भारत की NSG में एंट्री रोकी मगर PAK को खुद दे रहा एटमी रिएक्टर

नई दिल्ली. चीन पाकिस्तान को न्यूक्लियर रिएक्टर दे रहा है। उसने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) में भारत की मेंबरशिप का विरोध इसलिए किया था क्योंकि हमने नॉन-प्रोलिफिरेशन ट्रीटी (NPT) पर साइन नहीं किए थे। अब चीन खुद अपनी बनाई शर्तें तोड़ रहा है।
आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन (ACA) ने रिपोर्ट में क्या कहा…
– एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, 2010 में एनपीटी रिव्यू कॉन्फ्रेंस के दौरान रखे प्रपोजल को दरकिनार करते हुए चीन ने पाकिस्तान को न्यूक्लियर रिएक्टर्स मुहैया कराए।
– आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन (ACA) ने अपनी रिपोर्ट में चीन के इस कदम को NPT के नियमों के खिलाफ बताया है।
– रिपोर्ट के मुताबिक, ‘चीन एक ऐसे देश को (पाकिस्तान) को ये रिएक्टर्स दे रहा है जो इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के स्टैंडर्ड्स पर खरा नहीं उतरता।।’
– इससे पहले चीन ने एनपीटी का ही हवाला देकर भारत की एनएसजी में एंट्री रोक दी थी।
– चीन ने कहा था कि बिना एनपीटी पर साइन किए भारत को एनएसजी में शामिल करने से नॉन-प्रोलिफिरेशन की कोशिशों को धक्का लगेगा।
और क्या कहा गया है रिपोर्ट में?
– इसके मुताबिक, चीन ने पाकिस्तान के साथ ‘चस्मा-3’ एटॉमिक रिएक्टर के लिए करार किया।
– ये डील एनपीटी के नियमों का उल्लंघन करती है। इसमें कहा गया है कि जिस देश के साथ एटमी समझौता किया जाएगा, उसे IAEA मानकों को मानना होगा।
– इन मानकों में एक ये भी है कि वह देश एटॉमिक मटेरियल का इस्तेमाल एटमी हथियार बनाने में नहीं करेगा। जबकि पाकिस्तान साफतौर पर ऐसे मानकों को नहीं मानता।
– आर्म्स कंट्रोल एसोसिएशन के मुताबिक, पाकिस्तान ने न तो NPT पर साइन किए हैं और न ही वह IAEA स्टेंडर्ड्स के मुताबिक काम करता है।
– लेकिन इस सबके बावजूद चीन उसे न्यूक्लियर मदद कर रहा है।
– रिपोर्ट के मुताबिक, चीन 2000 में किए अपने उस वादे को भी भूल गया, जिसमें उसने कहा था कि वह किसी भी देश को बैलिस्टिक मिसाइल बनाने के लिए परमाणु सामग्री मुहैया नहीं कराएगा।
चीन ने पाक को दिए 6 रिएक्टर्स
– चीन ने 2004 में एनएसजी मेंबरशिप मिलने के बाद से अब तक पाक को 6 न्यूक्लियर रिएक्टर्स मुहैया कराए हैं।
– चीन ने इस सप्लाई के लिए पाक के साथ 2003 में हुई एक डील का हवाला दिया है। हालांकि उस वक्त चीन भी एनएसजी का मेंबर नहीं था।
– हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक, चीन एनएसजी मेंबरशिप ज्वॉइन करने से पहले केवल 2 रिएक्टर्स की ही सप्लाई कर सकता है।
1970 में हुई थी NPT
– NPT का एलान 1970 में हुआ था। इसे एटमी हथियारों पर रोक लगाने के लिए बनाया गया था।
– अब तक 187 देशों ने इस पर साइन किए हैं। इस ट्रीटी पर साइन करने वाले देश न्यूक्लियर वेपन्स डेवलप नहीं कर सकते।
– हालांकि, वे शांतिपूर्ण मकसद (मसलन बिजली) के लिए एटॉमिक एनर्जी का इस्तेमाल कर सकते हैं।
– भारत ने एनपीटी पर साइन नहीं किए हैं। इसी को आधार पर बनाकर चीन ने भारत की एनएसजी मेंबरशिप के मुद्दे पर रोड़े अटकाए थे।

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