भाजपा के 13 वरिष्ठ विधायकों के मंत्री बनने पर असमंजस बरकरार, गोपाल भार्गव बोले- कांग्रेस ने भी यही गलती की थी

भोपाल. शिवराज सरकार का संभावित मंत्रिमंडल विस्तार 1 जुलाई को होने के कयास लगाए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्तव भाजपा की पिछली तीन सरकारों में मंत्री रह चुके वरिष्ठ विधायकों की जगह नए लोगों को मौका देना चाहती है। अगर ऐसा हुआ तो भाजपा के करीब 13 वरिष्ठ विधायक मंत्री नहीं बन पाएंगे। पार्टी के मंत्री नहीं बनाए जाने के संकेत के बाद भाजपा की पिछली तीन सरकारों में मंत्री रह चुके आठ बार के विधायक गोपाल भार्गव ने कहा है कि भाजपा भी वही गलती कर रही है जो कांग्रेस ने की थी। पार्टी को वरिष्ठ नेताओं का सहयोग लेना चाहिए।

अगर प्रदेश के मंत्रिमंडल विस्तार में केंद्रीय फार्मूला चलता है तो गोपाल भार्गव, विजय शाह, सुरेंद्र पटवा, रामपाल सिंह, राजेंद्र शुक्ला, प्रेम सिंह पटेल, पारस जैन, नागेंद्र सिंह, करण सिंह वर्मा, जगदीश देवड़ा, गौरीशंकर बिसेन, अजय विश्नोई, भूपेंद्र सिंह का मंत्री बनना मुश्किल नजर आ रहा है।

शिवराज खेमे के वरिष्ठ नेताओं को इस बार भी ड्रॉप करने और नए चेहरों को मौका देने की उलझन

  • सूत्रों की मानें तो प्रदेश संगठन शिवराज के पिछले कार्यकालों में मंत्री रहे सीनियर नेताओं को ड्रॉप कर नए चेहरों को मौका देना चाहता है, लेकिन मुख्यमंत्री चाहते हैं कि यह निर्णय बाद में लिया जाए।  सिंधिया समर्थकों में से सभी बड़े नेताओं को मंत्री बनाया जाता है तो भाजपा के पास पद कम बचेंगे। संगठन चाहता है कि एक-दो लोगों को रोककर उन्हें उपचुनाव के बाद मंत्री बनाया जाए।
  • ये उन 6 लोगों के अलावा हैं जो कमलनाथ सरकार में मंत्री रहे। मसलन कांग्रेस से भाजपा में सिंधिया समर्थक ओपीएस भदौरिया, राज्यवर्धन सिंह दत्तीगांव और रणवीर जाटव भी दावेदार हैं। इन्हीं में से एक-दो लोगों को कम करने पर बात हो रही है, क्योंकि एंदल सिंह कंसाना, बिसाहूलाल सिंह और हरदीप डंग को मंत्री बनाना पहले ही तय हो चुका है। बताया जा रहा है कि कुछ विभागों पर देर रात नड्‌डा ने सहमति दे दी।

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