भाजपा अपने नेता से बोली, आप चुप ही ठीक हैं

Tatpar 15/jan/2014

जयप्रकाश पाराशर

मध्य प्रदेश भाजपा के प्रभारी महासचिव अनंत कुमार भोपाल में भाजपा के कार्यालय में बैठे जरूर हैं लेकिन उनसे पार्टी को मीडिया में कोई फायदा नहीं।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि कन्नड़ भाषी अनंत कुमार का हिंदी में हाथ कुछ तंग है। वे कई बार जो बोलते हैं, उससे अर्थ का अनर्थ हो जाता है। इसलिए पार्टी ने उन्हें समझाया कि आप कुछ बोलें नहीं तो पार्टी को ज्यादा फायदा होगा।

एक बार बड़ा बवाल हो गया था जब उन्होंने कह दिया था कि पार्टी के नेता शराब पीकर चले आते हैं। बाद में उन्होंने कहा कि भई मेरी हिंदी ठीक नहीं है, इसलिए लोग गलत समझ गए।

कैंपेन से खफा पार्टियां
मध्य प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां अपने प्रचार अभियान (कैंपेन) से खुश नहीं हैं। कांग्रेस ने गुजरात की कंपनी की सेवाएं ली हैं, लेकिन लोग बताते हैं कि यह संजय निरुपम की टीम संभाल रही है।

भाजपा ने मुंबई की कंपनी यूटोपिया को काम दिया है, जो अनिल माधव दवे और विजेश लुनावत की बताई जाती है। कांग्रेस महासचिव मोहन प्रकाश जहां कांग्रेस का प्रचार करने वाली एजेंसी पर बरस रहे हैं, वहीं भाजपा नेता यूटोपिया को कोस रहे हैं।

भाजपा के एक कैंपेन में तो सेना प्रमुख जनरल का फोटो लगाने की शिकायत चुनाव आयोग तक पहुंच गई है। लोग मजे ले रहे हैं कि अब अगले विज्ञापन में भाजपा का प्रचार करने राष्ट्रपति आने वाले हैं।

रमन की सरकार बनवा रहे अधिकारी
मध्य प्रदेश चुनाव आयोग के एक अधिकारी एक दिन बड़ी मुसीबत में फंसते-फंसते बच गए। वे अनौपचारिक चर्चा कर रहे थे। चारों तरफ कैमरे लगे थे।

अचानक उन अधिकारी के मुंह से निकल गयाः छत्तीसगढ़ में तो रमनसिंह की सरकार बन रही है। सारे लोग आश्चर्य से उन्हें देखने लगे।

अब सकपकाने की बारी उन अधिकारी की थी। वे बड़े दया-भाव से कैमरों को देखने लगे कि कहीं रिकार्ड तो नहीं हो गया। लोगों ने मजाक किया दिल की बात जुबां पर आ गई।