प्रवासी मजदूरों काे काम देंगे, बनेगा जाॅब कार्ड

भोपाल. प्रदेश में प्रवासी मजदूरों का जाॅब कार्ड बनाकर उन्हें काम दिया जाएगा। उनका पंजीयन होगा ताकि उन्हें मनरेगा के अंतर्गत काम दिया जा सके। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की स्थिति की समीक्षा के दौरान कही। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पंजीयन में इस बात का स्पष्ट उल्लेख हो कि मजदूर कुशल, अकुशल अथवा अर्द्धकुशल है। हर मजदूर को योग्यता के अनुसार काम दिया जाए। चौहान ने कहा कि हर जिले में यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी किसान गेहूं समर्थन मूल्य पर बेचने से वंचित न रहे। गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। प्रदेश में अभी तक 13 लाख 60 हजार किसानों से 98 लाख 14 हजार मीट्रिक टन गेहूं उपार्जित किया जा चुका है। अपर मुख्य सचिव आईसीपी केशरी ने बताया कि अभी तक 4 लाख 63 हजार मजदूर मप्र लौटे हैं। अभी 50 हजार की वापसी संभावित है।

कमलनाथ का पलटवार- आज भी सड़कों पर दर-दर भटक रहे हैं मजदूर 
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मजदूरों को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि शिवराज जी आप कह रहे हैं कि कोई मजदूर भूखा- प्यासा व पैदल चलता नहीं दिखेगा। हमने कारगर इंतजाम किए हैं। इतना बड़ा झूठ व मजदूरों के नाम पर ऐसा मजाक, शर्म करिए। आज भी प्रदेश के सभी प्रमुख मार्ग व सीमाएं हजारों मजदूरों से भरे पड़े हुए है।

वीडी शर्मा ने कहा-प्रियंका से पूछें- महाराष्ट्र से लोगों को क्यों भगा रहे
इधर, प्रवासी मजदूरों को लेकर कांग्रेस के बयान के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा कि अगर कमलनाथ में हिम्मत है तो वे अपने नेता सोनिया गांधी, राहुल और प्रियंका से पूछें कि महाराष्ट्र से मजदूरों को अमानवीय तरीके से बेदखल क्यों किया जा रहा है?

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