बैंक शेयरों में आई गिरावट, मुख्य आर्थिक सलाहकार बोले- घबराने की जरुरत नहीं

यस बैंक खाताधारकों को होली से पहले काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, भारतीय रिजर्व बैंक ने यस बैंक से पैसे निकालने की सीमा तय कर दी है। रिजर्व बैंक के इस फैसले के बाद लोगों ने एटीएम के बाहर लंबी लाइनें लगा ली हैं। हालात ऐसे हो गए है कि अब एटीएम में कैश खत्म होने लगा है। 

Yes Bank Updates


  • RBI गवर्नर शक्तिकांत  ने कहा कि हमने जो 30 दिन दिए हैं, वह बाहरी सीमा है, आपको RBI की तरफ से यस बैंक को पुनर्जीवित करने के लिए एक योजना बनाने के लिए बहुत तेज कार्रवाई दिखाई देगी।
    शुक्रवार सुबह से ही लोग एटीएम के बाहर खड़े हो गए हैं। बैंक ग्राहकों को इसलिए भी दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है क्योंकि, इंटरनेट बैंकिंग सिस्टम के जरिए ट्रांजेक्शन करने में भी असुविधा झेलनी पड़ी।  मुख्य आर्थिक सलाहकार कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यन बोले- मैं सभी जमाकर्ताओं को आश्वस्त करना चाहता हूं कि उनके फंड सुरक्षित रहेंगे, और घबराने की जरूरत नहीं है।   
  • यस बैंक के शेयर 14.50 रुपये की गिरावट के साथ 60.65% तक कम हुए। बैंक को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) निकासी की सीमा 50,000 रुपये तय की गई है।    
  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि ​​यह पूर्ण नियामक विफलता को दर्शाता है। मुझे आश्चर्य है कि क्या यह अंत है या लाइन में और अधिक लोग होंगे।  सरकार बिल्कुल चुप रहती है। आइए देखें कि Yes Bank के जमाकर्ता क्या करते हैं, मुझे लगता है कि वे पीएमसी बैंक के जमाकर्ताओं की तरह चिंतित हैं। देखते हैं अब क्या खुलासा होता है। 
  • RBI गवर्नर शक्तिकांत  ने कहा कि हमने जो 30 दिन दिए हैं, वह बाहरी सीमा है, आपको RBI की तरफ से यस बैंक को पुनर्जीवित करने के लिए एक योजना बनाने के लिए बहुत तेज कार्रवाई दिखाई देगी।
  • शुक्रवार सुबह से ही लोग एटीएम के बाहर खड़े हो गए हैं। बैंक ग्राहकों को इसलिए भी दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है क्योंकि, इंटरनेट बैंकिंग सिस्टम के जरिए ट्रांजेक्शन करने में भी असुविधा झेलनी पड़ी।
  • सुबह मुंबई के यस बैंक के फोर्ट और परेल ब्रांच एटीएम के बाहर लोगों की लंबी लाइन लग गई। ऐसा ही हाल बाकी जगहों पर भी देखने को मिला। हाली का त्यौहार होने के कारण लोग बैंक के इस फैसले से काफी परेशान हो गए हैं।
  • जैसे ही गुरुवार रात दक्षिण मुंबई के होरनिमान सर्कल में एटीएम बंद थे। वहीं कुछ लोग उपनगरीय चेम्बुर के रिहायशी इलाके में एटीएम से कैश निकालने पहुंचे तो वहां लंबी कतार लगी हुई थी।
  • खबरों के अनुसार फाइनेंस मिनिस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि एसबीआई, यस बैंक को बेल आउट करने के लिए तैयार है। इसके बाद ही आरबीआई और सरकार की तरफ से यस बैंक को लेकर यह फैसला किया।
    जानकारी के लिए बता दें कि यस बैंक का नेतृत्व अगले महीने आरबीआई द्वारा नियुक्त प्रशांत कुमार करेंगे। प्रशांत एसबीआई के पूर्व चीफ फाइनेंस ऑफिसर रहे हैं।

राहुल बोले- मोदी के आइडिया ने इकॉनमी बर्बाद कर दी, चिदंबरम ने कहा- क्या लाइन में कोई तीसरा बैंक है?

यस बैंक को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने ट्वीट करके सीधे-सीधे मोदी सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके आइडिया ने भारत की इकॉनमी को बर्बाद कर दिया है. वहीं पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि यह सरकार और रिजर्व बैंक की नाकामी है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ”नो यस बैंक, मोदी और उनके विचारों ने भारत की अर्थव्यवस्था को नष्ट कर दिया है. #NoBank”

यस बैंक पर आरबीआई का फैसला क्या है?

2019 में 3 लाख 80 हजार 826 करोड़ रुपए की पूंजी वाले यस बैंक पर 2 लाख 41 हजार 500 करोड़ रुपए का कर्ज है. बैंक का एनपीए बढ़ा तो RBI ने कमान अपने हाथ में ली. बैंक के निदेशक मंडल को 30 दिन के लिए भंग किया है. बैंक की देखरेख के लिए प्रशासक नियुक्त किया गया. SBI के पूर्व डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ फाइनेनशियल ऑफिसर प्रशांत कुमार यस बैंक के नए प्रशासक हैं.

खाता धारकों की बैंक से पैसा निकालने की सीमा 50 हजार रुपए महीना तय कर दी गई है. विशेष परिस्थितियों में 5 लाख रुपए तक खाते से निकाले जा सकते हैं. विशेष परिस्थिति का मतलब, पढ़ाई, इलाज और शादी है.

आरबीआई को क्यों उठाना पड़ा ऐसा कदम?

आरबीआई ने कदम इसलिए उठाया है ताकि बैंक की वित्तीय हालत को सुधारा जा सके. खाता धारकों के पैसों को डूबने से बचाया जा सके. RBI को ग्राहकों और बैंक की मदद के इसलिए आना पड़ा क्योंकि 2004 में शुरू हुए यस बैंक की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी.

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