बच्चों की पॉकेटमनी हो या नौकर की पगार, कार्ड सौंपें और कराएं रीचार्ज

Tatpar 7/jan/2014

भोपाल. अब आपको दूसरे शहर में पढ़ रहे बच्चों को पैसे भेजने और घर के नौकर या फैक्टरी के कर्मचारियों को वेतन देने के लिए हर माह पैसे निकालने की जरूरत नहीं है। बस खुद के बैंक खाते से प्रीपेड कार्ड इश्यू करवाकर उन्हें सौंप दें। वे इसे प्रीपेड डेबिट कार्ड की तरह इस्तेमाल कर एटीएम से रुपए निकाल सकेंगे। आप हर माह या जरूरत के मुताबिक मोबाइल बैलेंस की तरह इसे रीचार्ज करा सकते हैं। भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा जारी ये कार्ड बुधवार से राजधानी में मिलने लगेंगे। इसके लिए बैंक ने भोपाल (उदयांचल शाखा), इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, भिलाई और रायपुर का चयन किया है। 
बैंक के अनुसार यह कदम कैशलेस और सुरक्षित ट्रांजेक्शन के लिए उठाया गया है। बैंक के ग्राहक इस सुविधा के जरिए हर छोटी-मोटी जरूरत के लिए बैंक खाता खुलवाने से बच सकेंगे। साथ ही उन्हें बार-बार पैसा निकालने के लिए एटीएम बूथ भी नहीं जाना पड़ेगा।
वैधता: 10 साल तक 
-कितनी राशि : इन कार्ड पर एक बार में 100 रुपए से लेकर 25 हजार रुपए तक राशि डाली जा सकती है।
-शुल्क: कार्ड लेने और बदलने पर 102 रुपए।
-क्या कर सकते हैं: इस कार्ड का धारक एटीएम से पैसा निकाल सकता है। प्वाइंट ऑफ सेल (पॉस) में स्वैप करके
शॉपिंग भी कर सकता है।
-गिफ्ट कार्ड से इसलिए अलग : हर गिफ्ट कार्ड से एटीएम से पैसा नहीं निकाला जा सकता। अवधि सीमित होती है। अधिकतर कार्ड यूज एंड थ्रो नेचर के होते हैं।
कैसे इश्यू कराएं
एसबीआई के खाताधारक अपनी शाखा में एक आवेदन करके ये कार्ड इश्यू  करवा सकते हैं।
ये हैं फायदे 
-खाता खुलवाए बगैर बच्चों को पढ़ाई का खर्चा और कर्मचारियों को पेमेंट कर सकते हैं। खुद भी प्रीपेड कार्ड का उपयोग करें तो बैंक खाते की जमा राशि कार्ड खो जाने पर खतरे में नहीं पड़ेगी। सिर्फ प्रीपेड कार्ड की राशि ही खतरे में होगी।
-नए शहर में नौकरी करने जाने वाले कर्मचारियों के पास  कई बार पहचान पत्र और एड्रेस प्रूफ नहीं होते। ऐसे में उन्हें पेमेंट के लिए खाते खुलवाने में दिक्कत आती है। इन सबको इस कार्ड से सुविधा मिलेगी।
-लेन-देन में कैश निकालने की जरूरत कम पड़ेगी। इसलिए जेब में पैसा लेकर निकलने की जोखिम से छुटकारा मिलेगा।
-बैंक खाते में जमा कुल राशि सुरक्षित रहेगी।
ये कार्ड आम उपभोक्ताओं और उद्योग संचालकों के लिए लाभप्रद होंगे। अभी भोपाल के लिए 500 प्रीपेड कार्ड मंगवाए हैं। मांग को देखते हुए संख्या बढ़ाई जाएगी।