प्रियंका ने मुझसे मुलाकात में पूछा- ऐसा क्यों किया और रो पड़ीं

चेन्नई. राजीव गांधी की हत्या की दोषी करार दी गई नलिनी श्रीहरन (51) का अपनी किताब में दावा है कि अपने पिता के बारे में बात करते हुए प्रियंका गांधी रो पड़ी थीं। नलिनी के मुताबिक, ‘प्रियंका ने मुझसे पूछा- तुमने ऐसा क्यों किया? और वे रो पड़ी।’ नलिनी जेल में 25 साल बिता चुकी हैं। 2008 में नलिनी से मिली थीं प्रियंका…
– एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, नलिनी ने इस वाकये को अपनी किताब ‘राजीव मर्डर: हिडन ट्रुथ्स एंड प्रियंका’ में बताया है।
– 2008 में प्रियंका ने नलिनी से वेल्लोर की जेल में मुलाकात की थी।
– किताब को एमडीएमके नेता वाइको ने गुरुवार को रिलीज किया।
क्या लिखती हैं नलिनी?
– नलिनी कहती हैं, ‘प्रियंका जब मुझसे मिलने जेल आईं तो बिना पलक झुकाए दो मिनट तो मुझे देखती रहीं। वे खामोश थीं। जब मैंने उन्हें देखा तो उनके गाल लाल थे।’
– नलिनी का ये भी कहना है, ‘प्रियंका के होंठ थरथरा रहे थे। उन्होंने पूछा- तुमने ऐसा क्यों किया? मेरे पिता एक अच्छे आदमी थे। वे नरमदिल थे। आप लोग उनसे बातचीत कर मसला हल कर सकते थे। इसके बाद वे रो पड़ीं।’
– नलिनी के मुताबिक, ‘मुझे उम्मीद नहीं थी कि वे रो पड़ेंगी। मुझे पता है कि आंसुओं का दर्द क्या होता है।’
नलिनी ने प्रियंका को क्या जवाब दिया?
– ‘मैं, कुछ नहीं जानती। मैं आज तक चीटीं को भी नुकसान नहीं पहुंचाया। हालात के चलते मैं जेल में हूं। किसी को नुकसान पहुंचाने के बारे में मैं सपने में भी नहीं सोच सकती।’
– नलिनी और प्रियंका की मुलाकात करीब 85 मिनट चली थी।
– नलिनी बताती हैं कि इस दौरान वे ज्यादातर चुप ही रहीं और बातें सुनती रहीं। लेकिन दूसरे दोषियों के बारे में बात करने के दौरान वे गुस्से में आईं।
– नलिनी ने अपनी किताब में प्रियंका के साथ मुलाकात पर दो चैप्टर लिखे हैं।
– नलिनी का दावा है कि प्रियंका ने केस के सिलसिले में बात की थी। साथ ही ये भी कहा कि नलिनी, उसके पति और दूसरे दोषियों से बयानों पर जबरन दस्तखत कराए गए थे।
– बता दें कि 2000 में सोनिया गांधी के चलते नलिनी की मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया गया। उसकी बेटी मेगारा यूके में रहती है।
कैसे हुई थी राजीव गांधी की हत्या?
– 1991 में तमिलनाडु के श्रीपेरम्बुदूर में एक चुनावी सभा के दौरान राजीव गांधी की एक सुसाइड बॉम्बर ने हत्या कर दी थी। नलिनी और उसके पति मुरुगन समेत 7 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
– बताया जाता है कि सुसाइड बॉम्बर का ताल्लुक लिट्टे से था। वह राजीव को माला पहनाने गई थी और पैर पड़ने के दौरान उसने धमाका कर दिया।
– नलिनी को राजीव के हत्यारों को मदद करने और शरण देने का दोषी पाया गया था।