भारत की साख पर GOOGLE का ‘फन’

क्या हिन्दुस्तान गरीब की गाय है जिसे जो चाहे, जब चाहे डंडा मारता चले? अमेरिकी कंपनी गूगल तो यही कर रही है। गूगल पर इंडिया सर्च करते ही फटी साड़ी में कोई महिला दिखाई देगी, रोता-बिलखता कोई बुजुर्ग प्रकट होगा। क्या भारत या हिन्दुस्तान की छवि ये है? आखिर गूगल हमारी छवि इस तरह खराब क्यों कर रहा है? कभी वो हमारे पीएम नरेंद्र मोदी को फ्रॉड बताता है तो कभी लता मंगेशकर को थीफ। चीन की छवि बिगाड़ी थी तो उसने गूगल को देश-निकाला दे दिया। यूरोप ने लाखों करोड़ के जुर्माने का प्रावधान ठोक दिया। भारत सरकार चुप बैठी है। आखिर क्यों? नरेंद्र मोदी विदेश जाते हैं तो सरकार कहती है इससे देश की साख सुधर रही है। जबकि साख बिगाड़ने के लिए गूगल के रूप में मेहमान बुला रखा है। कोई इसकी वजह नहीं पूछता, हल नहीं निकालता, दण्ड नहीं देता। न मंत्री, न प्रधानमंत्री, न सरकार! क्यों…?

देश की छवि खराब करने वाली फोटो को लेकर भले ही हमारी सरकार अब तक चुप बैठी हो, लेकिन फ्रांस ने अपने यहां के नागरिकों के आपत्तिजनक कटेंट हटाने को लेकर गूगल को चेतावनी जारी कर दी है। फ्रांस की डाटा प्रोटेक्शन अथॉरिटी CNIL ने गूगल से कहा है कि 15 दिन में पूरी दुनिया से आपत्तिजनक कटेंट हटाओ, वरना पूरे देश में बैन सहना होगा। CNIL ने ये आदेश देश के नागरिकों की शिकायत पर जारी किया है।

मामले को dainikbhaskar.com के 10 हजार रीडर्स ने कमेंट कर मांग की है कि सरकार या तो पूरी दुनिया से ये आपत्तिजनक हटवाए या गूगल को देश में बैन कर दे। रीडर्स के पूरे कमेंट पढ़ने के लिए क्लिक करें… लिंक 1, लिंक 2

कमेंट बॉक्स में लिखकर आप भी हमें बताएं अपनी राय… आपके विरोध को हम पहुंचाएंगे सरकार और कोर्ट तक…

ऐसे भारत की छवि खराब कर रही है गूगल

यदि आप गूगल में “टॉप 10 क्रिमिनल्स इन इंडिया” कीवर्ड से इमेज सर्च करते हैं तो आपको नरेंद्र मोदी की फोटो दिखेगी। अब जरा “टॉप 10 लायर” या “टॉप 10 फ्रॉड इन इंडिया” सर्च करें यहां भी नरेंद्र मोदी दिख जाएंगे। “टॉप 10 थीफ इन इंडिया” डालने पर लता मंगेश्कर और ममता बनर्जी की फोटो दिखेगी। इतना ही नहीं, People in car, People in train, People in bus, People in bike और People in metro जैसे कीवर्ड में ” India” वर्ड जोड़कर सर्च करने पर बस, ट्रेन, कार या बाइक काफी गंदी और ओवरलोडेड दिखाई देती है।

अब ऐसा इंसान जो भारत कभी नहीं आया हो और नेट पर भारत से जुड़े ये कीवर्ड सर्च करे तो गूगल पर देश की इन छवि खराब करने वाली तस्वीरों को देख वो क्या सोचेगा… यकीनन वो तस्वीरों में दिख रहे भारत को ही सच मानेगा। अब सवाल ये उठता है कि क्या वास्तव में गूगल का इन सर्च पर कोई कंट्रोल नहीं या उसे भारत की इमेज की परवाह ही नहीं? देश की इमेज खराब करने वाली इन तस्वीरों पर गूगल मौन है और पल्ला झाड़ रही है।

गूगल बोली हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं, सरकार ने कहा मामला गंभीर है
मामले को लेकर गूगल के ग्लोबल कॉरपोरेट कम्युनिकेशन हेड गौरव भास्कर ने dainikbhaskar.com से कहा, “भारत की छवि खराब करने वाली फोटो या कटेंट को लेकर हमारी कोई जिम्मेदारी नहीं है। हां अगर, इन्हें हटाने के लिए सरकार या कोर्ट से नोटिस आएगी तो हटा लिया जाएगा।”

(गूगल ने कहा ऐसे ही खराब होती रहेगी भारत की छवि, पढ़ें पूरा EXCLUSIVE Interview)

वहीं, आईटी और कम्युनिकेशन मिनिस्टरी के वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, “दैनिक भास्कर की ओर से उठाया गया ये मामला काफी गंभीर है। इस पर विरोध दर्ज कराते हुए गूगल से जवाब मांगा जाएगा। इस जवाब के आधार पर सख्त एक्शन लिया जाएगा। फिलहाल गूगल की लगातार मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है।”

dainikbhaskar.com ने इस पूरे मामले की पड़ताल की तो अमेरिकी कंपनी गूगल की सच्चाई सामने आई। आगे की स्लाइड्स पर क्लिक कर पहले देखें भारत की छवि खराब करने वाली 6 PHOTO.. फिर जानें कैसे गूगल ने अपने ही नियमों की उड़ाई धज्जियां। कैसे देश के 125 करोड़ लोगों के भारत की बेइज्जती पर चुप है सरकार, जबकि चीन में गूगल द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर वहां की सरकार ने साइट को हमेशा के लिए बैन कर दिया। कोई भी इंटरनेट यूजर अपनी फोटो या कटेंट गूगल और फेसबुक से कैसे हटवा सकता है, क्या हैं नियम…

गूगल द्वारा भारत की छवि खराब करने वाले गलत फोटो दिखाने को लेकर क्या कहना है आपका? क्या इससे भारत और भारतीयों दोनों की इमेज खराब नहीं होगी? सरकार को इस पर क्या एक्शन लेना चाहिए.. कमेंट बॉक्स में लिखकर हमें बताएं अपनी राय… आपके विरोध को हम पहुंचाएंगे सरकार और कोर्ट तक…

कंटेट सोर्स: साइबर लॉ पर 50 से ज्यादा ज्यादा बुक लिख चुके दुनिया के चौथे सबसे बड़े साइबर वकील पवन दुग्गल, सुप्रीम कोर्ट के सीनियर साइबर वकील विराग गुप्ता, गूगल इंडिया के ग्लोबल कॉरपाेरेट कम्युनिकेशन हेड गौरव भास्कर, आईटी और कम्युनिकेशन मिनिस्ट्री के सीनियर ऑफिसर, आईटी एक्ट, भारतीय संविधान और इंटरनेट रिसर्च।