मानव जीवन की सार्थकता दूसरों के उत्थान में

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि दूसरों की सेवा सबसे बड़ा धर्म है और दूसरों को कष्ट देना सबसे बड़ा पाप। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की सार्थकता तभी है, जब दूसरों के उत्थान के लिये जिया जाये।

श्री चौहान रायसेन के गोमतीबाई सारंग जन-सेवा न्यास द्वारा घाट पिपरिया में नर्मदा तट पर निर्मित सदाव्रत धर्मशाला का शुभारंभ कर रहे थे। धर्मशाला में नर्मदा परिक्रमा करने वाले तीर्थ-यात्रियों के ठहरने और उनके लिये स्वास्थ्य सेवाएँ दी जायेंगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि राज्य शासन ने गरीबों के हित में अनेक जन-कल्याणकारी योजनाएँ चलायी हैं। सरकार प्रदेश के हर नागरिक के सुख-दु:ख में साथ है। उन्होंने कहा कि ओला प्रभावित किसानों को राहत देने में भी शासन द्वारा किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जायेगी। उन्होंने राज्य शासन द्वारा चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और कहा कि प्रदेश में कल्याणकारी योजनाओं के साथ विकास कार्य भी प्रगतिशील हैं। श्री चौहान ने डूमरघाट पिपरिया में हाई स्कूल बनाने की घोषणा की।

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