भारत ने ऑस्ट्रेलिया में रचा इतिहास, 71 साल में पहली बार जीत से आगाज

भारत ने ऑस्ट्रेलिया से 4 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला टेस्ट जीतकर इतिहास रच दिया है. दरअसल, दोनों देशों के बीच पहली टेस्ट सीरीज 1947-48 में खेली गई थी. इस सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान सर डॉन ब्रैडमेन और भारत के लाला अमरनाथ थे. इस सीरीज को ऑस्ट्रेलिया ने 4-0 से जीता था. इसके बाद से दोनों देशों के बीच ऑस्ट्रेलिया में खेली गई टेस्ट सीरीज में भारत पहले टेस्ट मैच में कभी नहीं जीत पाया है. यह पहला मौका है, जब भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसी के ‘घर’ में पहले टेस्ट मैच में मात दी है.

भारत ने एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 31 रनों से मात दी. भारत ने एडिलेड टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 31 रनों से मात दी. ऑस्ट्रेलिया को भारत की ओर से जीत के लिए 323 रनों का लक्ष्य मिला था, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने उसकी दूसरी पारी 291 रनों पर समाप्त कर मेजबान  टीम को 31 रनों से हरा दिया. भारत की इस जीत में चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे की बल्लेबाजी के साथ-साथ रविचंद्रन अश्विन, मोहम्मद शमी, ईशांत शर्मा और जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई है. इस टेस्ट मैच में मिली जीत के साथ भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है.

इस जीत के साथ विराट कोहली ऐसे पहले एशियन कप्तान बन गए हैं, जिन्होंने एक कैलैंडर ईयर में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीतने का कारनामा किया. विराट कोहली की कप्तानी वाली यह टीम इंडिया पहली मेहमान टीम हैं, जिसने एक कैलेंडर ईयर में  इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट मैच जीता है.

इसी के साथ विराट कोहली की कप्तानी में भारत ने 10 साल लंबे इंतजार को भी खत्म कर दिया है. भारत ने अनिल कुंबले की कप्तानी में 2008 में ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में आखिरी बार टेस्ट मैच जीता था. इसके अलावा एडिलेड के मैदान पर भारत को 15 साल बाद जीत मिली है. भारत ने एडिलेड के मैदान पर पहली और आखिरी बार 2003 में सौरव गांगुली की कप्तानी में भारत जीता था.

भारत ने इस मैच में ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से मात दी थी. इस मैच में राहुल द्रविड़ के शानदार परफॉर्मेंस के दम पर भारत ने जीत हासिल की थी. उन्होंने इस टेस्ट मैच की पहली पारी में दोहरा शतक (233) बनाया था. और दूसरी पारी में नाबाद अर्धशतकीय (72) पारी खेलकर भारत को 4 विकेट से जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

वहीं, ऑस्ट्रेलिया अगर इस मैच को जीत लेता तो उसके पास भी इतिहास रचने का एक मौका होता. इससे पहले उसने 1902 में एडिलेड में चौथी पारी में रिकॉर्ड लक्ष्य छह विकेट पर 315 रन का हासिल किया था. लेकिन ऑस्ट्रेलिया ने इतिहास रचने के इस मौके को गंवा दिया.

ऑस्ट्रेलिया में दोनों देशों के बीच अब तक 11 टेस्ट सीरीज खेली गई है, जिसमें से 9 ऑस्ट्रेलिया ने जीते और 2 ड्रॉ रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया में भारत ने अब तक 45 टेस्ट मैच खेले गए हैं, जिसमें कंगारू टीम ने 28 मैचों में जीत दर्ज की जबकि भारत को सिर्फ 6 मैचों में जीत मिली है. 11 टेस्ट मैच ड्रॉ रहे हैं. भारत के पास इस बार ऑस्ट्रेलिया में पहली बार टेस्ट सीरीज जीतने का मौका भी है.

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