मुंबई में लोकतंत्र? अभिव्यक्ति की आजादी की हत्या

 

 

 

 

 

प्रवीण मैशेरी , रायपुर। मुंबई या महाराष्ट्र में रहना है तो उद्धव ठाकरे शिवसेना के विरुद्ध चुप रहना होगा वर्ना आपका वह हाल होगा जो कंगना का हुआ नेवी ऑफिसर मदन शर्मा का हुआ या यवतमाल में एक इलेक्ट्रॉनिक सामान के व्यापारी का हुआ बाला साहेब ठाकरे खुद एक जबरदस्त कार्टूनिस्ट थे जिसमें वह सब की फिरकी लेलेते थे आज उन्हीं का बेटा उद्धव इतना असहिष्णुता पर उतर आया है कि एक कार्टून के विरोध में हिंसा पर उतर आता है जो व्यक्ति देश की नवसेना में रहकर देश के लिये सब कुछ न्यौछावर कर देता है उसी देश में वीर शिवाजी महाराज के नाम का दुरुपयोग करने वाली तथाकथित सेना के टूचे कार्यकर्ता से उसे मार खानी पड़ती है और देखों मुंबई पुलिस की बहादुरी वह उन कार्यकर्ताओं को थाने बुलाकर पूरे सम्मान के साथ थाने से ही छोड़ देती है यह हैं कानून के रक्षक? तभी तो मदन शर्मा की बेटी शीला शर्मा को कहना पड़ा मुंबई अब रहने लायक नहीं।

कंगना ने मुंबई की तुलना POK से कर दी लोग उसका भावार्थ नहीं समझ सके उसके कहने का मतलब यही था कि पाकिस्तान POK में जो कर रहा है शिवसेना वहीं मुंबई में कर रहीं हैं तभी तो अब शीला शर्मा को कहना पड़ रहा है मुंबई अब रहनें लायक नहीं रहीं यहां लोकतंत्र खत्म किया गया है शरद पवार सोनिया यह कहकर अपना पल्ला नहीं जाड़ सकतें की जो भी घटना मुंबई में घट रहीं हैं उसके लिये गठबंधन की सरकार जवाबदेह नहीं पर साहब जनता को इतना मूर्ख मत समजो आप सरकार में भागीदार हैं तो सरकार के हर अच्छे बुरे कर्मों के लिए भी बराबर के जवाबदेही हैं।आश्चर्य तो इस बात का है BJP शासन में जिन्हें मुंबई में डर लगता था आज सुरक्षित महसूस कर रहें हैं मोमबत्ती अवॉर्ड्स वापसी गैंग अभिव्यक्ति की आजादी के नारे लगाने वाले गेटवे ऑफ इंडिया पर पोस्टर लेकर प्रदर्शन करने वाली तापसी पन्नू शाहीनबाग समर्थक दीपिका पादुकोण नसरुद्दीन सलमान शाहरुख आमिर जावेद अभिताभ सब के सब चुप है।

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