माल्या के लिए 18 मार्च अहम: F-1 रेसिंग में जाएंगे या ईडी के सामने होंगे पेश?

नई दिल्ली/लंदन. नौ हजार करोड़ के कर्जदार विजय माल्या को मनी लॉन्ड्रिंग केस में 18 मार्च को ईडी (इन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट) के सामने पेश होना है। जबकि उसी दिन मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियन फॉर्मूला वन ग्रां प्री रेसिंग का प्रैक्टिस डे है। माल्या ब्रिटेन की फोर्स इंडिया टीम के को-ओनर हैं।
तो ईडी करेगा पासपोर्ट कैंसल करने की सिफारिश…
 – ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में पूछताछ के लिए माल्या को समन भेजा है।
– अगर 18 मार्च को माल्या हाजिर नहीं होते हैं तो ईडी उनका पासपोर्ट कैंसल करने की सिफारिश कर सकता है।
– अगर माल्या रेस में शिरकत करते हैं तो इससे उनकी लोकेशन का पता चल जाएगा।
– इसके साथ ही भारत में उनको लेकर जारी विवाद को और हवा मिल जाएगी।
– फिलहाल ईडी के पास यह जानकारी नहीं है कि माल्या कहां पर हैं।
– और न ही माल्या ने अपने प्लान के बारे में अब तक कोई इन्फॉर्मेशन दी है।
– हालांकि फेडरेशन ऑफ मोटरस्पोर्ट्स क्लब्स ऑफ इंडिया के चेयरमैन माल्या ने देश से भागने के आरोप को खारिज किया है।
– कुछ दिन पहले माल्या ने ट्वीट में कहा था कि मीडिया उनका शिकार करने में लगा है। लेकिन वह कानूनों का पालन करेंगे।
क्या सरकार माल्या पर दबाव डाल सकती है?
– अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में कहा है, “माल्या अगर भारत वापस नहीं आते हैं तो उनका पासपोर्ट रद्द करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी, जैसा कि आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी के मामले में किया गया था।
– “हमारी पहला काम माल्या को वापस लाना और उनकी प्रॉपर्टीज का खुलासा करना है।”
– “लंबी कानूनी कार्रवाई के बाद ही माल्या से 9 हजार करोड़ रुपए वसूलने की प्रॉसेस पूरी हो सकेगी।”
– “ललित मोदी के मामले में भी पासपोर्ट रद्द करने की प्रॉसेस हुई थी। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने उसे रद्द कर दिया था।”
पर्सनल जेट होंगे नीलाम, एयरबस ACJ 319 भी इसमें शामिल
सरकार माल्या की प्रॉपर्टी को नीलाम करने की तैयारी में है।
– इसमें उनके जेट भी शामिल हैं, जिनमें पर्सनल एयरबस ACJ 319 भी है।
– सरकार इसके जरिए 812 करोड़ रुपए का सर्विस टैक्स और पेनल्टी वसूलेगी।
– एयरबस के अलावा सरकार किंगफिशर एयरलाइन्स के पांच छोटे एटीआर और तीन हेलिकॉप्टर भी बेचने के बारे में सोच रही है।
– सर्विस टैक्स डिपार्टमेंट पहले ही कंपनी के एयरक्राफ्ट जब्त कर चुका है।
– बता दें कि किंगफिशर एयरलाइन्स 2012 से बंद है। बैंकों को इससे 9000 करोड़ रुपए वसूलने हैं।
कितना वसूल पाएगी सरकार?
– इस स्टैंडर्ड एयरबस A319 की मौजूदा कीमत 600 करोड़ रुपए है। इसका ऑक्शन मई में होगा।
– सर्विस टैक्स के तौर पर कंपनी का 812 करोड़ रुपए बकाया है।
– आरोप है कि कंपनी ने इसमें 32 करोड़ रुपए पैसेंजरों से वसूले थे। लेकिन उसे सर्विस डिपार्टमेंट में जमा नहीं कराया गया।
– इसके बाद ही पिछले साल डिपार्टमेंट ने माल्या को अरेस्ट करने की इजाजत मांगी थी।
– हालांकि, मुंबई मेट्रोपॉलिटन कोर्ट ने अरेस्ट करने की अपील को खारिज कर दिया था।
इंटरव्यू से किया इनकार तो पेपर ने जारी किया ईमेल
– माल्या ने किसी भी इंटरव्यू से मंगलवार सुबह इनकार कर दिया।
– माल्या ने ट्वीट कर कहा, ”यह देख कर शॉक्ड हूं कि संडे गार्डियन दावा कर रहा है कि मैंने उसे protonmail account से इंटरव्यू दिया। इस तरह के मेल के बारे में मैंने पहले कभी सुना ही नहीं।”
– इस इंटरव्यू में माल्या की तरफ से कहा गया था कि वे लीव पर हैं। उन्होंने कहा था, ”फिलहाल, भारत लौटने का यह सही वक्त नहीं है।”
– इसके बाद The Sunday Guardian ने माल्या से मेल के जरिए हुई बातचीत की डिटेल जारी कर दी है।
कोर्ट ने 5 और नॉन-बेलेबल वारंट जारी किए
– हैदराबाद कोर्ट ने विजय माल्या और अन्य के खिलाफ पांच और नॉन-बेलेबल वारंट जारी किए हैं।
– ये वारंट चेक बाउंस और फ्रॉड केस में GMR ग्रुप की पिटीशन पर जारी किए गए हैं।
– ग्रुप ने शिकायत की है कि माल्या ने पेमेंट का भुगतान नहीं किया और KFA द्वारा जारी चेक बाउंस हो गए।
– कोर्ट ने इस मामले में माल्या को 29 मार्च तक पेश होने का ऑर्डर दिया है।
कांग्रेस ने पूछा- क्या जेटली से मिलकर भागे माल्या? सरकार के सामने रखे 5 सवाल…
माल्या के देश छोड़कर जाने को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
– सोमवार को कांग्रेस स्पोक्सपर्सन रणदीप सुरजेवाला ने अरुण जेटली पर भी आरोप लगाए।
– उन्होंने कहा- “क्या देश छोड़ने से पहले माल्या ने जेटली से मुलाकात की थी?”
– सूरजेवाला ने कहा, ”मोदी सरकार ने चुनाव के दौरान विदेश से काला धन वापस लाने का वादा किया था, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।”
– ”ललित मोदी और विजय माल्या जैसे लोगों को देश से भागने का गेटवे दिया जा रहा है।”
मोदी सरकार से कांग्रेस ने पूछे ये 5 सवाल
1– क्या भारत सरकार माल्या को सौंपने के लिए यूके गवर्नमेंट पर दबाव डालेगी? क्या सरकार लोगों के 9 हजार करोड़ रुपए हासिल कर पाएगी?
2– माल्या 1 मार्च को फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली और फाइनेंस सेक्रेटरी से मिल कर गए। क्या जेटली ने मोदी को अपनी मीटिंग के बारे में बताया था? क्या वे संसद को भी बताएंगे?
3– माल्या को पकड़ने के लिए जो लुकआउट नोटिस जारी हुआ था, उसे सीबीआई ने इन्फॉर्मेशन देने वाला लुकआउट नोटिस क्यों बना दिया? ऐसा किस मकसद से किया गया?
4– एनफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) ने माल्या को पेश होने के लिए समन भेजा था। कोर्ट ने भी उनके खिलाफ नॉन-बेलेबल वारंट जारी किया है। इन सबके बावजूद माल्या देश से बाहर कैसे चले गए?
5– डियाजियो (यूनाइटेड स्पिरिट की मालिक) ने माल्या से 515 करोड़ रुपए (75 मिलियन डॉलर) की डील की थी कि वे कंपनी के बोर्ड से हट जाएं। इसमें से 40 मिलियन डॉलर माल्या के अकाउंट में पहुंच चुके हैं। सरकार इन पैसों को कैसे हासिल करेगी?
माल्या ने कहा- पर्सनल टूर पर हूं, भारत लौटने का यह सही वक्त नहीं
– माल्या ने द संडे गार्डियन को दिए इंटरव्यू में कहा है- “अभी भारत लौटने का यह सही वक्त नहीं है, क्योंकि देश में मुझे विलेन बनाया जा रहा है।”
– “मैं दिल्ली से अपने एक दोस्त के साथ एक प्राइवेट टूर पर निकला हूं। ये बिजनेस विजिट नहीं है।”
– “बीते एक साल से मेरे खिलाफ लुकआउट सर्कुलर है, लेकिन मैं देश छोड़कर नहीं भागा। अब मुझे छिपने के लिए मजबूर किया जा रहा है।”
– “बिजनेस एक रिस्क है, यह देखकर ही बैंकों ने लोन दिया था।”
– ”मैं दिल से हिंदुस्तानी हूं। यकीनन मैं वापस आना चाहता हूं।”
– ”लेकिन मैं नहीं जानता कि कब मुझे अपनी बात रखने का सही मौका मिलेगा।”
– ”मैं उम्मीद करता हूं कि एक दिन वापस आऊंगा।”
– ”भारत ने मुझे सब कुछ दिया है। इसने ही मुझे विजय माल्या बनाया है।”
ईडी ने 17 बैंकों को भी दिया नोटिस
– ईडी ने बीते शुक्रवार को 17 बैंकों को भी नोटिस दिया। उनसे किंगफिशर एयरलाइन्स को दिए गए लोन के डिटेल्स पेश करने को कहा है।
– माल्या के साथ एयरलाइन्स के पूर्व सीएफओ ए रघुनाथन को भी पेश होने को कहा गया है।
– इससे पहले राज्यसभा में लीडर ऑफ अपोजिशन गुलाम नबी आजाद ने सीबीआई के रोल पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ”सीबीआई ने अक्टूबर 2015 में माल्या के खिलाफ जारी लुकआउट नोटिस को क्यों बदला? उन्हें डिटेन किए जाने की एडवाइजरी को बदलकर सिर्फ मूवमेंट की इन्फॉर्मेशन देने को क्यों कहा गया?”
– आजाद ने सवाल उठाया कि ग्रीनपीस एक्टिविस्ट प्रिया पिल्लई को सरकार ने एयरपोर्ट पर ही रोक लिया था, जबकि उनके खिलाफ कोई कोर्ट ऑर्डर नहीं था। वहीं, सरकार माल्या के केस में यह दलील दे रही है कि कोर्ट ऑर्डर नहीं होने की वजह से उन्हें रोका नहीं जा सका।
माल्या के खिलाफ बेहद कमजोर था सीबीआई का नोटिस
– विजय माल्या किंगफिशर एयरलाइन्स चलाते थे। इस कंपनी का घाटा साल-दर-साल बढ़ता रहा। वे बैंकों से कर्ज लेते रहे।
– उन पर बकाया कर्ज 9000 करोड़ रुपए तक हो गया। उनके ट्रेडमार्क सीज किए गए। लेकिन पूरी रिकवरी नहीं हो पाई।
– इसी महीने बैंकों ने पहले कर्ज रिकवरी ट्रिब्यूनल और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
– लेकिन बुधवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट काे सरकार के ही वकीलों ने बताया कि माल्या 2 मार्च को देश छोड़कर जा चुके हैं।
– माल्या के खिलाफ सीबीआई जांच कर रही है। अब लंदन में इंडियन एम्बेसी के जरिए उनके खिलाफ कार्रवाई की कोशिशें होंगी।
– अब यह खुलासा हुआ है कि सीबीआई ने माल्या के खिलाफ अक्टूबर 2015 से लुक आउट नोटिस जारी कर रखा था। लेकिन यह इतना कमजोर था कि इसमें माल्या को हिरासत में लेने की कोई एडवाइजरी नहीं थी।