बुरे चरित्रों को दर्शाती रोमांटिक कॉमेडी ‘I मी और मैं’

आप खुद में खोए रहने वाले एक गैर जिम्मेदार लड़के के साथ कर भी क्या सकते हैं, जो सिर्फ अपने फौलादी सीने और फिल्मी मनोरंजन के लिए आदर्श भावमुद्रा पर ध्यान देता हो, जो अपनी मां, बहन व गर्लफ्रेंड के बल पर सफलता पाता हो तथा दोस्ती के लिए सब कुछ न्योछावर कर देता हो. ऐसे ही चरित्र वाले लड़के की रोमांटिक कहानी है ‘आई मी और मैं’ जिसमें हंसने के लिए बहुत कुछ है.

इस फिल्म में जॉन अब्राहम ने एक ऐसे आत्ममुग्ध किरदार को निभाया है जो अपने जीवन में कभी भी गिरने के लिए तैयार रहता है. ‘आई मी और मैं’ एक ऐसे कारपोरेटी वातावरण की कहानी है जहां महिलाओं को पुरुषों की ही तरह सफल होने की इजाजत है, भले ही वह सफलता किसी भी कीमत पर आए.

इसीलिए अनुष्का (चित्रांगदा) द्वारा ईशान (जॉन अब्राहम) को उसके कमरे में ही नहीं, बल्कि जीवन में भी अकेला छोड़ देने पर किसी को आश्चर्य नहीं होता. ईशान भी बिना समय गंवाए एक नए अपार्टमेंट में चला जाता है जहां वह बगल के अपार्टमेंट में रहने वाली गौरी (प्राची देसाई) से फ्लर्ट करना शुरू कर देता है.

भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए यह बेहद खतरनाक शुरुआत है. फिल्म का कोई भी चरित्र कहानी से ऊपर नहीं उठ पाया है. इन सबके बीच एक किरदार सबसे रोचक बन पड़ा है, वह है ईशान की स्टाइलिश बॉस बीना (राइमा सेन) का जो पूरे बिजनेस पर कब्जा कर लेती है और ईशान को उसके हाल पर छोड़कर चल देती है.

जॉन को ऐसे बददिमाग, चरित्रहीन किरदार में देखना रुचिकर है जिसे आप अपनी बेटी या बहन के साथ नहीं देखना चाहेंगे. जॉन ने बिना किसी झिझक के किरदार को निभाया है.

फिल्म में गाने कहीं भी चले आते हैं. वास्तव में ‘आई मी और मैं’ एक अच्छी रोमांटिक कॉमेडी है जो एक मतलबी लड़के और उसके जीवन में आने वाली दो खूबसूरत महिलाओं की कहानी है.