मरीना बीच पर समाधि के लिए खुदाई शुरू, शाम चार बजे निकलेगी करुणानिधि की अंतिम यात्रा

दक्षिण भारत के दिग्गज नेता एम करुणानिधि का लंबी बीमारी के बाद 94 साल की उम्र में मंगलवार को निधन हो गया. करुणानिधि का आज राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा. उनकी अंतिम यात्रा शाम चार बजे निकलेगी. पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री रहे करुणानिधि को 28 जुलाई से कावेरी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल ने बयान जारी कर बताया कि उन्होंने शाम 6 बजकर 10 मिनट पर आखिरी सांस ली. वे यूरिनिरी इंफेक्शन और लो ब्लड प्रेशर से पीड़ित थे. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के तमाम नेताओं ने श्रद्धांजलि दी. पीएम ने लिखा कि वे देश के वरिष्ठतम नेताओं में से एक थे.

 

LIVE UPDATE:

02.32 PM:  राजाजी हॉल के पास भगदड़ मचने से 2 लोगों की मौत हो गई है.

02.24 PM: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चन्नेई के राजाजी हॉल में पहुंचकर करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी. 

01.14 PM: करुणानिधि का पार्थिव शरीर इस वक्त राजा जी हॉल में रखा हुआ है. राजा जी हॉल के बाहर समर्थकों में धक्का मुक्की जैसे हालात बन गए हैं. शाम चार बजे से करुणानिधि की अंतिम यात्रा राजाजी हॉल से मरीना बीच तक जाएगी. मरीना बीच पर करुणानिधि की समाधि के लिए जमीन की खुदाई का काम शुरू हो गया है. सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मरीना बीच पर सेना की भी तैनाती की गई है. इस बीच खबर है कि राज्य सरकार हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगी. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने भी राजा जी हॉल में करुणानिधि के अंतिम दर्शन किए.

11:14 AM: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने राजा जी हॉल पहुंच कर पूर्व सीएम करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी. थोड़ी देर बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी पहुंचेंगे.

10.57 AM: करुणानिधि की समाधि को लेकर चली लंबी सुनवाई के बाद मद्रास हाईकोर्ट कै फैसला आया. मरीना बीच पर ही बनेगी करुणानिधि की समाधि. सरकार की ओर से इजाजत ना दिए जाने के बाद डीएमके ने दायर की थी. फैसले की खबर आते ही डीएमके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई.

10.35 AM: मरीना बीच पर करुणानिधि की समाधि होगी या नहीं, अब फैसले की घड़ी आ गई है. मद्रास हाई कोर्ट के जज ने फैसला लिखना शुरू कर दिया है.

10.15 AM: सराकरी वकील ने कहा, ”कोर्ट किसी भावना के आधार पर आदेश/फैसला नहीं देती बल्कि नियम कानून के मुताबिक तय करती है. इस याचिका में कुछ ऐसा नहीं है जिस आधार पर इसको सुना जा सके. ऐसा नहीं है कि ये सिर्फ समाधि बनाने का मुद्दा है. एक बार समाधि बन गयी तो उसके बाद वहां पर मेमोरियल भी बनाने की मांग उठने लगेगी.”

10.10 AM: करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने पहुंचे अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने डीएमके की मांग का समर्थन किया है. कमल हासन ने कहा है कि मरीना बीच पर ही समाधि बने.

10.02 AM: सराकरी वकील ने कहा, ”कोई पद पर होता है और कोई पद पर रह चुका होता है सबके लिए अलग अलग प्रोटोकॉल होता है. इस मामले में हम परंपरा का पालन कर रहे हैं वो परंपरा जो खुद करुणानिधि ने तय की. उनके कार्यकाल के दौरान 3 पूर्व सीएम की मृत्यु हुई थी लेकिन उन्हें मरीना बीच पर जगह नहीं मिली.”

सरकारी वकील ने कहा, ”ऐसा नहीं है कि हम उनका अपमान कर रहे हैं हम तो उनकी बातों और आदेशों का पालन कर रहे हैं. उल्टा याचिकाकर्ता ही करुणानिधि का अपमान कर रहे हैं जो वो उनके पहले के आदेशों की अनदेखी कर रहे हैं. याचिकाकर्ता ने प्रेस रिलीज़ को चुनौती दी है न कि किसी सरकार के आदेश को.”

09.53 AM:  सरकारी वकील ने कहा, ”1975 में के कामराज को भी मरीना बीच पर पर जगह नहीं दी गयी और वो आदेश खुद करुणानिधि ने ही जारी किया था ये कहते हुए कि वो सीएम नहीं थे. 1996 में जानकी रामचंद्रन पूर्व सीएम को भी मरीना बीच पर जगह नहीं दी गयी और वो आदेश खुद करुणानिधि ने ही जारी किया था. इसको पैरिटी( समानता) के आधार पर देखना चाहिए. सीएम ने पूछा था कि इससे पहले के मामलों में क्या किया गया था, उसी को ध्यान में रखकर ये फैसला लिया गया.”

 

09.37 AM: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत तमाम दिग्गज नेता आज चेन्नई में करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे. पीएम मोदी और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण सुबह 10 बजकर 20 मिनट पर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 12 बजकर 45 मिनट पर, अरविंद केजरीवाल 12 बजकर 35 मिनट पर, केरल के सीएम पिनाराई विजयन 1 बजकर 30 मिनट पर, कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी 12 बजकर 30 मिनट पर, तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव सुबह 10 बजकर 30 मिनट पर, आंध्रप्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू 2 बजकर 20 मिनट पर, गुलाम नबी आजाद 12 बजकर 40 मिनट पर और कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली 12 बजकर 40 मिनट पर करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने पहुंचेंगे. बिहार के नेता विपक्ष तेजस्वी यादव और उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम अखिलेश यादव भी चेन्नई जाएंगे.

 

09.34 AM: सरकार की ओर से पेश हुए वकील ने दलील देते हुए कहा, ”अगर करुणानिधि के मामले में प्रोटोकॉल फॉलो किया जा रहा है उसका दफनाने से कुछ लेना देना नहीं है, अगर प्रोटोकॉल नहीं फॉलो होता तो कहते प्रोटोकॉल नहीं फॉलो हुआ. ये एक भावनात्मक मुद्दा नहीं है. ऐसे मामलों में नियमों को देखकर ही कोई फैसला लिया जाना चाहिए.”

 

09.11 AM: हाईकोर्ट में डीएमके के वकील ने दलील रखते हुए कहा, ”एम जी रामचंद्रन को अन्नादूरई की समाधि के पास जगह दी गयी क्योंकि वो उनकी आइडियोलॉजी को फॉलो करते थे. जयललिता को जगह मिली क्योंकि वो एमजीआर को फॉलो करती थी. करुणानिधि भी अन्नादुराई को फॉलो करते थे तो उनको जगह क्यों नहीं?”

 

डीएमके के वकील ने कहा, ”आर्टिकल 21 का पालन करते हुए जगह देनी चाहिए. हम वहां बिल्डिंग बनाने की मांग नहीं कर रहे बस समाधि बनाने की मांग कर रहे हैं. केंद्र के आदेश में नही कहा गया कि पूर्व सीएम को वहां जगह नहीं दी जा सकती, तो भला किस बात पर आपत्ति है?”

 

09.04AM: हाई कोर्ट में मामले से जुड़े चार याचिकाकर्ताओं ने अपनी याचिका वापस ले ली थी. वहीं पांचवे याचिकाकर्ता का कहना था कि इस मामले में जो भी कोर्ट का आदेश होगा वह मान्य होगा. जिसके बाद कोर्ट में पांचवी याचिका को भी खारिज कर दिया. अब फिलहाल सुनवाई डीएमके की तरफ से दायर अर्जी पर चल रही है जिस पर राज्य सरकार ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है. जल्द ही हाई कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है.

 

08.52 AM: केरल के पूर्व सीएम ओमान चांडी, जयललिता की भतीजी दीपा जय कुमार, वीसीके अध्यक्ष थोल थिरूमावलावन ने भी पूर्व सीएम करुणानिधि को श्रद्धांजलि दी.

08.30 AM: सरकार ने हाई कोर्ट में दिए हलफ़नामे में कहा कि इससे पहले जिन 3 लोगों की समाधि मरीना बीच पर बनी है वो तीनों हो राज्य के तत्कालीन सीएम थे. लेकिन करुणानिधि मौजूदा सीएम नहीं थे.

 

08.15: मरीना बीच पर करुणानिधि की समाधि स्थल को लेकर मद्रास हाई कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है. डीएमके की मांग है कि मरीना बीच पर ही समाधि स्थल बने लेकिन राज्य सरकार ने इजाजत नहीं दी है.

 

08.10 AM: सूत्रों के मुताबिक करुणानिधि के निधन के चलते आज संसद नहीं चलेगी. आज संसद की कार्यवाही पर फैसला स्पीकर के साथ फ्लोर लीडर्स की बैठक में होगा. करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने में बाद संसद दिन भर के लिए स्थगित करने की संभावना ज्यादा है.

 

07.54 AM: दिग्गज अभिनेता रजनीकांत भी राजा जी हॉल पहुंचे. रजनी कांत के साथ उनकी पत्नी, बेटी ऐश्वर्या और दामाद धनुष भी आखिरी दर्शन के लिए पहुंचे.

 

07.47 AM: तमिलनाडु के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने भी पूर्व मुख्यमंत्री के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. 
07.05 AM:
तमिलनाडु के सीएम मुख्यमंत्री पलानीसामी करुणानिधि को श्रद्धांजलि देने पहुंचे. डीएमके समर्थकों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी की. बता दें कि मरीना बीच पर करुणानिधि के समाधि स्थल के लिए राज्य सरकार ने इजाजत नहीं दी है, जिसके चलते डीएमके कार्यकर्ताओं में सरकार के खिलाफ गुस्सा है.

 

07.00 AM: करुणानिधि का पार्थिव शरीर अभी अंतिम दर्शन के लिए चेन्नई के राजाजी हॉल में रखा गया है. राजा जी हॉल में अपने चहेते नेता के आखिरी दर्शन के लिए बड़ी संख्या में समर्थक उमड़े हैं. राजा जी हॉल से पहले चेन्नई की CIT कॉलोनी में रात भर पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा गया. करुणानिधि के निधन से पूरे तमिलनाडु में मातम का माहौल है, उनके चाहने वालों का रो रो कर बुरा हाल है. स्थिति को भांपते हुए राज्य में सभी शराब की दुकानें और सिनेमा हॉल बंद कर दिए गए हैं.

राजनेताओं ने जताया शोक
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, ”कलैगनार करुणानिधि के निधन से गहरा दुख हुआ है. वह भारत के वरिष्ठ नेताओं में से एक थे.” उन्होंने कहा है, ”हमने एक गहरे जड़ वाले बड़े नेता, प्रबल विचारक, पूर्ण लेखक और एक मज़बूत खो दिया है, जिसका जीवन गरीबों के कल्याण और हाशिए के लिए समर्पित था.”

 

राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने लिखा, ”श्री एम करुणानिधि के निधन के बारे में सुनकर दुख हुआ. “कलैनार” के नाम से लोकप्रिय वह एक सुदृढ़ विरासत छोड़ कर जा रहे हैं जिसकी बराबरी सार्वजनिक जीवन में कम मिलती है. उनके परिवार के प्रति और लाखों चाहने वालों के प्रति मैं अपनी शोक संवेदना व्यक्त करता हूं.”

 

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने लिखा, ”तमिल जनता के प्यारे कलैगनार तमिल राजनीति पर छह दशक से ज्यादा समय तक छाए रहे. उनके निधन से भारत ने अपना महान बेटा खो दिया है. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार तथा उन लाखों भारतीयों के साथ हैं, जिन्होंने अपने प्रिय नेता को खो दिया है.”

 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ”महान नेता के निधन की खबर सुनकर बहुत दुखी हूं. उनकी आत्मा को शांति मिले. यह देश के लिए बहुत बड़ा नुकसान है.” दक्षिण भारत के मेगास्टार रजनीकांत ने भी करुणानिधि के निधन पर शोक जताया. रजनीकांत ने कहा कि आज मेरे जीवन का काला दिन है.

 

करुणानिधि के सियासी सफर पर एक नज़र
करुणानिधि सबसे पहले साल 1957 में विधानसभा चुनाव में चुने गए थे जिस समय जवाहरलाल लाल नेहरू भारत के प्रधानमंत्री थे. उनकी खास बात ये है कि वो अपने जीवन में कभी भी विधानसभा चुनाव नहीं हारे. राजनीति में 61 साल तक सक्रिय रहने वाले करुणानिधि 13 बार राज्य के एमएलए रहे हैं और एक बार तमिलाडु के एमएलसी भी रह चुके हैं. 14 साल की उम्र में करुणानिधि पेरियार के स्वाभिमान अभियान से छात्र कार्यकर्ता के रूप में जुड़े थे.

 

साल 1957 में एम करुणानिधि सबसे पहले कुलीथलाई विधानसभा से चुने गए, इसके बाद 1962 में थंजावुर विधानसभा से चुने गए. साल 1967 और 1971 में वो सैडापेट विधानसभा से निर्वाचित हुए. इसके बाद साल 1977 और 1980 में वो अन्ना नगर विधानसभा से जीते.

 

साल 1984 में करुणानिधि ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा. श्रीलंका में तमिलों के ऊपर हुए हमलों के विरोध में उन्होंने 1983 में एमएलए पद से इस्तीफा दे दिया और वो विधान परिषद के सदस्य रहे. 1989 और 1999 में वो चेन्नई की हार्बर विधानसभा से चुनाव जीते. इसके बाद साल 1996, 2001 और 2006 में वो चेपक विधानसभा क्षेत्र से जीतकर आए. वहींसाल 2011 और 2016 में वो थिरुवरूर विधानसभा से जीते.

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