भारत को हिन्‍दू राष्‍ट्र बताने पर राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की आलोचना

पुनर्धर्मांतरण को उचित ठहराने और भारत को हिन्‍दू राष्‍ट्र बताने के राष्‍ट्रीय स्‍वयं सेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर विपक्षी दलों ने उनकी कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि धर्मांतरण

मुद्दे पर श्री भागवत का बयान गंभीर और निंदनीय है। आरएसएस जैसे बड़े संगठन के संघ संचालक आदरणीय मोहन भागवत जी ने जिन शब्‍दों के साथ कहा है कि यह हमार माल है, हम अपना माल वापस लाएंगे। उसमें पुरूष भी हैं, नारी भी हैं, मां भी हैं, बहन भी हैं, बेटी भी हैं, बहु भी हैं। मैं समझता हूं आरएसएस का इन सभी को माल कहकर बुलाना नारी जाति का अपमान है। बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने कहा कि अगर श्री भागवत देश के संविधान से अवगत होते तो वे इस तरह के बयान न देते। हमारा संविधान भी विभिन्‍न धर्मों को ध्‍यान में रखकर बनाया गया लेकिन ऐसी स्‍थिति में आरएसएस प्रमुख का बयान जो अभी आया है। मैं समझती हूं ये आपत्‍तिजनक है। इसका हमारी पार्टी कड़े शब्‍दों में निंदा करती है। जनता दल-यू के अध्‍यक्ष शरद यादव ने कहा कि आरएसएस और उसके प्रमुख के लिए यह कोई नई बात नहीं है।

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