उपराष्ट्रपति ने रखा करतार कॉरीडोर का नींवपत्थर, कैप्टन ने पाक सेना प्रमुख को चेताया

सियासत के बीच उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार को करतारपुर कॉरीडोर का नींवपत्थर रखा। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी, हरसिमरत कौर बादल, हरदीप पुरी, विजय सांपला, राज्यपाल बीपी सिंह बदनौर, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल भी मौजूद हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि सिख संगत की लंबे समय से मांग थी कि करतार कॉरीडोर बनाया जाए। उनकी यह मांग अब पूरी होने जा रही है। मुझे विश्वास है कि गुरु जी के 550वें प्रकाश पर्व पर यह काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने पाकिस्तान से भी कहा कि वह अपने क्षेत्र में बनने वाले कॉरीडोर के काम में तेजी लाए, ताकि श्रद्धालु अगले वर्ष तक वहां बेरोक-टोक आ-जा सकें। कहा कि यह कॉरीडोर दोनों देशों के बीच शांति का प्रतीक होगा। इससे दोनों देशों के बीच भाईचारा बढ़ेगा।

मंच पर बैठे उपराष्ट्रपति व अन्य।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि पंजाब सरकार से उन्हें हमेशा सहयोग मिला है। इस दौरान पंजाब ने जो भी मांगा उनके मंत्रालय ने हमेशा उन्हें दिया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। साथ ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान का भी आभार जताया, जिन्होंने करतार कॉरीडोर बनाने का एतिहासिक फैसला लिया। कैप्टन ने गडकरी से आग्रह किया कि पंजाब सरकार को भी सीमा तक बनने वाले कॉरीडोर पर शानदार गेट बनाने की इजाजत दी जाए। गड़करी ने सहमति में सिर हिलाय तो कैप्टन ने कहा कि इसका नाम करतारपुर साहिब गेट रखा जाएगा।

कैप्टन ने कहा कि वह कॉरीडोर के लिए इमरान खान का धन्यवाद करते हैं लेकिन पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख को भी चेतावनी देते हैं कि वह पंजाब में आतंकवाद फैलाने वालों को आश्रय देना बंद करें। उन्होंने कहा कि फौज सरकार के अधीन है, इसलिए वहां के पीएम को चाहिए कि वह फौज पर नकेल कसे। कहा कि भारत शांतिप्रिय मुल्क है, इसलिए वह हमें शांति से रहने दो। कैप्टन ने एक बार फिर दोहराया कि वह पाकिस्तान में नींवपत्थर रखने नहीं जा सकते, क्योंकि वहां की फौज पंजाब में आतंकवाद फैला रही है। इससे पूर्व हरसिमरत कौर ने करतारपुर साहिब कॉरीडोर के लिए सरकार का आभार जताया। कहा कि इससे लाखों सिख श्रद्धालु करतापुर साहिब गुरुद्वारे के दर्शन कर सकेंगे।

जमकर हुई सियासत

कॉरीडोर का नींवपत्थर रखने से पहले ही सियासत शुरू हो गई। कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा इस बात से नाराज हैं कि मंच पर जो कुर्सियां लगी हैं उनमें पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल का नाम क्यों लिखा है?

शिलापट्ट पर काली टेप लगाते रंधावा।

रंधावा ने कहा कि यदि इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री को बुलाया गया है तो फिर बीबी राजिंदर कौर भट्ठल को क्यों नजरअंदाज किया गया। सुखजिंदर रंधावा ने मंच पर पहुंचकर सरकारी अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। कहा कि मैं नींवपत्थर समारोह में शामिल नहीं होऊंगा। बाबा नानक का कार्यक्रम है, इसलिए यहां से जाऊंगा भी नहीं। रंधावा ने अपने व मुख्यमंत्री के नाम पर टेप लगा दी। ग्रामीण और शहरी विकास मंत्री तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा भी केंद्र सरकार की तरफ से इस मौके पर किए जा रहे समागम के प्रबंधों पर सख्त ऐतराज जता चुके हैं।

रंधावा ने शिलापट्ट पर अपने व सीएम के नाम के आगे काली टेप लगा दी।

बाजवा का कहना है कि पंजाब कांग्रेस की समूची लीडरशिप और इलाके के मंत्रियों को पूरी तरह नजरंदाज किया गया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय धार्मिक नेताओं ने केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल को समागम में धन्यवाद करने की दी गई जिम्मेदारी पर सख्त ऐतराज किया है। पंजाब कांग्रेस का कहना है कि यह जिम्मेदारी प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और इलाके के सांसद सुनील जाखड़ को दी जानी चाहिए थी।

जाखड़ को जाने से रोका तो खुद पहुंचे सीएम

उधर, कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ को सुरक्षा बलों ने आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं व सुरक्षा बलों के बीच नोकझोंक भी हुई है। बाद में सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद वहां पहुंचे और जाखड़ को अपने साथ ले गए।

कार्यक्रम में जाने वाले लोगों की चेकिंग करती पुलिस।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

उधर, उपराष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर  करीब पांच किलोमीटर का क्षेत्र सील कर दिया गया है। दो आइजी, एक डीआइजी, चार एसएसपी और 50 डीएसपी सहित 5000 जवान तैनात किए गए हैं। गुरदासपुर से डेरा बाबा नानक में समारोह स्थल तक जाने के लिए वाहनों को तीन स्तरीय जांच से गुजारा जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान पूरे क्षेत्र की ड्रोन की मदद से भी निगरानी की जा रही है।

कार्यक्रम स्थल पर तैनात पुलिस।

डेरा बाबा नानक में उत्सव सा माहौल, घर-घर में लंगर, कीर्तन

श्री गुरुनानक देव जी ने ‘नाम जपो, कीरत करो ते वंड छको’ की सीख दी थी। उनकी इस सीख का साक्षात प्रमाण डेरा बाबा नानक में देखने को मिल रहा है। देश-विदेश से पहुंच रहे श्रद्धालुओं के लिए कस्बे के लोगों ने दिल और घर के दरवाजे खोल दिए हैं। श्रद्धालुओं के लिए हर घर में लंगर का प्रबंध है। लगातार कीर्तन भी चल रहा है। मौका है अरसे बाद गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब का रास्ता खोलने की अरदास पूरी होने की खुशी का। संगत अरदास पूरी होने पर दिल खोलकर शुकराना अदा कर रही है।

कॉरीडोर निर्माण के नींवपत्थर के लिए हजारों की संख्या में देश-विदेश से श्रद्धालु डेरा बाबा नानक पहुंचे हैं। श्रद्धालु किसी भी घर में चलें जाएं वहां उसके लिए लंगर तैयार किया गया है। रहने का इंतजाम भी किया गया है। हर घर में गुरु नानक देव जी का कीर्तन भी लगातार चल रहा है। लोग घरों में दीपमाला भी कर रहे हैं। यही नहीं गुरुद्वारा साहिब में तो दो दिन से 24 घंटे लंगर चल रहा है। लंगर की सेवा में संगत पूरी तरह जुटी हुई है। गुरु के दर्शनों की खुशी का यह माहौल देखते ही बन रहा है। गौरतलब है कि गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब से देश-विदेश के करोड़ों सिखों की आस्था जुड़ी हुई है।