बजट की दिक्कत नहीं,फिर सड़क निर्माण कार्य क्यों धीमा

  • मामला विकास बैंक से वित्त पोषित सड़क का
  • ईएनसी ने लोनिवि डीविजन 2 के कार्यपालन यंत्री व एसडीओ को लगाई फटकार

शैलेन्द्र सिंह पंवार, इंदौर। विकास बैंक से वित्त पोषित देपालपुर क्षेत्र की एक सड़क के मामले में पिछले दिनों लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता (ईएनसी) शरतचन्द्र अग्रवाल ने इंदौर डीविजन 2 के कार्यपालन यंत्री व एसडीओ को फटकार लगाई है। इस सड़क के निर्माण में बजट की कोई दिक्कत नहीं है, उसके बाद भी निर्माण कार्य धीमी गति से चल रहा है। ईएनसी, एक जूनियर इंजीनियर के परिवार में गमी में बैठने इंदौर आए थे, इसी दौरान उन्होंने इस सड़क का निरीक्षण किया।

लोक निर्माण विभाग का डीविजन 2 विकास बैंक के आर्थिक सहयोग से देपालपुर क्षेत्र में बेटमा से सिकन्दरी तक करीब 25 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कर रहा है। इस सड़क का निर्माण चार पैकेज में होना है, कुल पैकेज 65 किलोमीटर का है और इसकी लागत 50 करोड़ से अधिक है। पैकेज के अंतर्गत इंदौर डीविजन 1 और धार डीविजन भी इसका निर्माण कर रहे है। गुजरात की कंपनी ने इसका ठेका लिया है। सूत्रों की माने तो पिछले दिनों विभाग के प्रमुख अभियंता शरतचन्द्र अग्रवाल ने इस सड़क का निरीक्षण किया था, उनके साथ चीफ इंजीनियर बीके चौहान, अधीक्षण यंत्री सीएस खरत व डीविजन 2 के कार्यपालन यंत्री शिवकुमार बंसल सहित संबंधित एसडीओ एसएन सोनी व उपयंत्री भी मौजूद थे। 2018 में इस सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था और 2 साल में इसे पुरी तरह निर्मित होना था, लेकिन 2 साल बितने के बाद भी सड़क नहीं बन सकी है, काम की गति बेहद ही धीमी है। तब उन्होंने मौके पर ही कार्यपालन यंत्री बंसल और देपालपुर एसडीओ सोनी को फटकार लगाई। ईएनसी ने काम की गुणवत्ता को लेकर भी कुछ प्रश्नचिन्ह लगाए है। इस सड़क के संदर्भ में उन्होने चीफ इंजीनियर व अधीक्षण यंत्री को भी निर्देश दिए है। बताते है सड़क निर्माण जिस गति से चल रहा है, उस लिहाज से इसे पुरी तरह से निर्मित होने में एक साल और लग सकते है। सबसे खास ये है कि इस सड़क निर्माण में बजट की भी दिक्कत नहीं है, क्योंकि ये विकास बैंक से वित्त पोषित है। जबकि कई सड़कों का निर्माण इसलिए ठप्प है, क्योंकि शासन से बजट ही नहीं मिल रहा है।

■ क्या कहते है जिम्मेदार
“ईएनसी को सड़क दिखाई गई थी, उन्होंने काम की गति तेज करने के निर्देश दिए है। इस सड़क में बजट की कोई समस्या नहीं है, फटकार जैसा कुछ नहीं है, सामान्य निरीक्षण था।”
@ बीके चौहान, चीफ इंजीनियर, लोनिवि इंदौर परिक्षेत्र
“ईएनसी निजी दौरे पर थे, सड़क देखने की बात कही थी, तब उन्हें ये सड़क दिखाई गई, काम की गति जरूर धीमी है। सड़कों के निर्माण में सीनियर अधिकारी ऐसे निर्देश देते रहते है।”
@ सीएस खरत, अधीक्षण यंत्री, लोनिवि इंदौर मंडल
“ईएनसी ने काम की धीमी गति को लेकर निर्देश दिए है, बारिश के कारण काम बंद था, कुछ तकनीकी कारण भी रहते है, अब फिर शुरू कर रहे है। फटकार जैसा कुछ नहीं है।”
@ शिवकुमार बंसल, कार्यपालन यंत्री, लोनिवि इंदौर 2

■ आर्थिक स्थिति दिसम्बर के बाद सुधरने के आसार
वैसे तो ईएनसी अग्रवाल का ये निजि दौरा था, वे एक जूनियर इंजीनियर के यहां गमी में बैठने आए थे, लेकिन इस बहाने उन्होंने विभागीय कामकाज की भी पड़ताल कर ली, इंदौर संभाग के सभी कार्यपालन यंत्रियों के साथ चीफ इंजीनियर कार्यालय में निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। उन्होने सभी कामों को समय पर पुरा करने के निर्देश दिए, बजट की स्थिति दिसम्बर के बाद ही सुधरने की बात कही। इंजीनियरों ने बताया कि भुगतान नहीं होने पर ठेकेदारों व्दारा कई काम बंद कर दिए गए है। रेसीडेंसी कोठी पर भी उन्होंने कुछ सीनियर इंजीनियरों से चर्चा की। इस संबंध में ईएनसी अग्रवाल से संपर्क नहीं हो सका है।।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *