बुर्के पर बवालः दुकानदार ने खारिज किए दिग्गी के आरोप

Tatpar 25 Sep 2013

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को इंदौर में एक बिल दिखाकर भाजपा पर 10 हजार बुर्कों का ऑर्डर देने का आरोप लगाया, लेकिन शाम होते-होते सिंह के दावे झूठे दिखाई देने लगे।

सिंह ने जिस दुकानदार को ऑर्डर देने का दावा किया था उसने कांग्रेस नेता के आरोपों को खारिज कर दिया। दुकानदार सलीम खान ने दावा किया कि यह बिल नहीं, बल्कि कोटेशन है।

उसने कहा कि 23 सितंबर को एक शख्स उनसे दस हजार बुर्कों का कोटेशन लेकर गया था। जिसे बिल बताया जा रहा था। दुकानदार ने पुलिस को आवेदन देकर कहा है कि उसके कोटेशन का दुरुपयोग किया गया है।

कोटेशन को बिल बताया

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि भाजपा लखनऊ से टोपियां खरीद रही है और वह पार्टी की रैली में नकली मुसलमानों को बुर्के व टोपी में पेश करने की तैयारी कर रही है।

सिंह ने जीनत स्टोर्स का एक बिल देवेंद्र्र जैन के नाम से पेश किया था, जो बाद में झूठा साबित हुआ। दुकानदार ने कोटेशन की वह कार्बन कॉपी भी दिखाई, जिसकी मूल प्रति में हेराफेरी करके कोटेशन शब्द हटाया गया है और 23.09.13 को हेराफेरी करके 23.08.13 कर दिया गया है।

दुकानदार ने दावा किया कि भाजपा ने उसे कोई ऑर्डर नहीं दिया है। उनका कहना था कि दस हजार बुर्के बनाने में कम से कम एक महीने का समय लगेगा।

भाजपा ने किया पलटवार

दिग्विजय सिंह के सनसनीखेज खुलासे के बाद भाजपा ने पलटकर हल्ला बोल दिया है। प्रदेश के उद्योग मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सिंह सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा की ओर से कोई ड्रेस कोड नहीं लगाया गया और न ही किसी को टोपी-बुर्का पहनने को कहा गया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि 11 मुस्लिम नेताओं को लाल बत्तियां दी गई हैं। उन्हें राज्यमंत्री का दर्जा दिया गया है।

मुसलमानों के आने पर संदेह

भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष हिदायतुल्ला शेख दावा कर रहे हैं कि कम से कम 50,000 मुसलमान इस सभा में आएंगे। मुसलमानों को लेकर पैदा हुए विवाद के बाद मुसलिमों के इस महाकुंभ से दूरी बनाने की आशंका व्यक्त की जा रही है। नरेंद्र मोदी की उपस्थिति को लेकर भी मुसलमान विवाद में नहीं पड़ना चाहते।

मोदी ने गड़बड़ा दी रणनीति

मध्य प्रदेश में करीब 30 सीटों पर मुस्लिम मतदाताओं की बड़ी संख्या है। शिवराज सिंह चौहान ने अब तक अपनी सर्वधर्म समभाव की राजनीति पर काम किया है।

नरेंद्र मोदी को जन आशीर्वाद यात्रा से भी कमोबेश बाहर रखा गया था। पोस्टरों पर नरेंद्र्र मोदी कहीं दिखाई नहीं दिए थे। अब अचानक नरेंद्र मोदी के उभरने के बाद चौहान की रणनीति मुश्किल में दिखाई दे रही है।

भाजपा को लग रहा है कि कांग्रेस इस विवाद के जरिए ध्रुवीकरण करने में सफल हो सकती है। मध्य प्रदेश के आलोट, भोपाल, रायसेन, सीहोर जैसी कई विधानसभा सीटों पर मुसलिम मतदाता निर्णायक स्थिति में हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *