भगवान ने दिया शिवराज सरकार को नोटिस!

Tatpar 14 Jan 2014

ईश्वर खतरे में

अक्षय कुमार की एक फिल्म ‘ओ माई गॉड’ में परेश रावल ने अदालत में ईश्वर के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी थी, यहां ईश्वर ने नगर निगम और मध्य प्रदेश सरकार को कानूनी नोटिस दिया है। गंदगी के कारण ईश्वर खतरे में महसूस करने लगा है।
महावीर स्वामी उर्फ वर्धमान पिता सिद्धार्थ जाति जैन व्यवसाय तीर्थंकर यानी भगवान निवासी सिद्धलोक ने गंदगी से तंग आकर खंडवा के नगर निगम, जिला कलेक्टर और मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस दे ही डाला।
नगर निगम की उपेक्षा के कारण अहिंसा के सिद्धांत और खुद ईश्वर का अस्तित्व खतरे में आ गया है।

ईश्वर को पीड़ा

जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने खुद एक पक्षकार के रूप में यह कार्रवाई की है।

यह मामला खंडवा शहर के बीच स्थित महावीर उद्यान से जुड़ा है। इस पार्कर में महावीर स्वामी के ढाई हजारवें निर्वाण महोत्सव के उपलक्ष्य में 1973 में जय स्तम्भ की स्थापना की गई थी।

इस पर जैन धर्म के मन्त्र और सुवाक्य लिखे हुए थे। मौजूदा हालात में ये स्तम्भ और उद्यान दोनों ही घोर उपेक्षा का शिकार हैं।

शौचालय के कारण यहां गंदगी का अंबार लगा हुआ है। विज्ञापनों के होर्डिंग्स तने हुए हैं। ऐसी परिस्थितियां देखकर भगवान को भारी पीड़ा हो रही है। वे कुंठा से ग्रसित हो रहे है।

भगवान की पीड़ा देखकर जैन धर्म की एक महिला अनुयायी पायल बोथरा ने भगवान की तरफ से नगर निगम, कलेक्टर और प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस दे दिया है।

अहिंसा को नुकसान

अदालत के एक फैसले में भगवान को नाबालिग मानकर उनके अधिकारों के संरक्षण का निर्णय दिया गया था, उसी को इस प्रकरण में आधार बनाया गया है।

धारा 80 व्यक्तिगत प्रकरण संहिता 1905 की सहपठित धारा 401 के तहत दिए गए नोटिस में कहा गया है कि खंडवा से महावीर स्वामी के नाम से स्थापित मार्ग, वाचनालय, उद्यान की अवहेलना के कारण जैन धर्म की हानि हो रही है।

अहिंसा के सिद्धांत का पालन नहीं हो रहा है। वकील विकास जैन का तर्क है कि भगवान अबोध है, नाबालिग है, इसीलिए यह कदम उठाना पड़ा।

भगवान ने दिए दो महीने

दिलचस्प बात यह है कि जैन समाज में महिला अनुयायी के इस कदम की सराहना की जा रही है। पार्षद सोमनाथ काले नहीं मानते कि धर्म की हानि हो रही है और ईश्वर खतरे में है।

नगर निगम आयुक्त एसआर सोलंकी का कहना है कि विज्ञापन होर्डिंग्स से निगम को आय होती है, लेकिन नोटिस मे ध्यान में लाई गई समस्यायों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

फिलहाल भगवान द्वारा अधिकारीयों को भेजे गए इस नोटिस में अधिकारीयों को दो माह का समय दिया गया है। वरना भगवान न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।