बदनावर में भाजपा बैकफुट पर…!

  • चुनावी वातावरण खराब होने का अंदेशा,डेमेज कंट्रोल करना होगा

शैलेन्द्र सिंह पंवार इन्दौर। राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय पर वरिष्ठ नेता भंवर सिंह शेखावत के आरोपों से बदनावर विधानसभा उपचुनाव में भाजपा बैकफुट पर आ गई है, इन्दौर संभाग में सांवेर की तुलना में बदनावर को ज्यादा सुरक्षित माना जा रहा है, लेकिन यहां के पुर्व विधायक शेखावत के आक्रामक तेवरों से पार्टी हाल फिलहाल डेमेज कंट्रोल की स्थिति में है।

बदनावर को लेकर शेखावत शुरू से ही आक्रामक मूड में थे, पहले उन्होने परोक्ष रूप से भाजपा के संभावित उम्मीदवार राज्यवर्धन सिंह का विरोध किया, फिर उनको महत्व नहीं मिलने की बात भी कही, ये मामला जैसे-तैसे निपटा था कि बागी राजेश अग्रवाल की वापसी से वे एक बार फिर मुखर हो गए। इसको लेकर गत दिवस उन्होने विजयवर्गीय पर गंभीर आरोप लगाए थे, उन्होने कहा कि अग्रवाल के कारण ही वे पिछला चुनाव हारे थे, तब विजयवर्गीय उन्हे मनाने नहीं, मेरें पक्ष में दमदारी से चुनाव लडवाने के लिए गए थे। वे यहीं नहीं रूके विजयवर्गीय पर अग्रवाल को आर्थिक मदद करने के आरोप भी लगाए। शेखावत ने कहा कि विजयवर्गीय ने अपनी मनमर्जी से इन्दौर-उज्जैन संभाग की पांचों सीटों की जिम्मेदारी ले ली है, वे यहां पर पार्टी को जिताने की बजाए हराने की लिए काम करेंगे, क्योंकि उन्हे ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपनी ताकत दिखाना है। अग्रवाल ने पिछले विधानसभा चुनाव में धार जिले की बदनावर सीट से पार्टी से बगावत करते हुए चुनाव लड़ा था और 35 हजार से अधिक मत ले गए थे, ये ही मत भाजपा प्रत्याशी शेखावत की पराजय का कारण बने थे। वैसे तो शनिवार को ही यह मामला प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा व प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत के पास पहुंच गया था, लेकिन इसका अभी तक कोई निराकरण नहीं हो सका है। हालांकि प्रदेश संगठन ने अग्रवाल की वापसी को उचित माना है, जबकि शेखावत पर कार्रवाई के संकेत दिए है। इसके बाद शेखावत के भी कुछ तेवर ढ़ीले पड़े है, वहीं विजयवर्गीय इस पुरे विषय पर कुछ भी बोलने से बच रहे है, उन्होने अपनी बात संगठन तक पहुंचा दी है। वैसे अगले कुछ दिनों में ये मामला पुरी तरह से सामान्य जरूर हो जाएगा, लेकिन बदनावर उपचुनाव को लेकर फिलहाल तो पार्टी डेमेज कंट्रोल की स्थिति में आ गई है, कांग्रेस गदगद है, वहीं पार्टी को निचले स्तर पर भी कई पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को अब मनाना होगा। क्योंकि कई कार्यकर्ता पहले से ही राज्यवर्धन सिंह को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे, जबकि अनेक कार्यकर्ता अग्रवाल की बगावत से पहले से ही खिन्न थे, इनमे से अधिकांश शेखावत के ही समर्थक है। इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा व संगठन महामंत्री सुहास भगत से मोबाईल पर संपर्क नहीं हो सका है। जबकि शेखावत ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा से मिलने का समय मिला है, लेकिन दिल्ली में उनकी व्यवस्तता के चलते मुलाकात नहीं हो सकी है, उन्होने पहले भी संगठन स्तर पर अपनी बात रख दी थी और फिर से अपना पक्ष रख देंगे।

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