भाजपा ने 2014 में जीती 24 सीटें गंवाईं, 56 नई जोड़ीं; कांग्रेस ने अपनी 18 सीटें बचाईं

इस बार लोकसभा चुनाव में 437 सीटों पर लड़ी भाजपा को 303 सीटें मिलीं। यह अब तक का भाजपा का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। भाजपा ने पिछली बार 282 सीटें जीतीं थीं। इनमें से 11 सीटें उसने इस बार अपने सहयोगी दलों को दी थी। इस तरह अपनी जीती हुई 271 सीटों पर लड़ते हुए भाजपा ने 247 पर जीत बरकरार रखी और 24 सीटें गंवाईं। कांग्रेस ने 8, सपा-बसपा गठबंधन ने 13 और अन्य दलों ने भाजपा से 3 सीटें छीनीं। हालांकि 56 नई सीटें जोड़कर भाजपा ने न केवल खोई हुई सीटों की भरपाई की, बल्कि जीत का आंकड़ा 303 पर पहुंचा दिया।
 
वहीं, कांग्रेस ने पिछली बार जीती 44 सीटों में से 2 सीटें सहयोगियों को दीं और 42 पर अपने उम्मीदवार उतारे। इनमें से कांग्रेस ने 23 सीटें गंवाईं, 19 पर जीत बरकरार रखी और 33 नई सीटें जोड़ीं। इस तरह कांग्रेस ने कुल 52 सीटें जीतीं। कांग्रेस से सबसे ज्यादा सीटें भाजपा ने छीनीं। कांग्रेस की 2014 में जीती हुई 17 सीटों पर इस बार भाजपा ने उसे हराया। भाजपा के सहयोगी दलों ने भी कांग्रेस से 3 सीटें छीनीं।

भाजपा ने पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और ओडिशा में सबसे ज्यादा नई सीटें जोड़ीं

भाजपा ने पश्चिम बंगाल में अपनी 2 सीटें बरकरार रखीं और 16 नई सीटों पर जीतकर राज्य में अपनी संख्या 18 पर पहुंचा दी। भाजपा ने यहां तृणमूल से 14 सीटें साथ ही माकपा और कांग्रेस से 1-1 सीटें छीनीं। भाजपा का प्रदर्शन कर्नाटक और ओडिशा में भी अच्छा रहा। पार्टी ने कर्नाटक में 8 और ओडिशा में 7 नई सीटें जोड़ीं। ओडिशा में भाजपा ने सभी नई सीटें बीजद को हराकर जोड़ीं।

2014 में भाजपासहयोगी को दी सीटेंकितनी सीटें गंवाई2019 में सीटें
उप्र (80)711 सीट अपना दल को1362 (57 पुरानी+5 नई)
महाराष्ट्र (48)231 सीट शिवसेना को123 (21 पुरानी+2 नई)
बंगाल (42)2018 (2 पुरानी+16 नई)
बिहार (40)227 सीटें जदयू और लोजपा को017 (15 पुरानी+2 नई)
तमिलनाडु (39)110
मप्र (29)27028 (27 पुरानी+1 नई)
कर्नाटक (28)17025 (17 पुरानी+8 नई)
गुजरात (26)26026 (26 पुरानी)
आंध्र प्रदेश (25)220
राजस्थान (25)251 सीट सीट रालोपा को024 (24 पुरानी)
ओडिशा (21)108 (1 पुरानी+7 नई)
केरल (20)000
तेलंगाना (17)104 (1 पुरानी+3 नई)
झारखंड (14)121 सीट आजसू को111 (10 पुरानी+1 नई)
असम (14)719 (6 पुरानी+3 नई)
पंजाब (13)202 (2 पुरानी)
छत्तीसगढ़ (11)1029 (8 पुरानी +1 नई)
हरियाणा (10)7010 (7 पुरानी+3 नई)
दिल्ली (7)707 (7 पुरानी)
कश्मीर (6)303 (3 पुरानी)
उत्तराखंड (5)505 ( 5 पुरानी)
हिमाचल (4)404 ( 4 पुरानी)
मणिपुर (2)001 (1 नई)
अरुणाचल (2)102 (1 पुरानी+1 नई)
मेघालय (2)000
गोवा (2)211 (1 पुरानी)
त्रिपुरा (2)002 (2 नई)
अंडमान (1)110
पुडुचेरी (1)000
लक्षद्वीप (1)000
चंडीगढ़ (1)101 (1 पुरानी)
मिजोरम (1)000
दादर-नगर हवेली (1)110
नगालैंड (1)000
दमन-दीव (1)101 (1 पुरानी)
सिक्किम (1)000
कुल (543)28211 सीटें सहयोगी दलों को दीं24 303 (247 पुरानी जीतीं+56 नई जोड़ीं)

दक्षिण भारत के दो राज्यों ने कांग्रेस के लिए सबसे ज्यादा नई सीटें जोड़ीं 
कांग्रेस ने तमिलनाडु और केरल में 8-8 नई सीटें जोड़ीं। कांग्रेस ने केरल में अकेले 15 सीटें जीतीं, उसके गठबंधन को राज्य की 20 में से 19 सीटों पर जीत मिली। तमिलनाडु में डीएमके के साथ गठबंधन ने कांग्रेस को बड़ा सहारा दिया। पार्टी को पिछली बार तमिलनाडु में एक भी सीट हासिल नहीं हुई थी। इस बार तमिल राज्य में कांग्रेस ने 8 सीटें जीतीं। वहीं उसके गठबंधन ने 39 में से 37 सीटें जीतीं। कांग्रेस के लिए तीसरे नंबर पर पंजाब रहा। यहां पार्टी ने 3 पुरानी सीटों पर जीत बरकरार रखते हुए 5 नईं सीटें जोड़ीं।
 

2014 में कांग्रेससहयोगियों को दी सीटेंकितनी सीटें गंवाई2019 में सीटें
उत्तर प्रदेश (80)211 (1 पुरानी)
महाराष्ट्र (48)221 (1 नई)
पश्चिम बंगाल (42)422 (2 पुरानी)
बिहार (40)211 (1 पुरानी)
तमिलनाडु (39)008 (8 नई)
मध्य प्रदेश (29)211 (1 पुरानी)
कर्नाटक (28)9एक सीट जेडीएस को दी71 (1 पुरानी)
गुजरात (26)000
आंध्र प्रदेश (25)000
राजस्थान (25)000
ओडिशा (21)001 (1 नई)
केरल (20)8115 (7 पुरानी+8 नई)
तेलंगाना (17)213 (1 पुरानी+2 नई)
झारखंड (14)001 (1 नई)
असम (14)323 (1 पुरानी+2 नई)
पंजाब (13)308 (3 नई+5 पुरानी)
छत्तीसगढ़ (11)112 (2 नई)
हरियाणा (10)110
दिल्ली (7)000
जम्मू-कश्मीर (6)000
उत्तराखंड (5)000
हिमाचल प्रदेश (4)000
मणिपुर (2)220
अरुणाचल प्रदेश (2)110
मेघालय (2)101 ( 1 पुरानी)
गोवा (2)001 ( 1 नई)
त्रिपुरा (2)000
अंडमान निकोबार (1)000
पुडुचेरी (1)001 ( 1 नई)
लक्षद्वीप (1)000
चंडीगढ़ (1)000
मिजोरम (1)1निर्दलीय उम्मीदवार का समर्थन किया00
दादर एवं नगर हवेली (1)000
नगालैंड (1)001 (1 नई)
दमन एवं दीव (1)000
सिक्किम (1)000
कुल (543)442 सीटों पर अन्य उम्मीदवारों को समर्थन2352 (19 पुरानी जीतीं+ 33 नई जोड़ीं)


उत्तर प्रदेश में महागठबंधन ने 13 नई सीटें जोड़ीं, सभी पर 2014 में भाजपा जीती थी 
उत्तर प्रदेश में सपा-बसपा और रालोद का गठबंधन, भाजपा को रोक तो नहीं पाया, लेकिन तीनों ने मिलकर भाजपा से 2014 की जीती हुईं 13 सीटें छीन लीं। महागठबंधन को कुल 15 सीटें मिलीं। इनमें सपा ने अपनी पुरानी 5 में से 2 सीटों पर जीत बरकरार रखी और 3 नई सीटें जीतीं। वहीं, पिछली बार एक भी सीट नहीं जीतने वाली बसपा को राज्य में इस बार 10 सीटें मिलीं। रालोद के हाथ इस बार भी खाली ही रहे। राज्य में भाजपा ने 2014 की जीती हुई 71 सीटों में से 57 पर जीत बरकरार रखी और कुल 13 गंवाईं। एक सीट उसने अपने सहयोगी अपना दल को दी थी। भाजपा ने यहां 5 नई सीटें भी जोड़ीं। इनमें 3 सीटें भाजपा ने सपा से और 1 सीट कांग्रेस से छीनीं। वहीं एक सीट उसने अपने सहयोगी अपना दल की सीट से चुनाव लड़कर जीती।

पश्चिम बंगाल में तृणमूल, ओडिशा में बीजद ने 40% से ज्यादा सीटें गंवाईं
क्षेत्रीय दलों में सबसे ज्यादा नुकसान तृणमूल, बीजद और अन्नाद्रमक को हुआ। तृणमूल ने 2014 में जीतीं 42% सीटें (12) गंवाईं। पार्टी को 2014 में 34 सीटें मिलीं थीं। इस बार उसे 22 पर जीत मिली। पार्टी ने 2 नई सीटें भी जोड़ीं। एक उसने कांग्रेस से और एक माकपा से छीनी। बीजद ने भी 40% सीटें (8) गंवाई। उससे एक सीट कांग्रेस ने और 7 सीटें भाजपा ने छीनीं।