गुरुवार को सुबह करीब 10.30 बजे उसकी सास उर्मिला बाई और पति रविंद्र वर्मा प्राइवेट क्लीनिक में डा.मंजू जैन के पास उल्टी और घबराहट होने की शिकायत पर इलाज कराने लाए थे। सवा घंटे तक इलाज के इंतजार में भारती सुबह 11.45 बजे क्लीनिक में ही बेहोश हो गई तो डॉ. मंजू जैन ने उसका पुराना पर्चा देखकर जिला अस्पताल में सिविल सर्जन डॉ. संजय खरे के पास ले जाने को कहा। वहां परिजन बेहोशी की हालत में भारती को लेकर गए तो ड्यूटी डॉ. विवेक गुप्ता ने चैकअप करने के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। डॉ. विवेक गुप्ता का कहना था कि भारती जब उनके पास आई थी तो उसकी मृत्यु पहले से हो चुकी थी। बाद में 3 डॉक्टरों की टीम ने भारती का पीएम किया।