भारत-दक्षिण कोरिया के बीच कई अहम समझौते

पीएम मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन की वार्ता में दोनों देशों ने अपनी विशेष सामरिक साझेदारी को मजबूत करने पर दिया जोर, दस समझौतों और एक दस्तावेज पर हुए हस्ताक्षर, पीएम ने राष्ट्रपति मून को दिया कोरिया महाद्वीप में शांति स्थापित करने के प्रयास का श्रेय।

भारत और दक्षिण कोरिया के बीच रिश्तों को और मज़बूती मिली है….प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति मून जे-इन के नेतृत्व में हुई प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता में दोनों देशों ने अपनी समग्र आर्थिक साझेदारी(सी.ई.पी.ए.) को और मजबूत करने पर सहमति जताई। भारत और दक्षिण कोरिया ने दोहरे कराधान से बचने, ऊर्जा, खेल, सडक और जहाजरानी के क्षेत्र में सहयोग के दस समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

दिल्ली के हैदराबाद हाउस में पीएम मोदी ने जब दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति   मून जे इन के साथ द्पिक्षीय मुलाकात की दोनों देशों ने आपसी संबंधों को नए स्तर पर ले जाने का फैसला किया ।  दोनों नेताओं की बातचीत में न केवल द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की गयी बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचार विमर्श हुआ । प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत एवं दक्षिण कोरिया के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते को विस्तार देने के लिये  कदम उठाये हैं गए हैं ।  दोनों नेताओं ने दस समझौतों और एक दस्तावेज पर दसतखत किए  जिसमें दोनों देशों का फोकस अपनी विशेष सामरिक साझेदारी को मजबूत करने पर है।

दोनों देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया जिसका शीर्षक है – भारत और कोरिया गणराज्य , नागरिकों, समृद्धि , शांति और हमारे भविष्य के लिए दृष्टि । इसमें दोनों देशों ने आपसी मूल्यों पर आधारित विशेष सामरिक भागीदारी को और मजबूत करने पर रजामंदी व्यक्त की है । दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते को आगे बढ़ाने के लिए भी कदम बढाया है ।

पीएम ने कहा कि दोनो देशों के रिश्तों का आधार आर्थिक और व्यापारिक संबंध हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ये खुशी की बात है कि कोरिया की कंपनियों ने भारत में न सिर्फ़ बड़े स्तर पर निवेश किया है, बल्कि मेक इन इंडिया से जुड़ कर भारत में रोजगार के अवसर भी पैदा किया है । प्रधानमंत्री ने कोरियाई प्रायद्वीप में शांति के प्रयास का सारा श्रेय राष्ट्रपति मून को दिया । पीएम ने कहा कि भारत कोरियाई प्रायद्वीप में शांति प्रक्रिया में पक्षकार है और क्षेत्र में शांति के लिये उसका योगदान जारी रहेगा । दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून ने कहा कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग के नये युग की शुरुआत की है.।  उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और वो औद्योगिक क्रांति के लिए लोगों, खुशहाली और शांति हेतु आपसी सहयोग बढ़ायेंगे ताकि भविष्य के विकास की शुरुआत हो सके.।

दोनों नेताओं ने लोगों के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया और कहा कि दोनों देश निरंतर द्विपक्षीय सम्मेलन करेंगे.  । इससे पहले  राष्ट्रपति मून जे इन का राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत किया गया । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने   उनकी अगवानी की । राष्ट्रपति मून जेई इन ने सलामी गारद का भी निरीक्षण किया । दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति  अपनी पत्नी के साथ राजघाट भी गए और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी । कल ही दोनों नेताओं ने नोएडा में दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल प्लांट का उद्घाटन किया था, जहां से हर साल 12 करोड़ मोबाइल फोन का उत्पादन हो सकेगा.। कुल मिलाकर दोनों देशों ने सदियों पुराने ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संपर्कों को नए सामरिक गठजोड़ की ओर ले जाने की तरफ कदम बढा दिया है ।

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