ब्रिटिश पीएम बोलीं- भारतीय कारोबारियों का ब्रिटेन आना आसान बनाएंगे

नई दिल्ली. ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे तीन के भारत दौरे पर हैं। मे के साथ 40 बिजनेस डेलिगेट्स भी आए हुए हैं। सोमवार को मे ने टेक समिट में हिस्सा लिया। समिट में मे ने कहा, ‘ब्रिटेन की इकोनॉमी के लिए भारतीय इन्वेस्टमेंट मददगार साबित हो रहा है। हम ऐसा सिस्टम बनाने जा रहे हैं जिससे भारतीय कारोबारियों को ब्रिटेन आने में सहूलियत होगी।’ नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘ब्रिटेन का भारत से गहरा नाता रहा है। भारत, ब्रिटेन में तीसरा सबसे बड़ा इन्वेस्टर है। दोनों देश मिलकर चुनौतियों का सामना करेंगे।’ मोदी और मे के बीच बातचीत में कई मुद्दों पर बातचीत होगी। थेरेसा का भारत आना सम्मान की बात…
– ” उन्होंने यूरोपियन यूनियन से बाहर दौरे के लिए भारत को पहले देश के तौर पर चुना है। यह भी वाकई सम्मान की बात है।”
– ” भारत ब्रिटेन में तीसरा सबसे बड़ा इन्वेस्टर है। अब भारत भी इन्वेस्टमेंट और बिजनस को लेकर काफी ओपन है।”
– “मेरा मानना है कि साइंस और टेक्नॉलजी भारत और ब्रिटेन के रिश्तों को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।”
– “हेल्थकेयर, एनर्जी और टेक्नॉलजी कुछ ऐसे सेक्टर हैं, जो भारत और ब्रिटेन के बीच बिजनेस को बढ़ावा दे सकते हैं।”
– “भारत और यूके को मिलकर रिसर्च करनी चाहिए ताकि चुनौतियों का मुकाबला किया जा सके।”
– “दोनों देश क्लीन एनर्जी के लिए एक आरएंडडी सेंटर बनाने पर राजी हुए हैं।”
– “मुझे लगता है कि मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट दोनों देशों के रिश्तों में एक अहम रोल निभा सकता है।”
क्या बोलीं थेरेसा मे?
– मे ने कहा, ‘ब्रिटेन भारत के लिए रजिस्टर्ड ट्रेवलर स्कीम लागू करेगा। इसके तहत इंडियन बिजनेसमैन्स को यूके आने में आसानी होगी।’
– ‘ब्रिटेन में हम इकोनॉमिक और सोशल रिफॉर्म्स पर काम कर रहे हैं। भारतीय इन्वेस्टमेंट ब्रिटेन की इकोनॉमी के लिए मददगार साबित हो रहा है।’
– ‘भारत-ब्रिटेन के रिश्तों में काफी क्षमता है। दोनों देशों के बीच एक खास किस्म बॉन्ड है।’
इन मुद्दों पर हो सकती है बातचीत
1. विजय माल्या
– भारतीय बैंकों के 9000 करोड़ रुपए के कर्जदार हैं विजय माल्या। इन्हें कोर्ट ने भगोड़ा करार दिया है।
– माल्या इस साल 2 मार्च से ही लंदन में हैं। उनके खिलाफ कई गैर-जमानती वारंट जारी हो चुके हैं।
2. ब्रेक्जिट के बाद यूके में मौजूद करीब 800 कंपनियों की चिंता
– ब्रिटेन में टाटा-जैगुआर समेत करीब 800 भारतीय कंपनियां बिजनेस कर रही हैं।
– UK के EU से बाहर होने (ब्रेग्जिट) के बाद उन्हें कारोबार की चिंता है। भारत यह मुद्दा उठा सकता है।
3. इंडिया-यूके स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप रिव्यू
– थेरेसा मे के दौरे का एक मकसद ब्रेग्जिट के बाद भारत-ब्रिटेन की स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप के सभी पहलुओं का रिव्यू करना भी है।
4. फ्री ट्रेड एग्रीमेंट
– थेरेसा मे के इस दौरे में दिल्ली में एक टैक्नोलॉजी फोकस्ड ट्रेड समिट होगी।
– इसमें भारत-ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड को लेकर कमिटमेंट जाहिर होगा।
5. स्मॉल बिजनेस पर फोकस
– ब्रेग्जिट के बाद अब फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री, फूड मैन्यूफैक्चरिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन, टैक्नोलॉजी स्पेस, नीटेड और नॉन नीटेड कपड़े, मैकेनिकल इक्विपमेंट एंड मशीनरी, फूटवियर, मेडिसिन पर ज्यादा फोकस हो सकता है।