महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देशों की लिस्ट में पहले नंबर पर भारत, 2011 में था नंबर चार

ग्लोबल एक्सपर्ट्स ने एक पोल कराया है जिसमें भारत को शर्मिंदा करने वाले आंकड़े सामने आए हैं. पोल में ये बात सामने आई है कि भारत महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित देश है. ऐसा इसलिए है क्योंकि इस देश में महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा करना ज्यादा आसान है, वहीं भारत में उन्हें गुलामों जैसे कामों में झोंकना भी आसान है. इस सर्वे में भारत के बाद अफगानिस्तान और सीरिया जैसे देशों का नाम है.

 

अमेरिका तीसरे नंबर का देश
सर्वे में 550 एक्सपर्ट्स शामिल थे. सोमालिया और साऊदी अरब महिलाओं के लिए असुरक्षित देशों के मामले में चौथे और पांचवें नंबर पर हैं. भारत के इस लिस्ट में पहले नंबर पर होने के अलावा एक दंग करने वाली बात ये भी है कि इस लिस्ट में अमेरिका तीसरे नंबर पर है. महिलाओं के साथ यौन हिंसा या उन्हें सेक्स के लिए मजबूर किए जाने के मामले में अमेरिका सयुंक्त रूप से तीसरे नंबर पर है.

 

2011 के नंबर 4 से 2018 में नंबर 1 पर आया भारत
साल 2011 में ऐसा ही एक सर्वे कराया गया था. उस सर्वे में अफगानिस्तान, कॉन्गो, पाकिस्तान, भारत और सोमालिया जैसे देशों को महिलाओं के लिए सबसे ख़तरनाक करार दिया गया था. इस सर्वे के बाद एक्सपर्ट्स का कहना है कि साल 2012 के निर्भया गैंगरेप के मामले के बाद से भारत में महिला सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए.

 

हर घंटे चार महिलाओं से होता है रेप
भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2007 से 2016 के बीच महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में 83% की वृद्धी हुई है और हर घंटे चार महिलाओं के साथे रेप होता है. सर्वे में शामिल लोगों से यूएन के 193 सदस्य देशों में कौना सा देश महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित है, कहां उनके लिए हेल्थ से जुड़ी सुविधाएं सबसे ख़राब हैं, कहां उनके लिए आर्थिक हालात सबसे ख़राब हैं, कहां उनके खिलाफ सांस्कृतिक भेदभाव होता है, कहां यौन हिंसा सबसे ज़्यादा है और कहां बिना सहमति के सबसे ज़्यादा सेक्स होता है जैसे सवाल पूछे गए थे.

 

महिला बाल विकास मंत्रालय ने साधी चुप्पी
जवाब देने वालों ने भारत को मानव तस्करी, सेक्स गुलामी, घरेलू हिंसा, भ्रूण हत्या, जबरदस्ती शादी, घरों में काम काज करने वाली महिलाओं के लिहाज़ से भी सबसे ख़राब देश बताया है. महिला बाल विकास मंत्रालय ने इस सर्वे के नतीज़ों पर किसी तरह का बयान देने से साफ इंकार कर दिया है.