भारत में 85% घरों तक बिजली पहुंची, यहां अच्छा काम हुआ: वर्ल्ड बैंक

वाशिंगटन. वर्ल्ड बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बिजली के लिए भारत में शानदार काम हो रहा है। देश की 85% आबादी तक बिजली पहुंच चुकी है। खास बात ये है कि सरकार अभी 80% घरों में बिजली पहुंचने का दावा कर रही है, लेकिन वर्ल्ड बैंक ने इसे 5% ज्यादा बताया है। 2010 से 2016 के बीच भारत में हर साल 3 करोड़ लोगों को बिजली उपलब्ध करवाई गई जो कि दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा है।

सरकार के दावे से भी आगे वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट

– वर्ल्ड बैंक की लीड एनर्जी इकॉनोमिस्ट विवियन फोस्टर ने कहा, “ये बात आपको चौंका सकती है कि सरकार 80% घरों तक बिजली पहुंचने का दावा कर रही है, लेकिन हमारे मुताबिक ये आंकड़ा 85 फीसदी है। दुनिया के बाकी देशों की तुलना में भारत में बिजली के लिए बहुत अच्छा काम हो रहा है। हालांकि बांग्लादेश और केन्या इस मामले में भारत से भी तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं।”

सभी घरों तक बिजली पहुंचाने के लक्ष्य के करीब है भारत
– फोस्टर के मुताबिक, “भारत में इलेक्ट्रिफिकेशन अब आखिरी चरण में है। दूरदराज के ग्रामीण इलाकों तक बिजली पहुंचाने भारत के लिए एक चुनौती है। साथ ही कई इलाकों में नियमित सप्लाई का मुद्दा भी चिंता की बात है। क्योंकि 15% आबादी तक बिजली पहुंचाना अभी बाकी है। बिजली कनेक्शन हासिल करना महत्वपूर्ण है, लेकिन सप्लाई दुरुस्त करने के लिए भारत को अभी काफी काम करने की जरूरत है। हर घर तक बिजली पहुंचाने के लिए भारत का लक्ष्य डेडलाइन से पहले ही पूरा होने की उम्मीद है।”

सरकार का दावा, देश के सभी गांवों में बिजली पहुंची
– रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर दावा किया था कि देश के सभी गांवों तक बिजली पहुंच गई है। मणिपुर का लेइसांग गांव ग्रिड से जुड़ने वाला देश का आखिरी गांव है। 28 अप्रैल देश के लिए ऐतिहासिक दिन है।

– मोदी ने कहा था कि लेइसांग सहित देश के ऐसे तमाम गांवों में बिजली पहुंच चुकी है, जहां रोशनी नहीं थी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के सभी 597,464 गांवों तक बिजली पहुंच चुकी है। मोदी सरकार के सत्ता संभालने के वक्त 18,452 गांवों तक बिजली नहीं पहुंची थी।

1000 दिन का लक्ष्य 987 दिन में पूरा
– मोदी ने 15 अगस्‍त 2015 को लाल किले से एलान किया था कि अंधेरे में डूबे 18 हजार से ज्यादा गांवों में तीन साल से भी कम समय में बिजली पहुंचा दी जाएगी। इसके लिए दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना शुरू की गई थी जो 987 दिन में ही पूरी हो गई।

7.5 करोड़ घरों को अभी तक बिजली का इंतजार
– रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन (आरईसी) के मुताबिक अभी देश के सात करोड़ पांच लाख घरों तक बिजली पहुंचनी बाकी है। आरईसी के ने कहा कि बिजली कनेक्शन लेने की प्रक्रिया काफी आसान कर दी गई है।

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