मप्र में पोखरों में होगा मूर्ति विसर्जन

Tatpar 11 Sep 2013

भोपाल। मध्य प्रदेश में मूर्तियों के विसर्जन से जल स्त्रोतों में होने वाले जल प्रदूषण को रोकने के लिए एहतियात के तौर पर कारगर कदम उठाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में मूर्तियों के विसर्जन के लिए राज्य के सभी जल स्त्रोतों के करीब अलग से पोखर बनाए जाएंगे।

नगरीय प्रशासन विभाग ने नर्मदा नदी एवं उसकी सहायक नदियों के साथ-साथ अन्य जल-स्त्रोतों में मूर्ति विसर्जन से होने वाले प्रदूषण को रोकने के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि मूर्तियों के विसर्जन के लिए नदियों के करीब अलग से पोखरों का निर्माण किया जाए।

इसी तरह नदियों के किनारे जिन स्थानों पर धार्मिक मेले लगते हैं, वहां भी जन-समुदाय की संख्या का आकलन कर कचरे के निपटारे के लिए वैज्ञानिक उपाय किए जाएं।

साथ ही नदी किनारे होने वाले धार्मिक आयोजन के पूर्व ठोस अपशिष्ट के संग्रहण एवं निष्पादन की समुचित व्यवस्था की जाए।

जल स्त्रोतों को प्रदूषण मुक्त बनाने की कोशिशों के क्रम में भोपाल में बैरागढ़ में ब़डे तालाब के नजदीक नगर निगम द्वारा अलग से पोखर तैयार किया गया है, जहां मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा। ऎसी ही व्यवस्था भोपाल के प्रेमपुरा घाट में भी की गई है।