प्रधानमंत्री ने राष्‍ट्रीय वायु गुणवत्‍ता सूचकांक की शुरूआत की।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कहा है कि विश्‍व को जलवायु परिवर्तन के खतरों से बचाने में भारत को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए। आज नई दिल्‍ली में राज्‍यों के पर्यावरण और वन मंत्रियों के दो दिन के सम्‍मेलन में प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रकृति संरक्षण के प्रति भारत की संवेदनशीलता पर कोई सवाल नहीं उठा सकता। श्री मोदी ने कहा कि विश्‍व के प्रदूषण स्‍तर में भारत की भागीदारी बहुत कम है।

धरती और पर्यावरण की रक्षा के लिए लोगों से जीवनशैली में बदलाव की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्णिमा की रात स्‍ट्रीट लाइट इस्‍तेमाल न करने जैसे छोटे छोटे कदमों से भी बड़े पैमाने पर बिजली की बचत हो सकती है। उन्‍होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों एक साथ चल सकते हैं।

प्रधानमंत्री ने वायु प्रदूषण की समस्‍या से निपटने के लिए राष्‍ट्रीय वायु गुणवत्‍ता सूचकांक की शुरूआत की। यह सूचकांक दिल्‍ली और मुम्‍बई सहित देश के दस बड़े शहरों में वायु की गुणवत्‍ता की जानकारी उपलब्‍ध करायेगा।

जनता से प्रकृति का दोहन न करने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभर में प्रकृति संरक्षण को प्रोत्‍साहित करने के लिए वातावरण होना चाहिए। समस्‍या की जड़ में मानव जाति जो कि उपभोग की तरफ आगे बढ़ती चली जा रही है, और जहां ज्‍यादा उपभोग की परम्‍परा है वहां सबसे ज्‍यादा प्राकृति का नुकसान होता है, जहां पर उपभोग की प्रवृत्ति कम है, वहां प्राकृति का शोषण भी कम होता है । और इसलिए हम जब तक अपने लाइफ स्‍टाइल के सम्‍बन्‍ध में फोकस नहीं करेंगे और दुनिया में इस एक बात को केन्‍द्र बिन्‍दु में नहीं लायेंगे, हम शायद बाकी सारे प्रयासों के बावजूद भी। लेकिन ये जो बहुत आगे बढ़ चुके देश हैं उनके गले उतारना जरा कठिन है।