बंग्लादेश में जमात-ए-इस्लामी नेता मोहम्मद कमरुज्जमा को फांसी।

बांग्लादेश में 1971 के मुक्ति संग्राम के दौरान मानवता के खिलाफ अपराधों के लिए कल रात जमात-ए-इस्लामी के नेता मोहम्मद कमरुज़मां को ढाका सेंट्रल जेल में कड़ी सुरक्षा के बीच फांसी दे दी गई। इस महीने की 6 तारीख को सुप्रीम कोर्ट ने कमरुज़मां की मौत की सज़ा पर पुनर्विचार करने की याचिका खारिज की।

देश भर में स्वतंत्रता सेनानियों, और मुक्ति संग्राम के लाखों शहीदों के रिश्तेदारों ने जमात-ए-इस्लामी नेता मोहम्मद कमरुज़मां की फांसी पर संतोष व्यक्त किया है। सत्तारूढ अवामी लीग के नेताओं ने फैसले पर संतोष व्यक्त किया, जबकि बंग्लदेश नेशनलिस्ट पार्टी ने कोई टिप्पणी नहीं की। जमात-ए-इस्लामी ने विरोध में कल देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद और यूरोपीय संघ ने बांग्लादेश सरकार से मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदलने का विशेष अनुरोध किया था। किसी भी अप्रिय को रोकने के लिए राजधानी ढाका और समूचे देश में सुरक्षा व्यवस्था कडी कर दी गयी है।

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