बाढ़ पीड़ितों के नुकसान की भरपाई सरकार करेगी: CM योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा है कि बाढ प्रभावित क्षेत्रों पर सरकार की पैनी नजर है और पीड़ितों को सुरक्षा,विस्थापन और खानपान की सुविधा मुहैया कराने के अलावा बाढ में जानमाल के नुकसान की भरपाई सरकार करेगी।

जिले के कर्नलगंज तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी के तेज बहाव के कारण आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। वहीं स्थिति का जायजा लेने आये मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को जमीन का तत्काल उचित मुआवजा मिलेगा। उन्होंने कहा कि बरसात का मौसम के वजह से प्रदेश में अतिवृष्टि के समाचार आ रहे है। घाघरा पर बने ऐल्गिन चडसड़ी तटबंध पर बराबर सरकार की निगाह है।

योगी ने प्रमुख सचिव और अन्य आला अधिकारियो एवं जनप्रतिनिधियों के संग समीक्षा बैठक के बाद पीड़तिों को संबोधित करते हुये कहा कि केन्द्र और प्रदेश सरकार बाढ़ और हर आपदा से चौबीस घंटे में राहत पहुंचा कर उन्हे सुरक्षित स्थानो पर पहुंचाने के लिये हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि घाघरा नदी पर बने तटबंध को बचाने का अथक प्रयास किया गया लेकिन लखनऊ,आसपास के क्षेत्रों और नेपाल में लगातार हो रही बारिश से बढ़े जलस्तर से दुर्भाग्यवश बधे का कुछ हिस्सा कट गया। बाढ़ पीड़ितों को ङ्क्षचतित होने की आवश्यकता नही है क्योंकि सरकार उनकी सुरक्षा, विस्थापन, खानपान और सभी प्रकार के क्षतिपूर्ति का काम कर रही है।

योगी ने कहा कि तटबंधों की सुरक्षा की जा रही है। उन्होंने बांध के प्रतिवर्ष टूटने के कारण आने वाली बाढ़ को लेकर बांध के स्थायी हल का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने पाल्हापुर बाढ़ चौकी के निकट प्राइमरी पाठशाला में बाढ़ की समीक्षा की पीड़तिों से रूबरू होकर उनकी व्यथा सुनी और राहत , बचाव , विस्थापन और क्षतिपूर्ति के लिये आश्वस्त कर ढांढस बंधाया।

उन्होंने बाढ़ राहत में शिथिलता, गड़बड़ी और किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षय होने की कड़ी चेतावनी देते हुये कहा कि बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदा से हो रहे नुकसान की भरपाई और पीड़ति परिवारों की हर प्रकार की सहायता के लिये सरकार हर समय तत्पर है। बंधा कटने की जांचोंपरान्त दोषी मिलने वाले अफसरों पर सरकार कड़ी से कड़ी कार्यवाही करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के लगभग बाढग़्रस्त सभी 27 जिलों में बाढ़ से निपटने की तैयारियों और बाढ़ ग्रस्त इलाकों में राहत की मानीटरिंग वे स्वयं कर रहे है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष कटे बांध के करीब पचास मीटर हिस्से पर रिंग बंधे का पुनर्निर्माण कराया गया था लेकिन सुरसा की तरह मुँह फैलाये घाघरा ने आखिरकार इस बार भी करोड़ो रूपये की लागत से निर्मित और मरम्मत कराये जा रहे बंधे को निगल लिया।

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