फेरीवालों से मिले राहुल, बीजेपी बोली- पार्टटाइम पॉलिटिशियन का पॉलिटिकल प्रपंच

नई दिल्ली: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सोमवार सुबह दिल्ली के रघुबीर नगर इलाके में रहने वाले फेरीवालों से मिलने पहुंचे और उनकी समस्याएं जानीं। फेरीवालों से मुलाकात से पहले राहुल ने यहां मंदिर में पूजा भी की। उनके साथ कांग्रेस नेता अजय माकन और पीसी चाको भी थे। राहुल को देखने के लिए भारी भीड़ जुटी। उधर, बीजेपी ने इस मुद्दे पर कांग्रेस और राहुल पर जमकर निशाना साधा। बीजेपी प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा, ”यह पार्ट टाइम पॉलिटिशियन का पॉलिटिकल प्रपंच है। कांग्रेस पार्टी के लीडर्स को अगर लोगों की तरक्की की इतनी चिंता थी तो बीते दस सालों से यूपीए सरकार लूट में क्यों व्यस्त थी? पटरी पॉलिटिक्स से उनकी राजनीति पटरी पर नहीं आने वाली।”
राहुल ने मांग की कि फेरीवालों को हैरेसमेंट से बचाने के लिए कानून लाया जाए। राहुल गांधी ने बताया, ”फेरीवालों को दुकान लगाने के लिए शहर में जगह नहीं दी जा रही है। इसके अलावा, उनके शेड्स हटाए जा रहे हैं। यही समस्याएं सुनने के लिए मैं यहां आया हूं। इस मामले में हम कुछ रास्ता निकालेंगे। हम सरकार पर दबाव बनाएंगे और गरीबों को उनका हक दिलाएंगे।” राहुल काफी अच्छे मूड में दिखे। एक बुजुर्ग महिला की फरियाद सुनने के बाद उन्होंने कहा कि जब आपने आदेश दे दिया है तो जरूर कुछ करेंगे। मीडिया के पूछने पर उन्होंने महिला को अपना दोस्त बताया।
कांग्रेस की मांग
संसद के दोनों सदन में बीते साल स्ट्रीट वेंडर्स (प्रोटेक्शन ऑफ लाइवलीहुड एंड रेगुलेशन ऑफ स्ट्रीट वेन्डिंग) बिल पास हुआ। इस बिल को यूपीए सरकार 2012 में लेकर आई। कानून का मकसद स्ट्रीट वेंडर्स को पुलिस और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन के शोषण से बचाना था। इस बिल में वेंडर्स को रोजगार का हक और सिक्योरिटी देना भी था। कांग्रेस ने कहा है कि केजरीवाल सरकार बनने के बाद वेंडर्स को परेशान करने के कई मामले सामने आए हैं और ‘आप’ सरकार को स्ट्रीट वेंडर्स लॉ तुरंत लागू करना चाहिए।

माकन ने कहा, तुरंत लागू हो कानून
दिल्ली कांग्रेस चीफ अजय माकन ने कहा, “वेंडर्स को पहले से ज्यादा परेशान किया जा रहा है। इसकी वजह यह है कि हमने जो कानून बनाया था उसे केजरीवाल सरकार लागू नहीं कर रही है। वेंडर्स से पुलिस और लोकल एडमिनिस्ट्रेशन पैसा वसूलती हैं। हमारी मांग है कि जितनी जल्दी हो सके दिल्ली में कांग्रेस सरकार द्वारा बनाया गया स्ट्रीट वेंडर्स लॉ लागू किया जाए।” नए कानून के मुताबिक, दिल्ली की कुल पॉपुलेशन में से 2.5 फीसदी वेंडर्स को लाइसेंस जारी किए जा सकते हैं। कांग्रेस का आरोप है कि दिल्ली में पांच लाख वेंडर्स हैं लेकिन किसी को भी नए कानून के तहत लाइसेंस या सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया है।