प्राकृतिक आपदा की घड़ी में प्रदेश सरकार का पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री श्री चौहान

tatpar भोपाल : बुधवार, जून 19, 2013,

श्री चौहान ने ली आपात बैठक : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से फोन पर की चर्चा, श्रद्धालुओं को सुरक्षित लाने जनसम्पर्क मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा के नेतृत्व में विशेष विमान से जायेगा सात सदस्यीय दल

 

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उत्तराखंड प्राकृतिक आपदा में फंसे मध्यप्रदेश के श्रद्धालुओं को सुरक्षित लाने तथा राहत और बचाव कार्य के लिये जनसम्पर्क, संस्कृति मंत्री श्री लक्ष्मीकांत शर्मा के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों का दल भेजने के निर्देश दिये हैं। यह सात सदस्यीय दल 20 जून को सुबह विशेष विमान से उत्तराखंड रवाना हो रहा है। इस दल में चिकित्सक भी शामिल हैं। यह दल हरिद्वार में मध्यप्रदेश के प्रभावित लोगों के लिये नियंत्रण कक्ष स्थापित करेगा और उन्हें सकुशल घर वापस पहुंचाने के लिये हरसंभव मदद उपलब्ध करायेगा।

विशेष दल में शामिल अधिकारियों में भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री संजय गोयल (मोबा नं. 0719007400), भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी श्री प्रमोद वर्मा (मोबा नं. 09752271777), श्री उमाशंकर भार्गव (मोबा नं. 09425168757), तहसीलदार श्री चंद्रशेखर श्रीवास्तव (मोबा नं. 09425493131), कम्पनी कमाण्डर श्री रंजीत राठौर, जनसंपर्क मंत्री के निज सचिव श्री दिधेन्द्र भार्गव (मोबा नं. 09425026197) शामिल है। दल के साथ जा रहे अधिकारियों से उनके मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यहाँ बुलाई आपात बैठक में उत्तराखंड से प्राप्त अद्यतन समाचार और स्थिति की समीक्षा के बाद विशेष दल भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से दूरभाष पर बात की और ताजा स्थिति की जानकारी ली। श्री चौहान ने प्रभावितों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुये कहा कि प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार पूरा सहयोग करेगी। ज्ञात हो कि मुख्यमंत्री की घोषणा के परिपालन में इस आपदा में राहत कार्यों के लिये उत्तराखंड सरकार को 5 करोड़ रूपये की सहायता दी गई है।

श्री चौहान ने प्रदेश से तीर्थ यात्रा पर गये श्रद्धालुओं की परिजनों से अपील की है कि इस आपदा की घड़ी में धैर्य रखें राज्य शासन प्रदेश के तीर्थ यात्रियों को सकुशल वापस लाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। इसके लिये सभी जरूरी इंतजाम किये जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि प्रदेश के कोइ तीन हजार तीर्थ यात्री उत्तराखंड में हैं।

मुख्यमंत्री ने जरूरत पड़ने पर निजी हेलीकॉप्टर उपलब्ध करवाने की संभावना पर विचार करने के निर्देश दिये। उत्तराखंड में अभी सेना के 29 हेलीकॉप्टर राहत कार्यों में लगे हैं। प्रभावितों को भोजन उपलब्ध कराने का काम प्राथमिकता के साथ किया जा रहा है।

मध्यप्रदेश का दल स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन दलों के सम्पर्क में रहेगा। प्रभावित परिवारों को भोजन, वस्त्र, दवा, पैसे आदि हरसंभव सहायता उपलब्ध करायेगा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के प्रभावित लोगों के लिये गायत्री पीठ, पंतजलि योगपीठ एवं अन्य स्थानों पर अस्थायी कैम्प बनाने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने गायत्री पीठ के श्री प्रणव पण्ड्या एवं पंतजलि योगपीठ के बाबा रामदेव से भी चर्चा कर प्रभावित श्रद्धालुओं को हरसंभव सहायता देने का आग्रह किया।

प्रदेश में बाढ़ प्रभावित मध्यप्रदेश के लोगों के संबंध में जानकारी देने के लिये कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। जिसका नम्बर 0755-2556422 है। प्राप्त जानकारी के अनुसार इंदौर के टाप ट्रेवल्स से उत्तराखंड गये सभी 40 यात्री सुरक्षित बताये गये हैं। हाटकपुरी चंदेरी से गये 20 तीर्थ यात्री भी सुरक्षित हैं। कंट्रोल रूम के प्रभारी जिला सेनानी श्री संतोष जाट हैं जिनका मोबाइ नम्बर 09926769808 है। मुख्यमंत्री ने परिजनों की सहायता एवं जानकारी के लिये स्थापित नियंत्रण में टेलीफोन की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिये हैं।

मुख्यमंत्री के आपात बैठक के बाद मुख्य सचिव ने उत्तराखंड के मुख्य सचिव से बात की और दल के सदस्यों से चर्चा की। उन्होंने भोपाल में एडीजी आपदा प्रबंधन डॉ. विजय कुमार सिंह के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिये। उन्होंने मध्यप्रदेश भवन में आवासीय आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह से भी समन्वय और सम्पर्क में रहने के निर्देश दिये।

बैठक में मुख्य सचिव श्री आर.परशुराम, प्रमुख सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव, एडीजी इंटेलीजेंस श्री विवेक जौहरी, एडीजी आपदा प्रबंधन डॉ. विजय कुमार सिंह, सचिव श्री एस.के. मिश्रा, भोपाल कलेक्टर श्री निंशात बरबड़े, उपस्थित थे।