बातचीत से हल हो कश्मीर मुद्दा

नई दिल्ली. तुर्की के प्रेसिडेंट रीसेप तायिप एर्दोगन सोमवार को प्रणब मुखर्जी से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचे। वे नरेंद्र मोदी और सुषमा स्वराज से भी मुलाकात करेंगे। एर्दोगन ने सुझाव दिया है कि कश्मीर मसले के हल और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए भारत-पाकिस्तान को बातचीत करनी चाहिए।
एनएसजी मुद्दे पर होगी चर्चा…
– एर्दोगन और मोदी के बीच मुलाकात में न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत की दावेदारी को लेकर चर्चा होगी। बता दें कि पिछले साल सिओल में हुई प्लेनरी मीटिंग में चीन समेत 10 देशों के विरोध के चलते भारत को एनएसजी मेंबरशिप नहीं मिल पाई थी।
– एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में एर्दोगन ने कहा, “कश्मीर में और लोगों की मौत नहीं होनी चाहिए। मसले के हल के लिए दोनों पक्षों को मिलकर बात करनी चाहिए। ये कोशिश होनी चाहिए कि मुद्दा हमेशा के लिए हल हो जाए।”
– “अब ये भारत और पाकिस्तान के हित में है कि वे मसले को कैसे हल करते हैं और आने वाली पीढ़ी के लिए कुछ नहीं छोड़ते।”
और क्या बोले एर्दोगन?
– “किसी समस्या को सुलझाने के लिए पूरी दुनिया में बातचीत के अलावा कोई बेहतर ऑप्शन नहीं हैं।”
– “अगर हम ग्लोबल पीस के लिए काम करेंगे तो इसके बेहतर नतीजे मिलेंगे।”
– “भारत-पाक दोनों तुर्की के दोस्त हैं। हम डायलॉग प्रोसेस को मजबूत करना चाहते हैं। बीते 70 साल ये मुद्दा अटका हुआ है।”
‘कुर्दिश समस्या का कश्मीर से कोई रिलेशन नहीं’
– एर्दोगन ने कहा, “कुर्दिश समस्या को कश्मीर मुद्दे से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। हमें कुर्दिश लोगों से कोई समस्या नहीं है। अगर कोई प्रॉब्लम है तो वो है आतंकी संगठन।”
– “कुर्दिश समस्या महज एक टेरिटोरियल डिस्प्यूट है। जम्मू-कश्मीर में हालात अलग हैं। दोनों को जोड़कर देखना गलत होगा।”

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