भोपाल में अस्पताल की छत ढही

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में कस्तूरबा अस्पताल की इमारत का एक हिस्सा गिर जाने से तीन लोग मारे गए हैं और 24 घायल हो गए हैं.

स्थानीय पत्रकार शूर्या नियाजी के अनुसार अस्पताल की इमारत 47 साल पुरानी है. उसके पास में निर्माण कार्य भी चल रहा था. हादसे के वक्त अस्पताल में 22 मरीज और उनके रिश्तेदार मौजूद थे. इनके अलावा अस्तपाल के कर्मचारी भी वहां थे.

शुक्रवार देर रात तक नगर निगम और राष्ट्रीय आपदा टीमें मलबा हटाने के काम में जुटे रहे.

इससे पहले भोपाल के डीआईजी श्रीनिवासा वर्मा ने मीडिया को बताया कि 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है.

ये हादसा दोपहर के ढाई बजे हुआ जब अस्पताल की छत ढह गई.

‘ईंट-पत्थरों की बौछार’

हादसे के पीछे का कारण अभी तक नहीं पता चल पाया है. ये अस्पताल सरकारी कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटिड द्वारा चलाया जाता है.

अस्पताल के प्रवक्ता विनोदानंद झा का कहना था कि फिलहाल उनका मकसद लोगों को अस्पताल से सुरक्षित बाहर निकालना है, जिसके बाद वे इस बात पर गौर करेगें कि हादसे का कारण क्या था.

अस्पताल के एक कर्मचारी ने कहा कि छत अचानक ही ढह गई और ‘ईंट-पत्थरों की बौछार होने लगी.’

सन 1984 में भोपाल में विश्व का सबसे बड़ा औद्योगिक हादसा हुआ था जब यूनियन कार्बाइड के कीटनाशक के प्लांट से जानलेवा ज़हरीली गैस का रिसाव होने से हज़ारों लोगों की मौत हो गई थी.

https://www.youtube.com/watch?v=LW4sbuL7hiM

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *