चंडीगढ़. प्रदेश में डायल-112 मई तक शुरू कर दिया जाएगा। इसी नंबर से सभी पुलिस, फायर, एंबुलेंस समेत सभी इमरजेंसी सेवाएं संचालित होंगी। पंचकूला में इसके लिए स्टेट कंट्रोल रूम बनाया जा रहा है। इस पर 152 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। शुक्रवार को सी-डे (सेंटर फाॅर डेवलपमैंट ऑफ एडवांस कंप्यूटिंग) को एमरजेंसी रिस्पोंस एंड स्पोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) प्रोजेक्ट के लिए वर्क ऑर्डर जारी किया गया है।

गृह मंत्री अनिल विज और डीजीपी मनोज यादव की मौजूदगी में सिविल सचिवालय में यह वर्क आर्डर दिया गया है। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए गृह मंत्री हरियाणा अनिल विज ने बताया कि हरियाणा सरकार द्वारा सी-डेक को किए जाने वाले 152 करोड रुपए के भुगतान के अतिरिक्त 630 नए इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल्स की खरीद पर लगभग 90 करोड़ रुपये की राशि भी खर्च की जा रही है।

ये व्हीकल्स विभिन्न आपातकालीन उपकरणों से लैस होंगे। उन्होंने यह भी बताया कि एक बार प्रोजेक्ट पूरी तरह से लागू हो जाने के बाद हरियाणा के प्रत्येक नागरिक को शहरी क्षेत्रों में पुलिस नियंत्रण कक्ष में काॅल करने पर 15 मिनट के भीतर व ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर आपातकालीन पुलिस सेवाएं उपलब्ध होंगी। इमरजेंसी रिस्पांस सेंटर के लिए पंचकूला के सेक्टर-1 में पहले से ही एक आधुनिक भवन का निर्माण किया है, जो पूरी कंट्रोल रूम होगा।

20 राज्यों में चल रहा है यह प्रोजेक्ट
देश में यह प्रोजेक्ट 20 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में काम कर रहा है। चार राज्यों में लागू किया जा रहा है। डीजीपी मनोज यादव ने कहा कि प्रोजेक्ट मई के अंतिम सप्ताह तक पूरी तरह से चालू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि ईआरएसएस पुलिस की सबसे महत्वाकांक्षी और बड़ा प्रोजेक्ट है जो प्रदेश के लोगों को न केवल पुलिस आपातकालीन सेवाओं, बल्कि अन्य आपातकालीन सेवाएं फायर-ब्रिगेड और एम्बुलेंस तक भी पहुंचाएगा।

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