मुंबई हमले पर दिए बयान को गलत तरीके से पेश किया गया: नवाज शरीफ

इस्लामाबाद. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा कि मुंबई आतंकी हमले को लेकर दिए उनके बयान को मीडिया ने गलत तरीके से पेश किया। 12 मई को नवाज ने पहली बार एक इंटरव्यू में कहा था, “क्या हमें आतंकियों को सीमा पार जाने देना चाहिए और मुंबई में 150 लोगों को मारने देना चाहिए?” इस बीच नवाज के बयान को लेकर पाक आर्मी ने सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। 26/11 के मुंबई हमले में 166 लोग मारे गए थे। 10 में से 9 आतंकियों को मार गिराया गया था। कसाब को जिंदा पकड़कर फांसी दे दी गई थी।

भारतीय मीडिया ने बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया
– शरीफ के प्रवक्ता ने कहा, “नवाज शरीफ के मुंबई हमलों पर दिए गए बयान को भारतीय मीडिया ने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। ये भी दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान के इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया में इस बात को लेकर हंगामा मचा। मीडिया ने जो बातें सामने रखीं, उसमें किसी तरह की सच्चाई नहीं थी।”
– “पीएमएल-एन देश की एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी है और नवाज शरीफ उसके बड़े नेता है। उन्हें अपनी प्रतिबद्धताओं और क्षमताओं के लिए किसी को कोई सर्टिफिकेट देने की जरूरत नहीं है। वो नवाज शरीफ ही थे, जिन्होंने देश की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे कठिन फैसला लिया। इसके बाद पाक ने मई, 1998 में परमाणु परीक्षण किया।”
– वहीं, नवाज के बयान पर पाक तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान ने कहा, “शरीफ, नरेंद्र मोदी की भाषा बोल रहे हैं। वे पाकिस्तान के दुश्मनों की मदद कर रहे है, जिससे देश को नुकसान हो सकता है।”

पाक आर्मी ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक
– नवाज के बयान पर पाक आर्मी ने सोमवार को एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है।
– आर्मी के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर ने ट्विटर पर बताया कि प्रधानमंत्री शाहिद खाकान अब्बासी ने नेशनल सिक्युरिटी कमेटी की बैठक बुलाने का सुझाव दिया था।

पाक में अभी भी आतंकी संगठन सक्रिय
– अखबार डॉन को दिए इंटरव्यू में नवाज शरीफ ने कहा, “पाकिस्तान में अभी भी आतंकी संगठन सक्रिय हैं। क्या हम उन्हें सीमा पार कर मुंबई में घुसकर 150 लोगों को मारने का आदेश दे सकते हैं?क्या कोई मुझे इस बात का जवाब देगा? हम तो केस भी पूरा नहीं चलने देते।” बता दें कि हाल ही में पाक ने 26/11 के मुंबई हमले की पैरवी कर रहे मुख्य वकील चौधरी अजहर को हटा दिया गया था।
– नवाज ने ये भी कहा, “अगर आप कोई देश चला रहे हैं तो उसी के साथ में दो या तीन समानांतर सरकारें नहीं चला सकते। इसे बंद करना होगा। आप संवैधानिक रूप से केवल एक ही सरकार चला सकते हैं।”
– नवाज ने कहा, “मुझे अपने लोगों ने सत्ता से बेदखल कर दिया। कई बार समझौते करने के बाद भी मेरे विचारों को स्वीकार ही नहीं किया गया। अफगानिस्तान की सोच को मान लिया जाता है, लेकिन हमारी नहीं।”