फिलहाल नहीं बदलेगी टीम मोदी, 20 महीने में सरकार के 450 फैसलों पर हुआ अमल

नई दिल्ली. नरेंद्र मोदी फिलहाल कैबिनेट में बदलाव के मूड में नहीं हैं। पीएम का मानना है कि अब तक 459 फैसलों को लागू किया जा चुका है। मोदी को लगता है कि मंत्री अभी अच्छा काम कर रहे हैं, उनका हौसला बनाए रखना चाहिए। उन्होंने बुधवार को मंत्रियों के परफॉर्मेंस के रिव्यू के दौरान यह बात कही।
कब हाेना था कैबिनेट में फेरबदल…
– अमित शाह की बीजेपी प्रेसिडेंट पोस्ट पर दोबारा ताजपोशी से पहले ये खबरें आई थीं कि मोदी संसद के बजट सेशन से पहले या बाद में कैबिनेट में बदलाव कर सकते हैं।
– लेकिन एक अंग्रेजी अखबार ने एक मंत्री के हवाले से कहा, मोदी ने पीएमओ के आंकड़ों का जिक्र किया कि कैसे कैबिनेट के 548 में से 459 फैसलों को लागू किया जा चुका है।
– कैबिनेट सेक्रेटरिएट के एक अफसर ने बताया कि अभी सरकार का बजट सेशन में अहम बिलों को पास कराने पर है।
हर महीने करेंगे रिव्यू
– मोदी ने मंत्रियों से यह भी साफ कह दिया कि वे हर महीने के आखिरी बुधवार को रिव्यू मीटिंग करेंगे। ये मीटिंग्स एग्रीकल्चर, इन्फ्रास्ट्रक्चर और सोशल एंड कोर सेक्टर्स पर होगी।
– बीते बुधवार की मीटिंग में एग्रीकल्चर, रूरल डेवलपमेंट, वॉटर रिसोर्सेस, गंगा रिजुवनेशन, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रिब्यूशन और केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स मिनिस्ट्री के कामकाज पर चर्चा हुई।
क्यों उठी थी कैबिनेट में बदलाव की चर्चा…
– पिछले हफ्ते रॉयटर्स की खबर में कहा गया था कि अरुण जेटली दोबारा डिफेंस मिनिस्टर बन सकते हैं।
– पीयूष गोयल को प्रमोट कर फाइनेंस मिनिस्टर बनाया जा सकता है।
– इसके पीछे वजह यह बताई गई थी कि मोदी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स में तेजी चाहते हैं। उन्हें लगता है कि इसके लिए टीम में फेरबदल जरूरी है।
– बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद से आरएसएस सरकार की इमेज को लेकर परेशान है।
– आरएसएस की तरफ से दबाव है कि काम नहीं कर पा रहे मंत्रियों को हटाया जाए, ताकि आने वाले चुनावों से पहले सरकार की इमेज सुधरे।
– मोदी सरकार ने जॉब्स और ग्रोथ को लेकर कई वादे किए थे। लेकिन डेढ़ साल बाद भी इन पर कोई खास काम नहीं दिख रहा।
– इन्वेस्टमेंट बढ़ाने के मकसद से हुए रिफॉर्म्स की रफ्तार धीमी है। इकोनॉमी भी कमजोर पड़ी है।
– दो साल से पड़ रहा सूखा भी रूरल ग्रोथ की राह में बड़ी रुकावट बना है।
मोदी ने अब तक सिर्फ एक बार किया है बदलाव
– मोदी और उनकी कैबिनेट ने 26 मई, 2014 को शपथ ली थी।
– उसके बाद से सिर्फ एक बार नवंबर, 2014 में कैबिनेट में बदलाव हुआ।
– तब बड़े चेहरों में शिवसेना से आए सुरेश प्रभु और गोवा के सीएम रहे मनोहर पर्रिकर को कैबिनेट में शामिल किया गया था।
टीम मोदी में अभी कहां से कितने मंत्री?
– 66 मंत्रियों में से 13 उत्तर प्रदेश से।
– 8 बिहार से।
– 7 महाराष्ट्र से।
– 8 महिलाएं मोदी के कैबिनेट में।
– 34 मंत्री स्पेशलिस्ट, इनमें 15 वकील।
– 73 साल थी मनमोहन सरकार के मंत्रियों की एवरेज एज।
– 59 साल है अब मोदी मंत्रिमंडल के मेंबर्स की औसत उम्र।
– 7 मंत्री संघ से जुड़े हैं।
जेटली से फाइनेंस पोर्टफोलियो छीने जाने की चर्चा क्यों थी?
– रॉयटर्स के मुताबिक, जेटली टैक्‍स रिफॉर्म्‍स को आगे बढ़ाने में नाकाम रहे हैं।
– डेवलपमेंट तो तेजी से हो रहा है, लेकिन नौकरियों के मौके नहीं बढ़ रहे।
– जेटली इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स के बीच मोदी के रिफॉर्म मैसेज को पहुंचाने में कामयाब रहे हैं, लेकिन डोमेस्टिक लेवल पर फेल हुए हैं।
पीयूष गोयल की दावेदारी मजबूत क्यों थी?
– गोयल के पास राजनीतिक और चुनावी तजुर्बा कम है। लेकिन वे अच्छे कम्युनिकेटर हैं। मोदी के कई विदेश दौरों पर वे उनके साथ रहते हैं।
– इन्वेस्टमेंट बैंकर से नेता बने गोयल ने कोल इंडिया का चेहरा बदल दिया है।
– गोयल ने देश भर में बिजली सप्लाई सुधारने के मामले में भी अच्छा काम किया है।
– सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के सीनियर फेलो राजीव कुमार बताते हैं, “गोयल अच्छा काम कर रहे हैं। लेकिन यह कहना मुश्किल है कि वे फाइनेंस पोर्टफोलियो में भी अच्छा काम कर पाएंगे।’