महिलाएं असुरक्षित महसूस करें तो हम “मर्द” नहीं : मोदी

Tatpar 31 Aug 2013

अहमदाबाद। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने “माताओं और बहनों” की सुरक्षा को भारतीय समाज के समक्ष एक बडा मुद्दा बताते हुए कहा कि यदि महिलाएं अपने को असुरक्षित महसूस करती हैं तो भारतीय पुरषों को स्वयं को “मर्द” कहने का कोई अधिकार नहीं है। मोदी ने कहा कि सीता और सावित्री के देश में माताओं और पुत्रियों की सुरक्षा भारतीय समाज में एक बडा सवाल हैं। नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मैं कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं करना चाहता लेकिन मैं पुरूषों से पूछना चाहता हूं कि हमारी मौजूदगी के बावजूद हमारी बहनें शांतिपूर्ण जीवन क्यों नहीं जी पा रही हैं। ऎसा क्यों है।

हमारी बहनें घर में अकेली क्यों नहीं रह पातीं! उन्होंने कहा कि अगर ऎसा है तो हमें खुद को पुरूष कहलाने का कोई अधिकार नहीं है। हमें अपने को मर्द कहने का भी कोई अधिकार नहीं है। हमें शर्म से डूब मरना चाहिए। वहीं दूसरी ओर मोदी ने उन लोगों का मजाक उडाया जो लोग इन घटनाओं के लिए महिलाओं को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने कहा कि दूषित मानसिकता वाले कुछ पुरूष ऎसे कृत्यों के लिए महिलाओं को जिम्मेदार ठहराते है। महिलाओं का कोई दोष नहीं है। दोष पुरूषों के दूषित दिमाग का है। समाज को ऎसी दूषित मानसिकता के खिलाफ लडना होगा।

मोदी ने कहा कि महिलाओं और बेटियों का उत्पीडन समाज पर एक धब्बा है जिसके खिलाफ समाज को लडना चाहिए। समाज को इस धब्बे से छुटकारा पाना चाहिए। हमें इस धब्बे से छुटकारा पाने के लिए एक सामूहिक जिम्मेदारी उठानी चाहिए। ये देश कभी भी ऎसा नहीं था। ये दूषित मानसिकताएं वो नहीं हैं जिनसे भारत सम्बद्ध है। मोदी ने इस मौके पर यूपीए सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गत 60 वषोंü से झूठे वादे करने वालों के विपरीत उनकी सरकार ने अपने वादे पूरे किए।

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