बंगाल में PM मोदी की रैली में पंडाल गिरने की रिपोर्ट: ममता सरकार की गंभीर लापरवाही

पश्चिम बंगाल के मिदनापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली के दौरान पंडाल गिरने की घटना की जांच में बड़ी सुरक्षा चूक सामने आई है. 16 जुलाई को हुई इस रैली की सुरक्षा व्यवस्था में सूबे की ममता बनर्जी सरकार ने गंभीर लापरवाही बरती थी. मामले की जांच कर रही उच्चस्तरीय टीम और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है.

इसमें कहा गया कि पीएम मोदी की सुरक्षा में ब्लू बुक रूल्स का उल्लंघन किया गया. रैली से पहले न ही पुलिस कर्मियों को ब्रीफ किया गया और न ही कोई रिहर्सल की गई, जबकि नियमानुसार पीएम की रैली में तैनात सुरक्षा कर्मियों को ब्रीफ किया जाना आवश्यक है. इसके अलावा रैली के आयोजकों और जिला प्रशासन के बीच कोई कॉआर्डिनेशन नहीं था, जोकि बेहद जरूरी है.

पीएम मोदी की रैली के पंडाल को बनाने से जिला प्रशासन और पीडब्ल्यूडी ने खुद को अलग रखा. साथ ही पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन ने इस बाबत जरूरी प्रमाण पत्र भी नहीं उपलब्ध कराया, जबकि पीएम की रैली में इन दोनों विभाग की सक्रिय भूमिका रहती है. पंडाल बनाने से लेकर उसकी देखरेख तक की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं दोनों विभागों की होती है.

इतना ही नहीं, रैली में तैनात पुलिस कर्मियों ने पंडाल में लगे पोल पर लोगों को चढ़ने तक से नहीं रोका और मूकदर्शक बने रहे, जिसके चलते पंडाल गिर गया. इस हादसे में 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे.

इसके अतिरिक्त रैली स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी दूसरे जिले के एसपी को सौंपी गई थी. मोदी की रैली का पंडाल गिरने के बाद मिदनापुर के एसपी घटनास्थल पर पहुंचे. इसके साथ ही आईजी/डीआईजी स्तर का कोई सीनियर अधिकारी भी रैली स्थल पर मौजूद नहीं रहा. रैली स्थल पर जिलाधिकारी तक उपस्थित नहीं रहे.

मालूम हो कि पश्चिम बंगाल के मिदनापुर के कॉलेज ग्राउंड में 16 जुलाई को पीएम मोदी किसान रैली को संबोधित कर रहे थे, तभी पंडाल का एक हिस्सा गिर गया था. इसमें 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे. घायलों को बाद में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद पीएम मोदी घायलों को देखने के लिए खुद अस्पताल पहुंचे थे.

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