मंत्री चंद्राकर ने मेडिकल कालेजों का अहम पद छोड़ा, नए विवाद को मिली हवा

रायपुर. लोक सुराज अभियान में तीन दिन से अफसरों पर बरस रहे स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर ने बुधवार को अचानक सरकारी मेडिकल कालेजों का नियंत्रण संभालने वाली स्वशासी समिति के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफे के फौरन बाद रायपुर समेत राज्य के सभी मेडिकल कालेजों की स्वशासी समितियों में अफसरों को ही आनन-फानन में अध्यक्ष भी बना दिया गया है।
– यह समिति इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती है क्योंकि सरकारी मेडिकल कॉलेजों में डाक्टरों की भर्ती से लेकर मशीनों की खरीदी जैसे बड़े फैसले यही करती है। चंद्राकर के इस्तीफे को अफसरों के साथ चल रहे नए-पुराने विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है।
-रायपुर मेडिकल कालेज की स्वशासी समिति का अध्यक्ष राज्य के स्वास्थ्य सचिव को बनाया गया है। इसके अलावा, बाकी मेडिकल कालेज जहां हैं, वहां के कमिश्नर इसके अध्यक्ष रहेंगा।
– इस कमेटी से हटने के बाद अब स्वास्थ्य मंत्री रहने के बावजूद मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों के महत्वपूर्ण फैसलों में उनका सीधा हस्तक्षेप नहीं रहेगा। क्योंकि मेडिकल कालेज और उनसे संबद्ध अस्पतालों के बारे में सारे फैसले स्वाशासी समितियां ही लेती है।
– इन समितियों को शासन की तरफ से ही असीमित अधिकार मिले हुए हैं। स्वास्थ्य मंत्री को स्वशासी समिति का अध्यक्ष ही इसलिए बनाया जाता रहा है, ताकि इन पर सत्ता की पकड़ बनी रहे। उनके अचानक इस्तीफे के इसीलिए कई मायने निकाले जा रहे हैं।
– स्वास्थ्य मंत्री के अध्यक्ष पद से हट जाने के बाद रायपुर को छोड़कर बाकी जिलों के कमिश्नर ही कमेटी के अध्यक्ष बना दिए जाएंगे। संबंधित मेडिकल कॉलेज के डीन को कमेटी का सीईओ बनाया गया है।
– प्रशासनिक हल्के में इस व्यवस्था के मायने ये बताए जा रहे हैं कि सीईओ होने के नाते अब कालेज का पूरा नियंत्रण डीन के हाथों में आ गया है और वे पॉवरफुल हो गए हैं।
– यही वजह है कि इसके पीछे डाक्टर लॉबी का हाथ होने की चर्चा है। लेकिन कहा तो यह भी जा रहा है कि अफसरशाही ने डाक्टर लॉबी को सामने रखकर प्रदेश में यह बड़ा राजनीतिक निशाना लगा दिया है।
अफसरशाही या डॉक्टर लॉबी?
सारे अफसर एक सुर से मंत्री चंद्राकर के इस्तीफे को उनका निजी फैसला करार देने में जुट गए हैं। लेकिन सियासी हलकों में इस मंत्री के खुद पद छोड़ने के पीछे की कई वजहें चर्चा में हैं। बताते हैं कि इसके पीछे डॉक्टर लॉबी का बड़ा हाथ हो सकता है। क्योंकि स्वशासी समिति की बैठक में मंत्री चंद्राकर के तेवर न सिर्फ तीखे होते थे, बल्कि कई बार वे बरस भी पड़ते थे। इस तल्खी के चलते स्वास्थ्य महकमे की नाराजगी कई बार सामने भी आ चुकी है।
अधिकार दिया- चंद्राकर
स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर का कहना है कि मेडिकल कॉलेजों का काम आसानी हो सके, इसलिए अपने अधिकार कमिश्नरों को दिए हैं और कोई मंशा नहीं है।