भार्गव ने विधानसभा की घटना को बच्चों जैसा नाटक बताया; कमलनाथ बोले- जनादेश का सम्मान करे विपक्ष

भोपाल. भाजपा विधायक और नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें उन्होंने कहा, “कल विधानसभा में हुआ घटनाक्रम विश्वासमत नहीं था। विधायकों की संख्या की प्रामाणिकता तभी होती, जब सरकार विश्वासमत के लिए मतदान कराती। उसके बाद भाजपा व्हिप जारी करती। कल जो हुआ, वह हास्यास्पद है, वो बच्चों जैसा नाटक हुआ, जिसका कोई महत्व नहीं। कांग्रेस पार्टी को अभी खुश होने की जरुरत नहीं है।”

वहीं, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, वह प्रदेश को दलगत राजनीति में बांटना नहीं चाहती। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष से भी शुरू से यही अपेक्षा कर रही है कि वो सकारात्मक राजनीति करते हुए प्रदेश के विकास में सहयोग करे। हमें जो जनादेश मिला है, विपक्ष उसका सम्मान करे।

पार्टी पूरी तरह से एकजुट- भार्गव 
भाजपा के दो विधायकों के कांग्रेस के समर्थन में जाने से जुड़े सवाल पर भार्गव ने कहा कि अभी उनसे बात होनी है। अभी कुछ तय नहीं हुआ। विधायकों को क्या आश्वासन दिया गया है, इस पर भी चर्चा होगी। उन्होंने दावा किया कि पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है और समय आने पर इसे साबित भी कर दिया जाएगा। 

भाजपा अपने विधायकों की जासूसी नहीं करती 
नेता प्रतिपक्ष ने ये भी कहा कि कल के घटनाक्रम में कांग्रेस अकेली दौड़ी और अव्वल आई। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ, जब विपक्ष ने विधेयक पर समर्थन की बात की और सरकार के मंत्रियों ने ही उस पर मत विभाजन पर जोर दिया। एक सवाल के जवाब में भार्गव ने कहा कि भाजपा विश्वास की राजनीति करती है और अपने विधायकों की जासूसी नहीं करती।

कांग्रेस दलाली की राजनीति कर रही : सहस्त्रबुद्धे 
भाजपा के प्रदेश प्रभारी विनय सहत्रबुद्धे ने कहा कि कांग्रेस ने दो विधायकों को मिलाने के लिए जाल फेंका होगा, वह दोनों विधायक हमारे पास वापस आ जाएंगे। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि कांग्रेस घोड़ा बाजार का स्वामी बन गई है, दलाली की राजनीति कर रही है। वहीं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह बुधवार को रात ही दिल्ली से भोपाल लौट आए और उन्होंने प्रदेश कार्यालय में विधायकों की बैठक बुलाई।

भाजपा को बैकफुट पर लाई कांग्रेस 
विधानसभा में कल एक विधेयक पर मत विभाजन के माध्यम से कांग्रेस सरकार के शक्ति परीक्षण के बाद राज्य में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कल विधानसभा में विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव द्वारा मुख्यमंत्री कमलनाथ को चुनौती देने के लगभग चार घंटे बाद ही एक संशोधन विधेयक पर मतदान के जरिए कांग्रेस ने एक ओर जहां बहुमत साबित कर दिया, वहीं भाजपा के दो विधायकों को अपने पाले में लाकर विपक्ष को फिलहाल बैकफुट पर ला दिया।