बिहार के मुख्‍यमंत्री जीतन राम मांझी का विश्‍वास मत से पहले इस्‍तीफा।

बिहार के मुख्‍यमंत्री जीतनराम मांझी ने आज राज्‍य विधानसभा में विश्‍वासमत से पहले ही इस्‍तीफा दे दिया। राज्‍यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी को त्‍यागपत्र सौंपने के बाद श्री मांझी ने आरोप लगाया

कि उन्‍होंने विधानसभा अध्‍यक्ष उदय नारायण चौधरी के असंवैधानिक व्‍यवहार के विरोध में इस्‍तीफा दिया।

श्री मांझी ने कहा कि उनके पास सदन में अपना बहुमत सिद्ध करने के लिए जरूरी विधायक थे। और वे विश्‍वास मत हासिल कर सकते थे। उन्‍होंने श्री नीतीश कुमार और श्री लालू प्रसाद यादव पर आरोप लगाया कि दोनों नेता पहले भी दलितों की आवाज दबाते रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि यह उनके लिए महंगा पड़ेगा। उन्‍होंने कहा कि दलितों के साथ अन्‍याय बर्दाश्‍त नहीं करेंगे। श्री नीतीश कुमार ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी की योजना विफल हो गई है और जीतनराम मांझी को समर्थन की घोषणा से भाजपा का पर्दाफाश हो गया है। उधर, विधानसभा में विपक्ष के नेता नंद किशोर यादव ने कहा कि नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव फूट डालने में माहिर हैं और उनके दलित विरोधी रूख का पर्दाफाश हो गया है। श्री नीतीश कुमार ने आज पार्टी विधायकों की बैठक बुलाई है।