माल्या के एक्स्ट्राडीशन केस की सुनवाई आज

लंदन.भारत के भगोड़े बिजनेसमैन विजय माल्या के एक्स्ट्राडीशन (प्रत्यर्पण) के मामले में मंगल्वार को यहां के वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में सुनवाई होगी। क्राउन प्रॉसिक्यूशन सर्विस भारत का पक्ष रखेगा। इससे पहले अप्रैल में सुनवाई हुई थी। तब स्कॉटलैंड यार्ड ने उसे कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने गिरफ्तारी के तीन घंटे बाद ही माल्या को 4.5 करोड़ रुपए के बॉन्ड और पासपोर्ट जमा करने की शर्त पर जमानत दी थी। बता दें कि माल्या पर 17 बैंकों के 9,432 करोड़ रुपए बकाया हैं। उधर, विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा कि एक्स्ट्राडीशन आसान नहीं है। ईडी ने यूके को सभी डॉक्यूमेंट्स भेज दिए हैं। जैसे ही कानून परमिशन देगा, हम उसे भारत लाएंगे।
चैम्पियन्स ट्रॉफी में नजर आ रहे हैं माल्या…
– माल्या इन दिनों लंदन में चल रही चैम्पियन्स ट्रॉफी में नजर आ रहे हैं। वे भारत का हर मैच देखने पहुंच रहे हैं। रविवार को इंडिया-साउथ अफ्रीका का मैच देखने पहुंचे। माल्या को देखकर स्टेडियम के बाहर जमा फैन्स ने हूटिंग शुरू कर दी। एक फैन ने कहा- वो देखो चोर जा रहा है। इसके बाद वहां मौजूद कई इंडियन फैन्स ने चोर-चोर के नारे लगाने शुरू कर दिए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ।
– इससे पहले भी माल्या एजबेस्टन में इंडिया और पाकिस्तान का मैच देखते हुए नजर आए थे।
9 हजार करोड़ के कर्जदार माल्या अप्रैल में हुए थे अरेस्ट
– पिछले साल मार्च में भारत से भागे विजय माल्या (61) को स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने अप्रैल में अरेस्ट कर लिया था। भारत ने माल्या को लौटाने के लिए फरवरी में यूके से गुजारिश की थी।
– इंडियन फॉरेन मिनिस्ट्री ने एक बयान में कहा था- “माल्या को लेकर ब्रिटेन में लीगल प्रोसेस जारी है। दोनों देशों की सरकारें भी इस मसले पर संपर्क में हैं। माल्या के प्रत्यर्पण के लिए भारत सरकार ने अपील की थी। इसलिए उसे गिरफ्तार किया गया।”
ऐसे समझें पूरा मामला
कैसे हुई माल्या की गिरफ्तारी?
– इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट और CBI जैसी भारतीय एजेंसियां और मोदी सरकार माल्या की गिरफ्तारी के लिए पिछले कई महीनों से कोशिशें कर रही थीं। फरवरी को भारत ने यूके से माल्या की वापसी के लिए रिक्वेस्ट भेजी थी।
– इसके बाद मार्च में ब्रिटिश पीएम थेरेसा मे ने लंदन में अरुण जेटली से प्रोटोकॉल तोड़कर मुलाकात की थी। इस मुलाकात में माल्या को भारत को सौंपने पर चर्चा हुई थी। मार्च में ही यूके ने भारत को बताया था कि उसकी रिक्वेस्ट को विदेश मंत्रालय ने सर्टिफाई कर दिया है।
– यूके गवर्नमेंट ने आगे की कार्रवाई के लिए केस को डिस्ट्रिक्ट जज के पास भेजा। इसके बाद माल्या को एक्स्ट्राडीशन वॉरंट पर अरेस्ट किया गया। वॉरंट जारी होने के बाद माल्या खुद सेंट्रल लंदन पुलिस स्टेशन पहुंचे। वहां उन्हें अरेस्ट किया गया।
ब्रिटिश कोर्ट में साबित करना होगा अपराध, 7 फेज से गुजरना होगा
-ब्रिटेन की एक्स्ट्राडीशन प्रोसेस काफी उलझी हुई है। ब्रिटिश कानूनों के तहत अगर किसी शख्स की ब्रिटेन में संपत्ति है तो वह वहां बिना पासपोर्ट के भी रह सकता है। ऐसे में उसे भारत लाना आसान नहीं है। भारत को इन 7 फेज से गुजरना पड़ सकता है।
1.अब सीबीआई को ब्रिटिश कोर्ट में साबित करना होगा कि माल्या पर लगे आरोप ब्रिटेन के कानून के तहत भी अपराध हैं।
2.अगर आरोप साबित होते हैं तो ब्रिटिश कोर्ट उसके एक्स्ट्राडीशन का ऑर्डर दे सकता है।
3.अगर जांच एजेंसियां आरोप साबित नहीं कर सकीं तो एक्स्ट्राडीशन की उम्मीदों को झटका लग सकता है।
4.एक्स्ट्राडीशन सुनवाई के बाद आखिरी फैसला फॉरेन मिनिस्ट्री को करना होता है।
5.माल्या के पास मजिस्ट्रेट कोर्ट के फैसले को हायर कोर्ट में चुनौती देने का हक होगा।
6. लंदन कोर्ट यह भी तय करेगी कि क्या माल्या का एक्स्ट्राडीशन उनके ह्यूमन राइट्स का वॉयलेशन तो नहीं करता।
7.ऐेसे में माल्या को भारत लाने में भारतीय एजेंसी को कम से कम 10 से 12 महीने का समय लग सकता है।
कब से देश से बाहर हैं माल्या?
– 2 मार्च 2016 से ही माल्या लंदन में रह रहे हैं। इन्फोर्समेंट डायरेक्ट्रेट (ईडी) और सीबीआई को माल्या की तलाश थी। प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) से जुड़े एक मामले में मुंबई की स्पेशल कोर्ट माल्या को भगोड़ा घोषित कर चुकी थी। माल्या का पासपोर्ट भी रद्द किया गया था।
– माल्या को गिरफ्तार करने के लिए ईडी ने कोर्ट में अर्जी लगाई थी।
माल्या पर कितना कर्ज?
– 31 जनवरी 2014 तक किंगफिशर एयरलाइंस पर बैंकों का 6,963 करोड़ रुपए बकाया था। इस कर्ज पर इंटरेस्ट के बाद माल्या की टोटल लायबिलिटी 9,000 करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुकी है।
– सीबीआई ने 1000 से भी ज्‍यादा पेज की चार्जशीट में कहा कि किंगफिशर एयरलाइंस ने IDBI की तरफ से मिले 900 करोड़ रुपए के लोन में से 254 करोड़ रुपए का निजी इस्‍तेमाल किया।
– किंगफिशर एयरलाइंस अक्टूबर 2012 में बंद हो गई थी। दिसंबर 2014 में इसका फ्लाइंग परमिट भी कैंसल कर दिया गया।
– डेट रिकवरी ट्रिब्‍यूनल ने माल्या और उनकी कंपनियों UBHL, किंगफिशर फिनवेस्ट और किंगफिशर एयरलाइन्स से 11.5% प्रति साल की ब्याज दर से वसूली की प्रॉसेस शुरू करने की इजाजत दी थी।